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Showing posts from May, 2026

सवाल यह नहीं कि चेयरमैन कौन बना, सवाल यह है कि दक्षिणी हरियाणा से कोई क्यों नहीं बना....? या फिर दूसरा—क्या दक्षिणी हरियाणा की पैरवी उतनी मजबूत नहीं हो पाई जितनी होनी चाहिए थी...? क्या कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर होगी...? फिलहाल इतना तय है कि चेयरमैनों की सूची से ज्यादा चर्चा उस नाम की हो रही है जो सूची में नहीं था—दक्षिणी हरियाणा

  चार को टिकट, चालीस को इंतज़ार? दक्षिणी हरियाणा में उठते सवाल और राव इंद्रजीत की परीक्षा राजनीति में जीत सिर्फ चुनाव जीतने का नाम नहीं होती, असली जीत तब होती है जब कार्यकर्ता खुद को सम्मानित और प्रतिनिधित्व महसूस करे। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में यदि किसी एक नेता का नाम सबसे प्रभावशाली चेहरों में लिया जाता है तो वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह हैं। वर्षों से उनकी राजनीतिक पकड़, संगठन पर प्रभाव और टिकट वितरण में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। माना जाता है कि जिस उम्मीदवार के सिर पर राव साहब का हाथ हो, उसकी टिकट की राह आसान हो जाती है और जीत की संभावना भी बढ़ जाती है। लेकिन निगमों और बोर्डों के चेयरमैनों की हालिया सूची ने दक्षिणी हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह नहीं कि चेयरमैन कौन बना। सवाल यह है कि दक्षिणी हरियाणा से कोई क्यों नहीं बना? क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चा है कि विधानसभा चुनावों में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर पार्टी को मजबूत किया। टिकटों के समय भी क्षेत्र की राजनीतिक ताकत दिखाई द...

हरियाणा-BJP अध्यक्ष की कुर्सी: 3 साल का कार्यकाल था, 2 साल ही रहे बड़ौली,इस कारण बड़ौली को हटाने का फैसला लिया...बड़ौली का विवादों से भरा रहा है कार्यकाल,खट्‌टर से दूरी, सीएम से नजदीकी

  हरियाणा में 43 साल बाद महिला को राज्य के संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। सबसे खास बात यह है कि बड़ौली को 2024 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन उन्हें एक साल पहले ही चलता कर दिया गया। राजनीति के जानकारों का मानना है कि हरियाणा में भाजपा गैर जाट वोटरों के बाद महिला वोटरों को अपनी ओर झुकाव करना चाहती है। इसी तरह पंजाब में सिख वोटरों पर भाजपा की नजर है। पंजाब में पहली बार सिख चेहरे को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौपी गई है। हरियाणा में महिला वोटरों की अहम भूमिका 2024 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों के हिसाब से आंकलन करें तो हरियाणा में महिलाओं की भूमिका अहम रहने वाली है। पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या लगभग आधी है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के आधार पर हरियाणा में महिला वोटरों की संख्या 1,56,96,906 मतदाताओं में से 71,84,122 महिलाएं और 85,12,784 पुरुष हैं। गुरुग्राम लोकसभा सीट पर महिला वोटरों की संख्या 830678, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में 624192, कुरुक्षेत्र में 670866, अंबाला में 761111 और फरीदाबाद में 744722 महिला वोटर हैं। इस ...

हरियाणा में किताब खरीद में गड़बड़ी, 8 पब्लिशर्स ब्लैकलिस्ट:CAG रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, सरकारी कॉलेजों में नहीं खरीदी जा सकेंगी इनकी बुक्स

  पंचकूला 8 घंटे पहले हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशालय। फाइल फोटो हरियाणा के सरकारी कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में किताबों की खरीद में हुई बड़ी गड़बड़ी पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग (DGHE) के महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) ने आदेश जारी कर देश के 8 बड़े बुक पब्लिशर्स को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब सूबे का कोई भी सरकारी कॉलेज इन पब्लिशर्स से किसी भी तरह की किताब नहीं खरीद सकेगा। दरअसल, प्रदेश के 149 सरकारी कॉलेजों की लाइब्रेरी के लिए की गई किताबों की खरीद में कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का मामला निकला था। जांच में सामने आया कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर बिना कॉलेजों में किताबें पहुंचे ही पब्लिशर्स को एडवांस में करोड़ों का भुगतान कर दिया था। कई कॉलेजों में किताबें आज तक पहुंची ही नहीं। इस पूरी खरीद प्रक्रिया में पब्लिशर्स और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई। ये रही ब्लैकलिस्ट के पीछे वजह प्राइस टैगिंग में हेरफेर: पब्लिशर्स ने किताबों की मूल कीमत (Original Price) से कई गुना ...

हरियाणा में चेयरमैन-वाइस चेयरमैन को अब ग्रुप-ए जैसी सुविधाएं:₹75 हजार सैलरी, गाड़ी और स्टाफ मिलेगा; सदस्यों के वेतन और भत्ते भी तय किए

  हरियाणा सीएम नायब सैनी। हरियाणा सरकार ने गैर-सरकारी चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों के लिए पहली बार एक जैसी सर्विस शर्तें तय कर दी हैं। अब अलग-अलग बोर्ड, निगम और समितियों में नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं और सैलरी को लेकर भ्रम खत्म होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कौन कितना वेतन, भत्ता और सुविधा पाएगा। नई पॉलिसी के तहत चेयरमैन को हर महीने 75 हजार रुपए तक मानदेय, 50 हजार रुपए तक मकान किराया भत्ता, सरकारी गाड़ी-ड्राइवर और स्टाफ की सुविधा मिल सकेगी। वहीं वाइस चेयरमैन को 45 हजार रुपए तक मानदेय और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। नियमित जिम्मेदारी निभाने वाले सदस्यों को 30 हजार रुपए तक मानदेय मिलेगा। सरकार ने टेलीफोन, मोबाइल, यात्रा भत्ता, मेडिकल सुविधा और स्टाफ कार तक के नियम भी तय कर दिए हैं। खास बात यह है कि अब इन पदों पर बैठे लोगों को ग्रुप-ए अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेगी। खास बात यह है कि अब इन पदों पर बैठे लोगों को ग्रुप-ए अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेगी। सरकार के इस कदम से अलग-अलग बोर्ड, निगम और समितियों में नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मिलने वाली ...

REWARI :राव नरबीर की सक्रियता बढ़ाकर भाजपा ने चुनाव से पहले भाजपा ने विकल्प तैयार करने की कवायद शुरू कर दी, रामपुरा हाउस की राजनीतिक विरासत संभाल चुकी आरती पर पार्टी शायद अभी इतना बड़ा रिश्क लेना नहीं चाहती,राव इंद्रजीत सिंह ने 2029 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, बाद में खुद ही अपने इस बयान से पलट गए थे, 76 के हो चुके राव चुनाव तक 80 के पार पहुंच जाएंगे, उम्र के इस पड़ाव पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ

राव नरबीर को रेवाड़ी की कमान; नूंह संभालेंगे विपुल गोयल:गुरुग्राम पहले ही सीएम के पास, राव इंद्रजीत की लोकसभा में सरकार का बड़ा बदलाव प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी में जिला ग्रीवेंस चेयरमैन की नई सूची में रेवाड़ी की कमान राव नरबीर सिंह और नूंह की विपुल गोयल को सौंपी दी है।अब तक रेवाड़ी की जिम्मेदारी विपुल गोयल के पास थी। एक तरफ जहां सरकार के इस फैसलें के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं तो दूसरी तरफ राव नबरबीर के आने से अफसरों की भी बेचैनी बढ़ने लगी है। राजनीति के जानकार नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका में निकाय चुनाव में मिली जीत के बाद इस बदलाव को सियासी चश्मे से देख रहे हैं। 2014 से अब तक राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा विशेषकर अहीरवाल में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे है। राव इंद्रजीत सिंह ने 2029 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। बाद में खुद ही अपने इस बयान से पलट गए थे। 76 के हो चुके राव चुनाव तक 80 के पार पहुंच जाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। ऐसे कयास लगने लगे हैं कि राव नरबीर की सक्रियता बढ़ाकर भाजपा ने चुनाव से पहले भाजपा ने विकल्प तैयार करने की कव...

REWARI: कांग्रेस में भीतरघात से हारी निहारिका चौधरी,कांग्रेस की कलह हार के बाद सामने आई जिलाध्यक्ष बोले-जयचंदों ने हराया, हमारा मुकाबला विनिता पीपल से नहीं था विनिता पीपल को हमने अपने वार्ड में ही हरा दिया,भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी,पार्टी कार्यकर्ता एकजुट नहीं हो पाए, जिस कारण हमें अकेले चुनाव लड़ना पड़ा,2020 में विनिता पीपल, प्रवीण चौधरी से पार्षद का चुनाव हार गई थी

  प्रवीण चौधरी का खुलासा—जयचंदों के सिर फोड़ा कांग्रेस ने हार का ठीकरा; सवालों में कैप्टन हाउस; किसने खेला ब्लैकमेलिंग का खेल? खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी... रेवाड़ी कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा; भीतरघात के कारण हुई नेहारिका की हार  पार्टी के दम पर नहीं, अपने समर्थको के दम पर लड़ा चुनाव -प्रवीण चौधरी चुनाव में हमारे प्रति बड़े स्तर पर की गई गिरोहबंदी - नेहारिका को नहीं मिला पार्टी का सहयोग पार्टी हाईकमान से करेंगे शिकायत रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव हारने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी प्रवीण चौधरी वीरवार को पहली बार सामने आए। उन्होंने कहा, विनिता को हमने उनके चुनाव में हरा दिया, हमारे सामने भाजपा का पूरा संगठन चुनाव लड़ा। राव इंद्रजीत सिंह ने भी पूरी ताकत लगा दी। कांग्रेस को तो पार्टी के जयचंदों ने हराया। उन्होंने कहा इन जयचंदों की आवाज मैं सबूतों के साथ पार्टी प्लेटफार्म पर उठाउंगा। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव चुनाव में हमारे साथ खड़े थे, परंतु पार्टी कार्यकर्ता एकजुट नहीं हो पाए। जिस कारण हमें अकेले चुनाव लड़ना पड़ा। हमने विनिता को वार्ड में हराया ...

REWARI :चाचा से टूटा रिश्ता, हुड्डा से बढ़ी नज़दीकियां, सतीश यादव ने राव इंद्रजीत को दिया खुला राजनीतिक झटका,कभी ‘चाचा’ कहकर साथ घूमने वाले सतीश यादव अब कांग्रेस के मंच पर, निहारिका चौधरी को समर्थन देकर रेवाड़ी की राजनीति में मचा दी हलचल,रेवाड़ी की राजनीति में एक बार फिर पुराने रिश्तों की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं,यह सिर्फ समर्थन नहीं… सीधा राजनीतिक संदेश है,सतीश यादव भले रेवाड़ी विधानसभा में खुद चुनावी समीकरण न बदलते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और संगठन क्षमता को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी,सबसे बड़ा सवाल — निशाना कौन.....?

  “चाचा से टूटा रिश्ता, हुड्डा से बढ़ी नज़दीकियां! सतीश यादव ने राव इंद्रजीत को दिया खुला राजनीतिक झटका” कभी ‘चाचा’ कहकर साथ घूमने वाले सतीश यादव अब कांग्रेस के मंच पर, निहारिका चौधरी को समर्थन देकर रेवाड़ी की राजनीति में मचा दी हलचल रेवाड़ी की राजनीति में एक बार फिर पुराने रिश्तों की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। कभी राव इंद्रजीत सिंह के सबसे करीबी माने जाने वाले पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव ने अब खुलकर कांग्रेस का समर्थन कर दिया। राजनीति में जिन रिश्तों को कभी “चाचा-भतीजा” की मिसाल माना जाता था, आज वही रिश्ते इतनी दूरियां तय कर चुके हैं कि दोनों दशकों से एक-दूसरे से नजरें तक नहीं मिला पा रहे। रेवाड़ी में उस समय सियासी पारा अचानक चढ़ गया जब दीपेंद्र सिंह हुड्डा खुद सतीश यादव के प्रतिष्ठान पर पहुंचे और वहीं से ऐलान हुआ कि कांग्रेस प्रत्याशी निहारिका चौधरी को सतीश यादव का खुला समर्थन मिलेगा। यह सिर्फ समर्थन नहीं… सीधा राजनीतिक संदेश है सतीश यादव भले रेवाड़ी विधानसभा में खुद चुनावी समीकरण न बदलते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और संगठन क्षमता को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। विधानसभा चुनावों ...

कांग्रेस का BJP पर हमला, भाजपा पर टिकट बेचने के आरोप,पार्टी में ऊपर से नीचे तक टिकटों की खरीद-फरोख्त हुई है,भाजपा ने अपने ही कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर पैसों के दम पर टिकट बांटे,भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया,भ्रष्टाचार और बदहाल व्यवस्था का मुद्दा

  🔴 रेवाड़ी में सियासी गर्मी तेज: कांग्रेस का हमला, भाजपा पर टिकट बेचने के आरोप 📍 राव नरेंद्र बोले— बदलाव जरूरी 📍 चिरंजीव राव का बड़ा आरोप— “भाजपा ने टिकट बेचे” रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। एक तरफ कांग्रेस के दिग्गज नेता लगातार सभाएं कर जनता से समर्थन मांग रहे हैं, तो वहीं भाजपा पर सीधे और तीखे आरोपों की बौछार भी शुरू हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने रेवाड़ी पहुंचकर साफ कहा कि शहर में अब बदलाव बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है और कांग्रेस को मजबूत समर्थन मिल रहा है। ⚡ भाजपा पर सीधा वार— “टिकट बेचे गए” पूर्व विधायक चिरंजीव राव ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 👉 पार्टी में ऊपर से नीचे तक टिकटों की खरीद-फरोख्त हुई है 👉 भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने ही कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर पैसों के दम पर टिकट बांटे हैं। 🚫 “कार्रवाई होगी, बागियों को नहीं बख्शेंगे” चिरंजीव राव ने साफ चेतावनी दी— 👉 कांग्रेस में ब...

रेवाडी व धारूहेडा नगर निकाय व हरियाणा-केन्द्र में सरकार तीनों जगह ट्रिपल इंजन सरकार होने पर भी रेवाडी, धारूहेडा का विकास क्यों नही हुआ,फिर ट्रिपल इंजन सरकार का लोगों को क्या फायदा,और दोनो नगर निकायों में केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह के अनुसार भ्रष्टाचार क्यों था,यदि दस सालों में रेवाडी व धारूहेडा में कुछ विकास हुआ और भाजपा ने अपने पूर्व के वादे पूरे किये तो चुनाव भाषण में भाजपा नेताओं ने उसकी चर्चा क्यों नही की.....?

  रेवाडी व धारूहेडा नगर निकाय व हरियाणा-केन्द्र में सरकार तीनों जगह ट्रिपल इंजन सरकार होने पर भी रेवाडी, धारूहेडा का विकास क्यों नही हुआ,फिर ट्रिपल इंजन सरकार का लोगों को क्या फायदा,और दोनो नगर निकायों में केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह के अनुसार भ्रष्टाचार क्यों था,यदि दस सालों में रेवाडी व धारूहेडा में कुछ विकास हुआ और भाजपा ने अपने पूर्व के वादे पूरे किये तो चुनाव भाषण में भाजपा नेताओं ने उसकी चर्चा क्यों नही की.....? मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इन्द्रजीत सिंह से सवाल किया कि विगत दस सालों से रेवाडी, धारूहेडा में ट्रिपल इंजन सरकार होने पर भी यहां का न तो अपेक्षित विकास हुआ और न ही नागरिक आधारभूत ढांचा मजबूत हुआ और न ही नागरिकों को अपेक्षित  सुविधाएं मिली, फिर ट्रिपल इंजन सरकार का लोगों को क्या फायदा। नगर निकाय चुनाव के लिए रेवाडी व धारूहेडा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी व राव इन्द्रजीत सिंह अपने लाव-लश्कर के साथ आये और ट्रिपल इंजन सरकार के लाभ गिनाकर ट्रिपल इंजन सरकार पर बड़े-बड़े दमगज्जे मारे। सवाल उठता है कि जब विगत दस सालों से रेवाडी...

रेवाड़ी में सियासी ‘खेला’: नरबीर सिंह ने मारी बाजी, इंद्रजीत सिंह बैकफुट पर, मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद बदला पूरा समीकरण, 320 दिन का संघर्ष खत्म,रेवाड़ी की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले राव इंद्रजीत सिंह इस घटनाक्रम में अपेक्षाकृत शांत नजर आए,राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मैदान में चाल नरबीर सिंह ने चली और फायदा भी वही ले गए

  रेवाड़ी में सियासी ‘खेला’: नरबीर सिंह ने मारी बाजी, इंद्रजीत सिंह बैकफुट पर! 🔴 मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद बदला पूरा समीकरण, 320 दिन का संघर्ष खत्म रेवाड़ी की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी मोड़ देखने को मिला है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के दौरे के दौरान रामगढ़-भगवानपुर के लिए 8 एकड़ जमीन पर आयुर्वेदिक कॉलेज, अस्पताल और खेल स्टेडियम की घोषणा ने पूरे इलाके का राजनीतिक माहौल बदल दिया। 🟡 घोषणा के साथ बदला माहौल जैसे ही मुख्यमंत्री ने बड़ी सौगात का ऐलान किया, राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई कि इस उपलब्धि का श्रेय किसे मिलेगा। इसी बीच उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने अपनी सक्रियता और मजबूत पकड़ के चलते बाजी मार ली। स्थानीय स्तर पर उनके समर्थकों ने इसे उनकी रणनीति और क्षेत्र में मजबूत नेटवर्क का परिणाम बताया। 🔥 इंद्रजीत सिंह क्यों दिखे बैकफुट पर? रेवाड़ी की राजनीति में लंबे समय से प्रभाव रखने वाले राव इंद्रजीत सिंह इस घटनाक्रम में अपेक्षाकृत शांत नजर आए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार मैदान में चाल नरबीर सिंह ने चली और फायदा भी वही ले गए। 🧠 सियासी संकेत क्या हैं? क्...

पूनम यादव ने पिछला नगर परिषद चुनाव भाजपा की टिकट पर लड़ा था और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आशीर्वाद से जीत हासिल की थी,❓ अब क्यों उठ रहे सवाल..? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस 5 साल के कार्यकाल को लेकर भाजपा को जनता के बीच जाना चाहिए था, उसी चेयरपर्सन को अब पार्टी से निष्कासित करना क्या संकेत देता है..? क्या 5 साल का कार्यकाल सवालों के घेरे में..? अब नजर इस बात पर है कि पार्टी इस फैसले के बाद जनता के बीच क्या संदेश लेकर जाती है

  🚨 रेवाड़ी की सियासत में भूचाल: पूर्व चेयरपर्सन पूनम यादव 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित रेवाड़ी की राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन पूनम यादव को पार्टी ने 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। इस फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 🗳️ भाजपा टिकट पर जीती थीं चुनाव बता दें कि पूनम यादव ने पिछला नगर परिषद चुनाव भाजपा की टिकट पर लड़ा था और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आशीर्वाद से जीत हासिल की थी। उनका 5 साल का कार्यकाल भाजपा के लिए एक बड़ा राजनीतिक आधार माना जा रहा था। ❓ अब क्यों उठ रहे सवाल? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस 5 साल के कार्यकाल को लेकर भाजपा को जनता के बीच जाना चाहिए था, उसी चेयरपर्सन को अब पार्टी से निष्कासित करना क्या संकेत देता है? क्या यह कदम अंदरूनी खींचतान का नतीजा है, या फिर बीते कार्यकाल को लेकर कोई बड़ी बात सामने आने वाली है? ⚠️ क्या 5 साल का कार्यकाल सवालों के घेरे में? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सब कुछ सही रहा होता, तो पार्टी अपने ही चेहरे को इस तरह बाहर का रास्ता नही...

रेवाड़ी की पूर्व चेयरपर्सन पूनम यादव, धारूहेड़ा के पूर्व चेयरमैन कंवर सिंह सहित 15 लोग भाजपा से 6 साल के लिए निष्कासित

  रेवाड़ी। मुख्यमंत्री के रेवाड़ी दौरे से पहले भाजपा ने रेवाड़ी नगर परिषद की निवर्तमान चेयरपर्सन पूनम यादव और उनके पति बलजीत यादव और धारूहेड़ा नगर पालिका के निवर्तमान चेयरमैन कंवर सिंह समेत बागी हुए 15 नेताओं को अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई करते हुए 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया है। नगर निकाय चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के चलते भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा एक्शन लिया है भाजपा ने 15 लोगों को 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है इन 6 लोगों में वह दो बड़े नाम है। रेवाड़ी नगर परिषद की पूर्व चेयरपर्सन पूनम यादव उनके पति बलजीत यादव के साथ ही धारण नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष कंवर सिंह यादव को भाजपा ने 6 साल के लिए निष्कासित किया है। दरअसल यह कार्रवाई उन लोगों पर हुई है जो भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं प्रत्याशियों के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं देखिए बीजेपी ने किन 15 लोगों पर की है कार्रवाई। बलजीत भी कर रहे भाभी की मदद निवर्तमान चेयरमैन पूनम यादव और उनके पति बलजीत अपनी भाभी शर्मिला की मदद करते हुए पार्टी प्रत्याशी को वार्ड में नुकसान पहुंचाने का...

रेवाड़ी के वार्ड-12 में 450 वोटर जोड़ने पर बवाल:बूथ शिफ्ट विवाद, बीएलओ पर BJP के पक्ष में काम करने का आरोप

  रेवाड़ी के भाजपा कार्यालय में नारेबाजी करते उत्तम नगर के लोग। (फाइल फोटो) रेवाड़ी शहर के वार्ड 12 में वोटर जोड़ने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। बूथ राव तुलाराम स्टेडियम से सज्जन सोसाइटी में वोटर शिफ्ट करने का विवाद अभी थमा भी नहीं था, अब फाइनल मतदाता सूची में 450 से अधिक नए वोटरे जोड़ने का मामला सामने आया है। निर्दलीय उम्मीदवार ने बीएलओ को सज्जन सोसाइटी का प्रधान बताते हुए भाजपा उम्मीदवार के लिए काम करने का आरोप लगाया है। 12 पिछले तीन दिन से सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसा पहले कभी नहीं देखा- निर्दलीय प्रत्याशी निर्दलीय उम्मीदवार गजेंद्र ने कहा कि कल तक हमारा मामला बूथ शिफ्ट करने का था। रात को 450 से 600 मतदाताओं की एक नई लिस्ट जारी हो गई। जिसमें हमारे केवल पांच मतदाता शामिल किए है और बाकी सभी भाजपा उम्मीदवार के हैं। सप्लीमेंटरी लिस्ट में एक साथ इतने मतदाताओं को शामिल करना इससे पहले न तो कभी सुना और ना देखा। भाजपा उम्मीदवार निखिल माढैया के पिता सज्जन से बीएलओ दयानंद को अपनी अवैध सोसायटी का प्रधान बनाया हुआ है, जो दिन रात उनके इशारे पर काम कर रहा हैं। पहले प्राइवेट सोसाइटी के प्राइव...

Vyas Media Network

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