हरियाणा में 43 साल बाद महिला को राज्य के संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। सबसे खास बात यह है कि बड़ौली को 2024 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन उन्हें एक साल पहले ही चलता कर दिया गया। राजनीति के जानकारों का मानना है कि हरियाणा में भाजपा गैर जाट वोटरों के बाद महिला वोटरों को अपनी ओर झुकाव करना चाहती है। इसी तरह पंजाब में सिख वोटरों पर भाजपा की नजर है। पंजाब में पहली बार सिख चेहरे को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौपी गई है। हरियाणा में महिला वोटरों की अहम भूमिका 2024 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों के हिसाब से आंकलन करें तो हरियाणा में महिलाओं की भूमिका अहम रहने वाली है। पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या लगभग आधी है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के आधार पर हरियाणा में महिला वोटरों की संख्या 1,56,96,906 मतदाताओं में से 71,84,122 महिलाएं और 85,12,784 पुरुष हैं। गुरुग्राम लोकसभा सीट पर महिला वोटरों की संख्या 830678, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में 624192, कुरुक्षेत्र में 670866, अंबाला में 761111 और फरीदाबाद में 744722 महिला वोटर हैं। इस ...
हरियाणा में किताब खरीद में गड़बड़ी, 8 पब्लिशर्स ब्लैकलिस्ट:CAG रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, सरकारी कॉलेजों में नहीं खरीदी जा सकेंगी इनकी बुक्स
पंचकूला 8 घंटे पहले हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशालय। फाइल फोटो हरियाणा के सरकारी कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में किताबों की खरीद में हुई बड़ी गड़बड़ी पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग (DGHE) के महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) ने आदेश जारी कर देश के 8 बड़े बुक पब्लिशर्स को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब सूबे का कोई भी सरकारी कॉलेज इन पब्लिशर्स से किसी भी तरह की किताब नहीं खरीद सकेगा। दरअसल, प्रदेश के 149 सरकारी कॉलेजों की लाइब्रेरी के लिए की गई किताबों की खरीद में कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का मामला निकला था। जांच में सामने आया कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर बिना कॉलेजों में किताबें पहुंचे ही पब्लिशर्स को एडवांस में करोड़ों का भुगतान कर दिया था। कई कॉलेजों में किताबें आज तक पहुंची ही नहीं। इस पूरी खरीद प्रक्रिया में पब्लिशर्स और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई। ये रही ब्लैकलिस्ट के पीछे वजह प्राइस टैगिंग में हेरफेर: पब्लिशर्स ने किताबों की मूल कीमत (Original Price) से कई गुना ...