रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?* *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...
सांसद राव इंद्रजीत ने गुरुग्राम डेवलपमेंट पॉलिसी को बताया फेल:बोले-12 इंच की जगह 9 इंच की पाइप लाइन बिछाई, रेवाड़ी में नहीं दोहराएंगे गलती
" गुरुग्राम की गलती अब रेवाड़ी में नहीं चलेगी" — राव इंद्रजीत का सीधा हमला रेवाड़ी के शपथ ग्रहण समारोह से केंद्रीय मंत्री एवं सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने गुरुग्राम डेवलपमेंट पॉलिसी को लेकर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों की गलत नीतियों और भ्रष्ट कार्यप्रणाली ने गुरुग्राम को समस्याओं का शहर बना दिया। जहां 12 इंच की पाइपलाइन बिछनी चाहिए थी, वहां 9 इंच की पाइपलाइन डालकर जनता के साथ खिलवाड़ किया गया, जिसका नतीजा आज जलभराव और अव्यवस्थित विकास के रूप में सामने है। राव इंद्रजीत ने दो टूक कहा कि "रेवाड़ी में ऐसी लापरवाही और मनमानी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले पांच वर्षों में हर विकास कार्य पर उनकी सीधी नजर रहेगी और जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा। सांसद ने नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों को भी स्पष्ट संदेश दिया कि जनता ने उन्हें सेवा के लिए चुना है, सत्ता का आनंद लेने के लिए नहीं। विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चा...