Skip to main content

मनरेगा में हुए फर्जीवाड़े पर CM नायब सैनी का बड़ा एक्शन, ABPO सहित 5 कर्मचारियों को किया सस्पेंड

 


HighLights

  1. अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के दिए निर्देश
  2. सीएम सैनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर पेश करने को कहा
 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना में फर्जीवाड़ा मामले में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएम सैनी ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय सीवन की एबीपीओ प्रियंका शर्मा और चार जूनियर इंजीनियरों (जेई) को तुरंत प्रभाव से उनके वर्तमान कार्यभार से मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उच्चाधिकारियों को जांच कर अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के भी आदेश दिए हैं।

जानें क्या है पूरा मामला

विकास एवं पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव के माध्यम से एक्शन टेकन रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर पेश करने को कहा है। सीवन खंड के दो गांव ककराला इनायत और ककहेड़ी में मनरेगा योजना के तहत हुए कार्यों में अनियमितता पाई गई थी।

जांच में सामने आया है कि गांव ककहेड़ी में विदेश में रह रहे लोगों के जाब कार्ड बनाए गए। यहां तक की रजिस्टर में उनकी फर्जी तरीके से हाजिरी लगाकर रुपये हड़पे गए।
इसके चलते गांव में तैनात मनरेगा के तीन मेट रणधीर सिंह, अनुज और सतपाल को बर्खास्त किया जा चुका है। इन मेटों के काम की निगरानी की जिम्मेदारी पंचायत विभाग के एबीपीओ की होती है।

सिंचाई विभाग के 4 जेई भी कार्यमुक्त

इसी तरह सिंचाई विभाग में सरस्वती डिविजन- तीन के जेई सोनू, शुभम धीमान, सलिंद्र कुमार व मुनीष कुमार के कार्यों में अनियमितता की आशंका है। एक्सईएन दिग्विजय शर्मा ने स्पष्टीकरण मांगा था।
सोमवार तक स्पष्टीकरण देना था, लेकिन मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को संज्ञान लेते हुए एबीपीओ प्रियंका शर्मा और चारों जेई को वर्तमान कार्यभार से मुक्त करने के आदेश पारित कर दिए हैं।

इसके बाद चारों जेई को विभाग ने रिलीव कर दिया है। उन्हें निदेशालय व मुख्यालय पर रिपोर्ट करनी होगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक को भेजी गई रिपोर्ट में बताया है कि एक मामले में 11 लाख 91 हजार 400 रुपये और दूसरे में 17 लाख 90 हजार रुपये की गड़बड़ी के आरोप थे।

6 आईएएस अफसरों के भी उछले थे नाम

वहीं, एक और मामले में मनरेगा में करोड़ों के घोटाले में छह आईएएस अफसरों के नाम भी उछले थे, लेकिन विजिलेंस (अब एंटी क्रप्शन ब्यूरो) की एफआईआर में इन अधिकारियों को आरोपित नहीं बनाया गया था। विजिलेंस जांच में पाया गया था कि छह आइएएस अफसरों के हाथों करीब 3400 लाख रुपये का फंड जारी किया गया था।

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत का प्लॉस्टर गिरा:घटना के समय 6 महिलाएं मौजूद थीं, सभी को दूसरी जगह शिफ्ट किया

  घटना वाले कक्ष की छत के हालात रेवाड़ी में स्थित सरकारी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर गिरने के समय 6 महिलाएं मौके पर मौजूद थी। जिन्हें घटना के बाद अस्पताल के दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया गया। घटना से अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल बन गया था। रेवाड़ी अस्पताल स्थित जच्चा बच्चा कक्ष में वीरवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर एक महिला के पास में गिरा, जिससे जच्चा-बच्चा कक्ष में चीख-पुकार मच गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन को बताया। जिसके बाद मरीजों को वहां से फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। डिलीवरी मरीज थी ज्यादा रेवाड़ी अस्पताल के में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा हो गई थी। जिसके कारण ग्राउंड फ्लोर पर भी डिलीवरी के बाद महिलाओं को यहां रखा गया था। हादसा हुआ तो मौजूद महिलाओं के परिजन बिफर गए। जिन्होंने कहा कि यहां पर महिलाएं सुरक्षित नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने ऐसे कमरे में रखा है, जहां पर कभी भी हादसा हो सकता है।

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट:CLU के बदले 30-50 करोड़ रुपए मांगने के आरोप; 12 साल पुराना है केस

  कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है।               कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने करीब 12 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व हेल्थ मिनिस्टर राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ नारनौल कोर्ट में पीसी एक्ट के तहत चालान पेश किया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इससे राव नरेंद्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने धर्मेंद्र कुहाड़ से पलवल में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू (CLU) कराने की एवज में 30 से 50 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। धर्मेंद्र कुहाड़ ने इसका स्टिंग ऑपरेशन करके ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी, जिसकी सीडी बनाकर उसने इनेलो के तत्कालीन विधायक रामपाल माजरा को दी। रामपाल माजरा ने साल 2014 में प्रदेश के लोकायुक्त के पास शिकायत नंबर 44 दर्ज कराई थी। इनेलो की ओर से स्टिंग ऑप...