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REWARI :राव का डर या पार्टी के प्रति निष्ठा? अहिरवाल की राजनीति में उठे तीखे सवाल,विधायक और केंद्रीय मंत्री के बीच चली रस्साकशी किसी से छिपी नहीं रही,या फिर यह सब एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है जहां ऊपर से सब ठीक दिखाना जरूरी है...?

   राव का डर या पार्टी के प्रति निष्ठा? अहिरवाल की राजनीति में उठे तीखे सवाल रेवाड़ी और धारूहेड़ा के निकाय चुनावों में टिकट बंटवारे के दौरान जो अंदरूनी खींचतान हुई, वह अब खुलकर सड़कों तक पहुंच चुकी है। विधायक और केंद्रीय मंत्री के बीच चली रस्साकशी किसी से छिपी नहीं रही। ⚡ नामांकन से दूरी, फिर मैदान में पूरी ताकत सबसे बड़ा सवाल तब खड़ा हुआ जब विधायक लक्ष्मण यादव रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन उम्मीदवार विनीता पीपल के नामांकन कार्यक्रम में नजर नहीं आए। बाद में उन्होंने सफाई दी, लेकिन नाराजगी की झलक साफ दिखी। यहां तक कि भाजपा कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उनका नाम तक नहीं लिया गया—जो अपने आप में कई संकेत दे गया। लेकिन राजनीति का खेल यहीं खत्म नहीं हुआ… आज वही विधायक गली-गली घूमकर वोट मांगते नजर आ रहे हैं। 💥 सवाल वही—मजबूरी या रणनीति? जनता के बीच अब चर्चा तेज है— 👉 क्या यह पार्टी के प्रति निष्ठा है? 👉 या फिर राव के दबदबे का असर? अहिरवाल की राजनीति में यह बात किसी से छिपी नहीं कि जो राव से टकराया, उसका राजनीतिक समीकरण बिगड़ गया। ऐसे में विधायक का बदला हुआ रुख कई सवाल खड़...
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REWARI क्या राव विरोधी दोहरा पाएंगे 2019 का इतिहास-केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने संगठन की कार्यकर्ताओं को तवज्जो न देकर अपने खास समर्थक को चुनावी मैदान में उतारा था, ऐसे में राव विरोधी पूरी तरह से सक्रिय हो गए और परिणाम हार से चुकाना पड़ा,करीब करीब वैसे ही स्थिति इस बार के नगर निकाय चुनाव में बनती हुई दिख रही है

    क्या राव विरोधी दोहरा पाएंगे 2019 का इतिहास-   रेवाड़ी में नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चुनावों को लेकर सियासी पारा तेजी से चढ़ रहा है। 28 अप्रैल को नामांकन वापसी और निर्दलीय उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित होने के बाद प्रचार अभियान पूरी तरह रफ्तार पकड़ने जा रहा है। इसी बीच भाजपा और कांग्रेस—दोनों ही दलों के भीतर की खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा भाजपा की हो रही है। भाजपा में इस समय स्थिति वर्ष  2019 की विधानसभा चुनाव जैसी हो चली है। वर्ष 2019 के भी विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने संगठन की कार्यकर्ताओं को तवज्जो न देकर अपने खास समर्थक को चुनावी मैदान में उतारा था। ऐसे में राव विरोधी पूरी तरह से सक्रिय हो गए और परिणाम  सुनील मूसेपुर को हार से चुकाना पड़ा। करीब करीब वैसे ही स्थिति इस बार के  नगर निकाय चुनाव में बनती हुई दिख रही है। एक बार फिर से  केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह भाजपा संगठन पर भारी पड़ते हुए नजर आए। दिल्ली में आयोजित कोर ग्रुप की बैठक में जिस तरह से राव तथा विधायक लक्ष्मण या...

REWARI में CM नायब सैनी की यह सभा अब “सिर्फ रैली” नहीं रही—2 मई को CM नायब सैनी रेवाड़ी में —क्या राव-लक्ष्मण की दूरियां मंच पर खत्म होंगी...? या फिर अंदरखाने चल रही खींचतान खुलकर सामने आएगी..? जहां भाषण से ज्यादा अहम होगा मंच का दृश्य…अब निगाहें 2 मई पर टिकी हैं

  2 मई को CM नायब सैनी रेवाड़ी में गरजेंगे—क्या राव-लक्ष्मण की दूरियां मंच पर खत्म होंगी...? रेवाड़ी की सियासत अब एक नए मोड़ पर खड़ी है। 2 मई को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की चुनावी सभा को लेकर माहौल गरम हो चुका है। इस रैली को सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन और अंदरूनी समीकरणों की अग्नि परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है— 👉 क्या इस मंच पर राव इंद्रजीत सिंह और विधायक लक्ष्मण यादव के बीच समन्वय दिखेगा? 👉 या फिर अंदरखाने चल रही खींचतान खुलकर सामने आएगी? हाल के बयानों और घटनाओं ने साफ कर दिया है कि भाजपा के भीतर सब कुछ पूरी तरह सहज नहीं है। लक्ष्मण यादव का नरम रुख और “बड़ों का सम्मान” वाला बयान जरूर संतुलन बनाने की कोशिश दिखाता है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में अभी भी दोनों खेमों के बीच दूरी की चर्चा जारी है। CM नायब सैनी की यह सभा अब “सिर्फ रैली” नहीं रही— यह एक ऐसा मंच बन गई है जहां से यह तय होगा कि रेवाड़ी में भाजपा एकजुट है या अंदरूनी दरारें अभी भी बरकरार हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर इस मंच पर राव और लक्ष्मण एक साथ नजर आते है...

रेवाड़ी में BJP की ‘अंदरूनी जंग’ उजागर — नामांकन में विधायक गायब, सियासत गरम,विधायक लक्ष्मण यादव की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए,साफ संकेत—भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं

  : रेवाड़ी में BJP की ‘अंदरूनी जंग’ उजागर — नामांकन में विधायक गायब, सियासत गरम 🚨 रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन चुनाव के बीच भाजपा की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। भाजपा प्रत्याशी विनीता पीपल ने आज नामांकन दाखिल किया, लेकिन इस अहम मौके पर स्थानीय विधायक लक्ष्मण यादव की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री गौरव गौतम ने भले ही इसे निजी कारण बताया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे साधारण अनुपस्थिति नहीं माना जा रहा। खास बात यह है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी विनीता पीपल ने विधायक का नाम तक नहीं लिया, जिससे अंदरखाने चल रही नाराज़गी और भी साफ दिख रही है। 📌 टिकट बंटवारे से ही खींचतान की चर्चा 📌 विधायक का खुला समर्थन अब तक नहीं 📌 नामांकन जैसे मौके पर दूरी ने बढ़ाए सवाल ⚠️ साफ संकेत—भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पार्टी इस अंदरूनी कलह को कैसे संभालती है, क्योंकि इसका सीधा असर चुनावी परिणामों पर पड़ सकता है।

रेवाड़ी BJP मे भितरघात का खतरा:भाजपा उम्मीदवार विनिता पीपल ने अपने पहले संबोधन में पार्टी विधायक को नजरअंदाज किया,नेता बनाम संगठन की लड़ाई

  टिकट मिलते ही विनीता पीपल विधायक लक्ष्मण यादव का नाम लेना भूली या फिर जान बूझकर किया इग्नोर-   जिला अध्यक्ष वंदना पोपली ने इशारों इशारों में दिलाया था ध्यान फिर भी नहीं समझ पाई विनीता पीपल -    रेवाड़ी नगर परिषद से भाजपा चेयरपर्सन उम्मीदवार विनीता पीपल ने टिकट देने के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा:- जनता के आशीर्वाद से लडूंगी चुनाव-   विधायक लक्ष्मण यादव से नाराजगी या फिर नाम लेना भूल गई विनीता पीपल -  *विनीता पीपल ने शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, जिला अध्यक्ष वंदना पोपली सहित अन्य का जताया आभार -*  जिला अध्यक्ष दिलाती रही ध्यान लेकिन नहीं समझ पाई विनीता पीपल -  *आम लोगों में चर्चा विधायक से नाराजगी या फिर नाम लेना भूल गईं -*   *शहर में चर्चा केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह व विधायक लक्ष्मण यादव के बीच टिकट को लेकर  हो गई थी तनातनी -*   विनीता पीपल को लेकर अड़ रहे थे केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह -  विधायक लक्ष्मण यादव संगठन के किसी कार...

एक बात तय है, रेवाड़ी और धारूहेड़ा का यह चुनाव सिर्फ निकाय चुनाव नहीं… भाजपा में राव की जिद के आगे BJP बैकफुट पर! रेवाड़ी-धारूहेड़ा में टिकट नहीं, ताकत की लड़ाई चल रही है,भाजपा का चुनाव चिन्ह भले कमल हो लेकिन अहीरवाल में टिकट अब भी राव दरबार से ही तय होते हैं

  राव की जिद के आगे बीजेपी बैकफुट पर! रेवाड़ी-धारूहेड़ा में टिकट नहीं, ताकत की लड़ाई चल रही है हरियाणा के नगर निकाय चुनाव में भाजपा की हालत इस वक्त ऐसी दिख रही है मानो टिकट चयन नहीं, सियासी संकट से जूझ रही हो। रेवाड़ी और धारूहेड़ा नगर परिषद/नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों की घोषणा को लेकर पार्टी लगातार “आज करेंगे, कल करेंगे” की रट लगाए बैठी है, लेकिन समय हाथ से निकलता जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और भाजपा अब तक फैसला नहीं कर पाई। सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है Rao Inderjit Singh की सख्त राजनीतिक पकड़। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक राव इंद्रजीत सिंह ने अपनी पूरी वीटो पावर लगा दी है और समर्थकों के लिए टिकट की मांग पर अड़े हुए हैं। भाजपा संगठन का एक वर्ग चाहता था कि वर्षों से मेहनत कर रहे कार्यकर्ताओं को मौका मिले, लेकिन जमीन की हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। जैसे ही टिकट वितरण का वक्त आया, राव साहब अपने पुराने अंदाज में मैदान में उतर गए और साफ संदेश दे दिया—अहीरवाल में फैसला बिना उनकी सहमति के नहीं होगा। यही वजह है कि भाजपा नेतृत्व बैकफुट पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली...

रेवाड़ी-धारूहेड़ा में क्यों अटका बीजेपी का टिकट? अंदरखाने की खींचतान अब खुलकर सामने,और यही देरी अब पार्टी के अंदर की सच्चाई उजागर कर रही है

  🔥 “ रेवाड़ी-धारूहेड़ा में क्यों अटका बीजेपी का टिकट? अंदरखाने की खींचतान अब खुलकर सामने !” 🔥 हरियाणा के नगर निकाय चुनाव में भाजपा का टिकट वितरण रेवाड़ी और धारूहेड़ा में लगातार अटका हुआ है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन उम्मीदवारों के नाम अब तक फाइनल नहीं—और यही देरी अब पार्टी के अंदर की सच्चाई उजागर कर रही है। सूत्रों के मुताबिक यह देरी सामान्य नहीं, बल्कि अंदरूनी खींचतान का नतीजा है। अलग-अलग खेमे अपने समर्थकों को आगे बढ़ाने में जुटे हैं, और एक प्रभावशाली धड़े की सहमति के बिना फाइल आगे बढ़ ही नहीं रही। सबसे बड़ी चर्चा यह है कि अब मेहनत और संगठन के लिए काम करने से ज्यादा महत्व “किस बड़े नेता के करीब हैं” इस बात को मिल रहा है। अंदरखाने कार्यकर्ताओं में यह नाराजगी साफ सुनाई दे रही है कि जो लोग सालों से पार्टी के लिए जमीन पर काम कर रहे हैं, उन्हें सिर्फ इंतजार मिल रहा है… जबकि चाटुकारिता करने वाले आगे निकलते दिख रहे हैं। यही स्थिति अब भाजपा के लिए खतरे की घंटी बन रही है। दावेदारों में असंतोष बढ़ रहा है और बगावत के संकेत भी मिलने लगे हैं। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि अगर ...

Vyas Media Network

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