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सवाल यह नहीं कि चेयरमैन कौन बना, सवाल यह है कि दक्षिणी हरियाणा से कोई क्यों नहीं बना....? या फिर दूसरा—क्या दक्षिणी हरियाणा की पैरवी उतनी मजबूत नहीं हो पाई जितनी होनी चाहिए थी...? क्या कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर होगी...? फिलहाल इतना तय है कि चेयरमैनों की सूची से ज्यादा चर्चा उस नाम की हो रही है जो सूची में नहीं था—दक्षिणी हरियाणा

  चार को टिकट, चालीस को इंतज़ार? दक्षिणी हरियाणा में उठते सवाल और राव इंद्रजीत की परीक्षा राजनीति में जीत सिर्फ चुनाव जीतने का नाम नहीं होती, असली जीत तब होती है जब कार्यकर्ता खुद को सम्मानित और प्रतिनिधित्व महसूस करे। दक्षिणी हरियाणा की राजनीति में यदि किसी एक नेता का नाम सबसे प्रभावशाली चेहरों में लिया जाता है तो वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह हैं। वर्षों से उनकी राजनीतिक पकड़, संगठन पर प्रभाव और टिकट वितरण में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। माना जाता है कि जिस उम्मीदवार के सिर पर राव साहब का हाथ हो, उसकी टिकट की राह आसान हो जाती है और जीत की संभावना भी बढ़ जाती है। लेकिन निगमों और बोर्डों के चेयरमैनों की हालिया सूची ने दक्षिणी हरियाणा के राजनीतिक गलियारों में एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। सवाल यह नहीं कि चेयरमैन कौन बना। सवाल यह है कि दक्षिणी हरियाणा से कोई क्यों नहीं बना? क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच चर्चा है कि विधानसभा चुनावों में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर पार्टी को मजबूत किया। टिकटों के समय भी क्षेत्र की राजनीतिक ताकत दिखाई द...
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हरियाणा-BJP अध्यक्ष की कुर्सी: 3 साल का कार्यकाल था, 2 साल ही रहे बड़ौली,इस कारण बड़ौली को हटाने का फैसला लिया...बड़ौली का विवादों से भरा रहा है कार्यकाल,खट्‌टर से दूरी, सीएम से नजदीकी

  हरियाणा में 43 साल बाद महिला को राज्य के संगठन की जिम्मेदारी दी गई है। सबसे खास बात यह है कि बड़ौली को 2024 के विधानसभा चुनाव से ऐन पहले ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। उनका कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन उन्हें एक साल पहले ही चलता कर दिया गया। राजनीति के जानकारों का मानना है कि हरियाणा में भाजपा गैर जाट वोटरों के बाद महिला वोटरों को अपनी ओर झुकाव करना चाहती है। इसी तरह पंजाब में सिख वोटरों पर भाजपा की नजर है। पंजाब में पहली बार सिख चेहरे को प्रदेशाध्यक्ष की कमान सौपी गई है। हरियाणा में महिला वोटरों की अहम भूमिका 2024 के लोकसभा चुनावों के आंकड़ों के हिसाब से आंकलन करें तो हरियाणा में महिलाओं की भूमिका अहम रहने वाली है। पुरुषों के मुकाबले महिला वोटरों की संख्या लगभग आधी है। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव के आधार पर हरियाणा में महिला वोटरों की संख्या 1,56,96,906 मतदाताओं में से 71,84,122 महिलाएं और 85,12,784 पुरुष हैं। गुरुग्राम लोकसभा सीट पर महिला वोटरों की संख्या 830678, सोनीपत लोकसभा क्षेत्र में 624192, कुरुक्षेत्र में 670866, अंबाला में 761111 और फरीदाबाद में 744722 महिला वोटर हैं। इस ...

हरियाणा में किताब खरीद में गड़बड़ी, 8 पब्लिशर्स ब्लैकलिस्ट:CAG रिपोर्ट के बाद कार्रवाई, सरकारी कॉलेजों में नहीं खरीदी जा सकेंगी इनकी बुक्स

  पंचकूला 8 घंटे पहले हरियाणा उच्च शिक्षा निदेशालय। फाइल फोटो हरियाणा के सरकारी कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में किताबों की खरीद में हुई बड़ी गड़बड़ी पर सरकार ने कड़ा एक्शन लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग (DGHE) के महानिदेशक एस. नारायणन (IFS) ने आदेश जारी कर देश के 8 बड़े बुक पब्लिशर्स को तुरंत प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब सूबे का कोई भी सरकारी कॉलेज इन पब्लिशर्स से किसी भी तरह की किताब नहीं खरीद सकेगा। दरअसल, प्रदेश के 149 सरकारी कॉलेजों की लाइब्रेरी के लिए की गई किताबों की खरीद में कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं का मामला निकला था। जांच में सामने आया कि विभाग ने नियमों को ताक पर रखकर बिना कॉलेजों में किताबें पहुंचे ही पब्लिशर्स को एडवांस में करोड़ों का भुगतान कर दिया था। कई कॉलेजों में किताबें आज तक पहुंची ही नहीं। इस पूरी खरीद प्रक्रिया में पब्लिशर्स और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई। ये रही ब्लैकलिस्ट के पीछे वजह प्राइस टैगिंग में हेरफेर: पब्लिशर्स ने किताबों की मूल कीमत (Original Price) से कई गुना ...

हरियाणा में चेयरमैन-वाइस चेयरमैन को अब ग्रुप-ए जैसी सुविधाएं:₹75 हजार सैलरी, गाड़ी और स्टाफ मिलेगा; सदस्यों के वेतन और भत्ते भी तय किए

  हरियाणा सीएम नायब सैनी। हरियाणा सरकार ने गैर-सरकारी चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सदस्यों के लिए पहली बार एक जैसी सर्विस शर्तें तय कर दी हैं। अब अलग-अलग बोर्ड, निगम और समितियों में नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मिलने वाली सुविधाओं और सैलरी को लेकर भ्रम खत्म होगा। सरकार ने साफ कर दिया है कि कौन कितना वेतन, भत्ता और सुविधा पाएगा। नई पॉलिसी के तहत चेयरमैन को हर महीने 75 हजार रुपए तक मानदेय, 50 हजार रुपए तक मकान किराया भत्ता, सरकारी गाड़ी-ड्राइवर और स्टाफ की सुविधा मिल सकेगी। वहीं वाइस चेयरमैन को 45 हजार रुपए तक मानदेय और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी। नियमित जिम्मेदारी निभाने वाले सदस्यों को 30 हजार रुपए तक मानदेय मिलेगा। सरकार ने टेलीफोन, मोबाइल, यात्रा भत्ता, मेडिकल सुविधा और स्टाफ कार तक के नियम भी तय कर दिए हैं। खास बात यह है कि अब इन पदों पर बैठे लोगों को ग्रुप-ए अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेगी। खास बात यह है कि अब इन पदों पर बैठे लोगों को ग्रुप-ए अधिकारियों जैसी कई सुविधाएं मिलेगी। सरकार के इस कदम से अलग-अलग बोर्ड, निगम और समितियों में नियुक्त होने वाले पदाधिकारियों को मिलने वाली ...

REWARI :राव नरबीर की सक्रियता बढ़ाकर भाजपा ने चुनाव से पहले भाजपा ने विकल्प तैयार करने की कवायद शुरू कर दी, रामपुरा हाउस की राजनीतिक विरासत संभाल चुकी आरती पर पार्टी शायद अभी इतना बड़ा रिश्क लेना नहीं चाहती,राव इंद्रजीत सिंह ने 2029 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी, बाद में खुद ही अपने इस बयान से पलट गए थे, 76 के हो चुके राव चुनाव तक 80 के पार पहुंच जाएंगे, उम्र के इस पड़ाव पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ

राव नरबीर को रेवाड़ी की कमान; नूंह संभालेंगे विपुल गोयल:गुरुग्राम पहले ही सीएम के पास, राव इंद्रजीत की लोकसभा में सरकार का बड़ा बदलाव प्रदेश सरकार ने रेवाड़ी में जिला ग्रीवेंस चेयरमैन की नई सूची में रेवाड़ी की कमान राव नरबीर सिंह और नूंह की विपुल गोयल को सौंपी दी है।अब तक रेवाड़ी की जिम्मेदारी विपुल गोयल के पास थी। एक तरफ जहां सरकार के इस फैसलें के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं तो दूसरी तरफ राव नबरबीर के आने से अफसरों की भी बेचैनी बढ़ने लगी है। राजनीति के जानकार नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका में निकाय चुनाव में मिली जीत के बाद इस बदलाव को सियासी चश्मे से देख रहे हैं। 2014 से अब तक राव इंद्रजीत सिंह दक्षिणी हरियाणा विशेषकर अहीरवाल में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे है। राव इंद्रजीत सिंह ने 2029 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की थी। बाद में खुद ही अपने इस बयान से पलट गए थे। 76 के हो चुके राव चुनाव तक 80 के पार पहुंच जाएंगे। उम्र के इस पड़ाव पर चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। ऐसे कयास लगने लगे हैं कि राव नरबीर की सक्रियता बढ़ाकर भाजपा ने चुनाव से पहले भाजपा ने विकल्प तैयार करने की कव...

REWARI: कांग्रेस में भीतरघात से हारी निहारिका चौधरी,कांग्रेस की कलह हार के बाद सामने आई जिलाध्यक्ष बोले-जयचंदों ने हराया, हमारा मुकाबला विनिता पीपल से नहीं था विनिता पीपल को हमने अपने वार्ड में ही हरा दिया,भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी,पार्टी कार्यकर्ता एकजुट नहीं हो पाए, जिस कारण हमें अकेले चुनाव लड़ना पड़ा,2020 में विनिता पीपल, प्रवीण चौधरी से पार्षद का चुनाव हार गई थी

  प्रवीण चौधरी का खुलासा—जयचंदों के सिर फोड़ा कांग्रेस ने हार का ठीकरा; सवालों में कैप्टन हाउस; किसने खेला ब्लैकमेलिंग का खेल? खुलकर सामने आई कांग्रेस की गुटबाजी... रेवाड़ी कांग्रेस के शहरी अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा; भीतरघात के कारण हुई नेहारिका की हार  पार्टी के दम पर नहीं, अपने समर्थको के दम पर लड़ा चुनाव -प्रवीण चौधरी चुनाव में हमारे प्रति बड़े स्तर पर की गई गिरोहबंदी - नेहारिका को नहीं मिला पार्टी का सहयोग पार्टी हाईकमान से करेंगे शिकायत रेवाड़ी नगर परिषद चेयरमैन का चुनाव हारने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष शहरी प्रवीण चौधरी वीरवार को पहली बार सामने आए। उन्होंने कहा, विनिता को हमने उनके चुनाव में हरा दिया, हमारे सामने भाजपा का पूरा संगठन चुनाव लड़ा। राव इंद्रजीत सिंह ने भी पूरी ताकत लगा दी। कांग्रेस को तो पार्टी के जयचंदों ने हराया। उन्होंने कहा इन जयचंदों की आवाज मैं सबूतों के साथ पार्टी प्लेटफार्म पर उठाउंगा। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव चुनाव में हमारे साथ खड़े थे, परंतु पार्टी कार्यकर्ता एकजुट नहीं हो पाए। जिस कारण हमें अकेले चुनाव लड़ना पड़ा। हमने विनिता को वार्ड में हराया ...

REWARI :चाचा से टूटा रिश्ता, हुड्डा से बढ़ी नज़दीकियां, सतीश यादव ने राव इंद्रजीत को दिया खुला राजनीतिक झटका,कभी ‘चाचा’ कहकर साथ घूमने वाले सतीश यादव अब कांग्रेस के मंच पर, निहारिका चौधरी को समर्थन देकर रेवाड़ी की राजनीति में मचा दी हलचल,रेवाड़ी की राजनीति में एक बार फिर पुराने रिश्तों की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं,यह सिर्फ समर्थन नहीं… सीधा राजनीतिक संदेश है,सतीश यादव भले रेवाड़ी विधानसभा में खुद चुनावी समीकरण न बदलते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और संगठन क्षमता को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी,सबसे बड़ा सवाल — निशाना कौन.....?

  “चाचा से टूटा रिश्ता, हुड्डा से बढ़ी नज़दीकियां! सतीश यादव ने राव इंद्रजीत को दिया खुला राजनीतिक झटका” कभी ‘चाचा’ कहकर साथ घूमने वाले सतीश यादव अब कांग्रेस के मंच पर, निहारिका चौधरी को समर्थन देकर रेवाड़ी की राजनीति में मचा दी हलचल रेवाड़ी की राजनीति में एक बार फिर पुराने रिश्तों की दरारें खुलकर सामने आ गई हैं। कभी राव इंद्रजीत सिंह के सबसे करीबी माने जाने वाले पूर्व जिला प्रमुख सतीश यादव ने अब खुलकर कांग्रेस का समर्थन कर दिया। राजनीति में जिन रिश्तों को कभी “चाचा-भतीजा” की मिसाल माना जाता था, आज वही रिश्ते इतनी दूरियां तय कर चुके हैं कि दोनों दशकों से एक-दूसरे से नजरें तक नहीं मिला पा रहे। रेवाड़ी में उस समय सियासी पारा अचानक चढ़ गया जब दीपेंद्र सिंह हुड्डा खुद सतीश यादव के प्रतिष्ठान पर पहुंचे और वहीं से ऐलान हुआ कि कांग्रेस प्रत्याशी निहारिका चौधरी को सतीश यादव का खुला समर्थन मिलेगा। यह सिर्फ समर्थन नहीं… सीधा राजनीतिक संदेश है सतीश यादव भले रेवाड़ी विधानसभा में खुद चुनावी समीकरण न बदलते हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और संगठन क्षमता को हल्के में लेना बड़ी भूल होगी। विधानसभा चुनावों ...

Vyas Media Network

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