रेवाड़ी शहर में गोल चक्कर के पास बिजली के ट्रांसफॉर्मर से करंट लगने के कारण एक गाय की मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और गौ रक्षा दल के सदस्यों ने नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल के घर पहुंचकर हंगामा किया। गौ रक्षा दल के सदस्यों ने चेयरपर्सन पर धक्के देकर घर से बाहर निकलवाने का आरोप लगाया जानकारी के अनुसार, गोल चक्कर के पास लगे बिजली ट्रांसफॉर्मर के निकट एक गाय पहुंच गई। जैसे ही वह ट्रांसफॉर्मर के संपर्क में आई, उसे जोरदार करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के कारण आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी दो घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और बिजली निगम तथा नगर परिषद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे धक्के देकर घर से बाहर निकलवाने का आरोप गाय की मौत की सूचना मिलने के बाद गौ रक्षा दल के सदस्य नगर परिषद चेयरपर्सन विनीता पीपल के आवास पर पहुंच गए। वहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। गौ रक्षा दल के सदस्यों ने आरोप लगाया कि चेयरप...
रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया
रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?* *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...