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हरियाणा में कैंडिडेट सिलेक्शन के लिए 3 सर्वे करेगी कांग्रेस:, प्राइवेट एजेंसी के बाद हाईकमान भी फील्ड में आएगा,2 सर्वे पूरे होने के बाद मांगे जाएंगे आवेदन

 


हरियाणा में अक्टूबर-नवंबर महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। लोकसभा चुनाव में विधानसभा की 90 में से 46 सीटों पर बढ़त मिली देख कांग्रेस ने इंटरनल सर्वे शुरू कर दिया है। जिसमें जिताऊ उम्मीदवारों की खोज की जा रही है। कांग्रेस का यह सर्वे हर विधानसभा में होगा।

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस उम्मीदवार फाइनल करने के लिए 3 सर्वे कराएगी।

पहला सर्वे कांग्रेस की जिला स्तर की कमेटी करेगी।

दूसरा सर्वे प्राइवेट एजेंसी से कराया जाएगा।

तीसरा और फाइनल सर्वे AICC की टीम करेगी।

सर्वे के दौरान कांग्रेस हरियाणा के जातीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखेगी। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने इसी तरह सर्वे कराया था। जिसकी वजह से 2019 में जीरो सीट के मुकाबले इस पर कांग्रेस 5 सीटें जीतने में कामयाब रहीं। कांग्रेस का मानना है कि इसी सर्वे की बदौलत उन्हें मजबूत उम्मीदवार मिले।





हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय मीटिंग के दौरान बोलते प्रभारी दीपक बाबरिया।- फाइल फोटो
हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय मीटिंग के दौरान बोलते प्रभारी दीपक बाबरिया।- फाइल फोटो

2 सर्वे पूरे होने के बाद मांगे जाएंगे आवेदन
कांग्रेस की ओर से 2 सर्वे पूरे होने के बाद विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से आवदेन मांगे जाएंगे। आवेदन के आधार पर ही अंत में एक फाइनल सर्वे आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की ओर से किया जाएगा। इस सर्वे में सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले को ध्यान में रखा जाएगा। कांग्रेस इस बार भी भाजपा की लिस्ट आने के बाद ही जांच परख कर उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है। हरियाणा में इस बार कांग्रेस को विश्वास है कि वह 70 से अधिक सीटें जीत सकती है।

लोकसभा की तरह विधानसभा चुनाव लड़ेगी
कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। इसके संकेत कांग्रेस ने अभी से दे दिए हैं। लोकसभा की तरह की भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा व प्रदेश प्रभारी कार्यकर्ता सम्मेलन कर रहे हैं। इसके समानांतर ही सर्वे शुरू हुआ है।

इसके अलावा स्टार प्रचारकों में भी प्रदेश के नेताओं को शामिल किया जाएगा। इस बार उन उम्मीदवारों का टिकट कटना तय है जिसकी रिपोर्ट लोकसभा चुनाव में नेगेटिव रही है। ऐसे नेताओं की अलग से सूची तैयार हो रही है। ऐसे में बड़े नेताओं को झटका लग सकता है।

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