दक्षिणी हरियाणा की सियासत में इन दिनों एक बड़ा सवाल,BJPअपने ही नेता और केंद्रीय मंत्री के राजनीतिक प्रभाव को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है, राजनीति में एक तों संन्यास खुद लिया जाता है और दूसरा संन्यास दिलाया जाता हैं
दक्षिणी हरियाणा की सियासत में इन दिनों एक बड़ा सवाल , क्या भाजपा अपने ही नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के राजनीतिक प्रभाव को कम करने की रणनीति पर काम कर रही है। क्षेत्र में एक के बाद एक महत्वपूर्ण नियुक्तियों से पार्टी के भीतर बदलते शक्ति समीकरणों को इसी नजरिये से देखा जा रहा है।राव इंद्रजीत सिंह कई बार सार्वजनिक रूप से राजनीति से संन्यास लेने की बात कह चुके हैं। लेकिन राजनीति में एक तों संन्यास खुद लिया जाता है और दूसरा संन्यास दिलाया जाता हैं। भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया तंत्र में सिद्धार्थ यादव की नियुक्ति उनकी मां और पूर्व सांसद डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक जैसे बड़े राज्य का राज्यपाल बनाया जाना तथा अब अनुरुध यादव को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का ओएसडी नियुक्त किया जाना अहीरवाल की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। अनुरुध यादव पूर्व चेयरमैन अरविंद यादव के बेटे हैं। उनकी नियुक्ति को उनकी योग्यता और क्षमता के आधार पर हुआ फैसला माना जा रहा है लेकिन इसके सियासी मायने भी निकले जा रहे हैं।अरविंद यादव और राव इंद्रजीत सिंह के बीच लंबे समय से छतीस का आंकड़ा रहा है।...