Skip to main content

हरियाणा पुलिस वाले निकले लुटेरे: कारोबारी से 7 लाख लूटे, 3 कर्मचारी गिरफ्तार, डायल 112 गाड़ी जब्त


पुलिस की गिरफ्त में आरोपी पुलिस कर्मी।

हरियाण के यमुनानगर जिले में प्रताप नगर इलाके में पांवटा साहिब के कारोबारी से 7 लाख लूटने वाले पुलिस वाले ही निकले। जिला पुलिस ने 3 पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया है, जो डायल 112 पुलिस के कर्मचारी हैं। आरोपियों की पहचान SPO मनजीत, जसबीर, ESI रामभूल ​के रूप में हुई। वारदात में शामिल कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए इन तीनों को रिमांड पर लिया जाएगा।​​​​​​

पीड़ित कॉलेज के लिए फर्नीचर खरीदने निकला था
थाना प्रताप नगर SHO ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि 7 लाख लूटने की वारदात डायल 112 पर तैनात पुलिस कर्मियों ने अंजाम दी थी। हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब की शिव कॉलोनी में रहने वाले अनिल कुमार का पांवटा साहिब में कॉलेज व होटल है। वह 7 लाख रुपए लेकर कॉलेज के लिए फर्नीचर लेने निकला था। वह यमुनानगर पहुंचा ही था कि एक युवक ने हाथ देकर गाड़ी रुकवाई।

पुलिस द्वारा जब्त की गई डायल 112 गाड़ी।
पुलिस द्वारा जब्त की गई डायल 112 गाड़ी।

लिफ्ट मांगने वाले ने साइड में लगवाई थी गाड़ी
SHO के अनुसार, युवक ने उससे जगाधरी जाने के लिए लिफ्ट मांगी। उसे विद्यार्थी समझकर गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूर चलने पर उस युवक ने बैग से लैपटॉप निकाला और कुछ काम करने लगा। युवक ने कहा कि नेट नहीं चल रहा है। इसलिए गाड़ी रोक दो। जैसे ही अनिल ने गाड़ी को साइड में लगाया। तभी उस युवक ने फोन किया और पीछे से डायल 112 गाड़ी आकर उनके पास रूकी।

गाड़ी की चाबी भी निकालकर साथ ले गए
SHO के अनुसार, 3 पुलिसकर्मी वर्दी में थे और एक सिविल में था। चारों पुलिसकर्मी अनिल को धमकाने लगे और उसकी गाड़ी से चाबी निकाल ली। आरोपी पुलिस कर्मियों ने गाड़ी की तलाशी ली और बैग से 7 लाख रुपए और 2 ब्लैंक चेक उठा लिए। इसके बाद आरोपी उसे वहीं रुकने के लिए कहकर डायल 112 की गाड़ी में चले गए। उसने एक राहगीर से मदद मांगकर पुलिस को लूटपाट के बारे में बताया। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...