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46 किमी लंबाई, 12 पुल, 13 अंडरपास... जनवरी में मिलेगी गुड़गांव-रेवाड़ी हाइवे की सौगात

 


गुड़गांव: साइबर सिटी से पीतल नगरी रेवाड़ी और बीरबल के नगर नारनौल जाने वाले वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। नए साल यानी एक जनवरी से इन शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को नए हाइवे की सौगात मिलने वाली है। इन वाहन चालकों को अब दिल्ली-जयपुर हाइवे पर जाम के बीच यात्रा करने को मजबूर नहीं होना पड़ेगा। हालांकि इसके बड़े हिस्से पर (वजीरपुर से रेवाड़ी करीब 37 किलोमीटर) अक्टूबर में ही वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। NHAI का दावा है कि इस हिस्से में 90 फीसदी काम पूरा हो गया है। अक्टूबर के अंत तक बाकी के 10 फीसदी हिस्से को भी कंपलीट कर लिया जाएगा। जबकि वजीरपुर से हीरो होंडा चौक तक का हिस्सा जनवरी में तैयार हो पाएगा।

25 से 30 फीसदी कम होगा जयपुर हाइवे का ट्रैफिक लोड
NHAI का दावा है कि इस के निर्माण के बाद दिल्ली-जयपुर हाइवे पर 25 से 30 फीसदी ट्रैफिक लोड कम हो जाएगा। रेवाड़ी और नारनौल से आने वाले वाहन NH-48 की बजाय इस हाइवे से सीधे गुड़गांव पहुंच सकेंगे। दिल्ली जाने वाले वाहन चालक भी गुड़गांव में हीरो होंडा चौक होते हुए दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे से दिल्ली जा सकेंगे। इसके शुरू होने के बाद करीब एक लाख दैनिक यात्रियों को लाभ होगा। रेवाड़ी और इसके आसपास के एरिया से प्रतिदिन करीब एक लाख से अधिक लोग मानेसर, गुड़गांव और दिल्ली में सरकारी और प्राइवेट जॉब करने आते हैं। बड़ी संख्या में खुद का छोटा मोटा बिजनेस करने वाले लोग भी गुड़गांव और मानेसर आते हैं। इस हाइवे के बनने से इन लोगों को दिल्ली-जयपुर हाइवे के जाम भरे सफर से गुजरना नहीं पड़ेगा।

बड़ी आबादी को होगा लाभ
केवल गुड़गांव-रेवाड़ी के बीच सफर करने वाले ही नहीं बल्कि दूसरे आसपास के शहरों में जाने वाले लोगों को भी इसका लाभ होगा। झज्जर-रोहतक जाने वाले भी फर्रुखनगर की बजाय इससे होकर केएमपी पकड़ कर निकल सकेंगे। यह हाइवे कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे के साथ द्वारका एक्सप्रेसवे को भी जोड़ेगा। द्वारका एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टरों के लोगों को जयपुर हाईवे के लिए खेड़की दौला नहीं जाना होगा। बसई और पटौदी रोड से इस हाईवे पर पहुंच जाएंगे।

पटौदी के लिए बाईपास
गुड़गांव-पटौदी-रेवाड़ी हाइवे 352डब्लू का एक हिस्सा है। इसमें पटौदी में सात किलोमीटर लंबा बाईपास भी बनाया जा रहा है। छह किलोमीटर हाइवे ग्रीन फील्ड होगा यानी खेतों से होकर गुजरेगा। जो इस पर सफर करने वालों को शानदार अनुभव प्रदान करेगा।

परियोजना एक नजर में

इसकी लंबाई लगभग 46.11 किलोमीटर है। इसमें 99 कलवर्ट, 12 छोटे पुल, छोटे वाहनों व पैदल यात्रियों के लिए अंडरपास, वाहनों के 13 अंडरपास के अलावा, दो फ्लाईओवर व एक आरओबी होंगे।


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