दक्षिणी हरियाणा की सियासत में इन दिनों एक बड़ा सवाल , क्या भाजपा अपने ही नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक प्रभाव को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। क्षेत्र में एक के बाद एक महत्वपूर्ण नियुक्तियों से पार्टी के भीतर बदलते शक्ति समीकरणों को इसी नजरिये से देखा जा रहा है।राव इंद्रजीत सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से राजनीति से संन्यास लेने की बात कह चुके हैं। लेकिन राजनीति में एक तों संन्यास खुद लिया जाता है और दूसरा संन्यास दिलाया जाता हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया तंत्र में सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति उनकी मां और पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक जैसे बड़े राज्य का राज्यपाल बनाया जाना तथा अब अनुरुध यादव को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का ओएसडी नियुक्त किया जाना अहीरवाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। अनुरुध यादव पूर्व चेयरमैन अरविंद यादव के बेटे हैं। उनकी नियुक्ति को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर हुआ फैसला माना जा रहा है लेकिन इसके सियासी मायने भी निकले जा रहे हैं।अरविंद यादव और राव इंद्रजीत सिंह के बीच लंबे समय से छतीस का आंकड़ा रहा है।...
एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा—अटेली की विधायक और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मंच पर क्यों नहीं थीं...? जब कोई नेता लगातार सक्रिय हो और अचानक किसी महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कार्यक्रम के मंच पर दिखाई न दे, तो सवाल उठते हैं
आरती सिंह राव का मंच पर न दिखना बना चर्चा का विषय, सवाल यात्रा से ज्यादा कार्यक्रम की पटकथा पर दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनमें जितना दिखाई देता है, उससे कहीं ज्यादा चर्चा उस बात की होती है जो दिखाई नहीं देती। 27 सितंबर को सेवा संकल्प यात्रा के हरियाणा प्रवेश के मौके पर नांगल चौधरी के गोदबलाहा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में स्वागत कार्यक्रम हुआ। यात्रा के स्वागत के लिए मंच सजा, नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी रही तथा स्थानीय स्तर पर विभिन्न मांगें भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गईं। कार्यक्रम के बाद हालांकि पूरे महेंद्रगढ़ जिले में एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में रहा—अटेली की विधायक और हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मंच पर क्यों नहीं थीं? कार्यक्रम बदला, सवाल भी बदल गए दिलचस्प बात यह है कि कार्यक्रम का स्थान पहले अटेली प्रस्तावित बताया गया था, लेकिन बाद में इसे राजस्थान सीमा से सटे गोदबलाहा में कर दिया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार स्थान परिवर्तन मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम और समय की कमी से जुड़ा था; स्वास्थ्य मंत्री ...