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हरियाणा में कांग्रेस लिस्ट वायनाड इलेक्शन से लटकी:वोटिंग के बाद सोनिया-खड़गे से चर्चा करेंगे राहुल, 28 के बाद आसार; 3 सीटों पर पेंच

 


हरियाणा में कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशियों की लिस्ट आने के अभी कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। इस बार लिस्ट वायनाड इलेक्शन के कारण लटक गई है। चूंकि राहुल वायनाड से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां 26 अप्रैल को वोटिंग है। इसके बाद ही राहुल गांधी यहां से फ्री होकर दिल्ली पहुंचेंगे।

जहां वह हरियाणा कांग्रेस की लिस्ट के नामों पर सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से चर्चा करेंगे।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक हरियाणा के 9 नामों के पैनल में अभी भी 3 सीटों पर विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसलिए संभावना है कि राहुल आखिरी बार हरियाणा के नेताओं से भी चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद 28 अप्रैल के करीब हरियाणा कांग्रेस की लिस्ट रिलीज की जा सकती है।

3 सीटों को लेकर कांग्रेस में बड़ा पेंच
हरियाणा में लोकसभा टिकटों पर घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस के पैनल में 3 सीटें ऐसी हैं, जिन पर एक से अधिक दावेदार हैं। पार्टी के नेता अपने-अपने दावेदारों को टिकट दिलाने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि अब टिकट नहीं मिलने के कारण दावेदार भी घर बैठ गए हैं। जिन टिकटों में विवाद हो रहा है उनमें भिवानी-महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम भी है।

भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर किरण चौधरी की बेटी और पूर्व सांसद श्रुति चौधरी भी दावेदार हैं। इनकी टिकट के लिए कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला लगे हुए हैं। वहीं कांग्रेस के विधायक राव दान सिंह के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड़्डा पैरवी कर रहे हैं।

हाल ही में टिकट को लेकर पेंच फंसने के दौरान तोशाम से विधायक किरण चौधरी भी दिल्ली पहुंची थी, जहां उन्होंने सोनिया गांधी से श्रुति की टिकट को लेकर चर्चा की थी। हालांकि वहां से उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला था। जिसके बाद वह अब घर बैठ गई हैं।

घर बैठे टिकटों के दावेदार
हरियाणा में कांग्रेस के उम्मीदवारों की घोषणा नहीं का अब असर भी दिखने लगा है। कांग्रेस राज्य में 9 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एक कुरुक्षेत्र सीट I.N.D.I.A. ब्लॉक के तहत AAP को दी गई है। 9 सीटों में से सिर्फ 2 ही सीटों पर कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार प्रचार कर रहे हैं। इनमें दीपेंद्र हुड्‌डा और कुमारी सैलजा शामिल हैं। दीपेंद्र हुड्‌डा के रोहतक सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है।

वहीं सैलजा की सिरसा सीट से टिकट तय मानी जा रही है, लेकिन अंबाला से भी उनकी दावेदारी है। बाकी 7 सीटों पर नेता घर बैठकर टिकट की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें अभी भी टेंशन है कि उनके आका टिकट दिला पाएंगे या नहीं, इसी वजह से वह अभी प्रचार में मेहनत और रुपया खर्च करने से बच रहे हैं।

गुटबाजी की वजह से लटकी कांग्रेस की टिकटें
हरियाणा कांग्रेस में अभी 2 गुट चल रहे हैं। इनमें एक गुट पूर्व CM भूपेंद्र हुड्‌डा का है। जिनकी प्रधान उदयभान के जरिए संगठन पर भी पकड़ है। दूसरा ग्रुप कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला का है। हुड्‌डा ग्रुप ने संगठन के जरिए जो नाम भेजे, उनसे सैलजा-सुरजेवाला सहमत नहीं हुए। इसी वजह से टिकटों में शुरुआती दौर में पेंच फंसा।

सब कमेटी भी मामला नहीं सुलझा पाई
हुड्‌डा और सैलजा-सुरजेवाला के बीच टिकट को लेकर असहमति देख सोनिया गांधी के कहने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सब कमेटी बनाई। जिसमें केसी वेणुगोपाल, मधुसूदन मिस्त्री और सलमान खुर्शीद को रखा गया। इस कमेटी ने मीटिंग बुलाई लेकिन सैलजा-सुरजेवाला उसमें नहीं गए। जिसके बाद उन्होंने रिपोर्ट खड़गे को सौंपी लेकिन अंतिम फैसला फिर भी नहीं हो पाया।

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