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चुनाव से पहले क्‍यों हटाए गए गुरुग्राम के 'कमिश्‍नर'? इलेक्‍शन से जुड़ा काम नहीं सौंपने का आदेश, पत्‍नी बनीं वजह

 


नई दिल्‍ली. देश में लोकसभा चुनाव शुरू होने में अब करीब तीन सप्‍ताह का ही वक्‍त बचा है. सात चरणों में चुनाव होने के बाद चार जून को मतगणना होगी. देश में चुनाव आचार संहिता लागू है. इसी बीच गुरुवार को चुनाव आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए गुरुग्राम के ज्‍वाइंट कमिश्‍नर राजेश दुग्गल को पद से हटा दिया है. उन्‍हें तत्‍काल प्रभाव से काम छोड़कर चंडीगढ़ स्थित पुलिस मुख्‍यालय में रिपोर्ट करने को कहा गया है. इतना ही नहीं चुनाव आयोग की तरफ से यह भी स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि आईपीएस राजेश दुग्‍गल को कोई चुनाव संबंधित काम नहीं सौंपा जाए.

मन में सवाल उठना लाजमी है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा क्‍या हुआ जो इस तरह एक सीनियर आईपीएस अधिकारी को पद से हटाया जा रहा है. दरअसल, ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्‍योंकि आईपीएस राजेश दुग्गल की पत्‍नी सुनीता दुग्गल हरियाणा के सिरसा से भाजपा सांसद हैं. चुनाव के दौरान किसी प्रकार का पक्षपात ना हो, इसी को ध्‍यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है.

पुलिस मुख्‍यालय में किया गया तैनात
चुनाव आयोग के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा सरकार ने गुरुवार को स्थानांतरण आदेश जारी किया. राजेश दुग्गल, जो गुरुग्राम के संयुक्त पुलिस आयुक्त का कार्यभार संभाल रहे थे, अब तत्काल प्रभाव से पंचकुला में पुलिस मुख्यालय में पुलिस उप महानिरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) टी वी एस एन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है, “भारत के चुनाव आयोग के निर्देशानुसार, उन्हें राज्य में मौजूदा लोकसभा चुनाव पूरा होने तक कोई भी चुनाव संबंधी कार्य नहीं सौंपा जाएगा.”

हरियाणा में 25 मई को चुनाव 
हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों के लिए छठे चरण में 25 मई को मतदान होना है. इससे पहले साल 2019 में लोकसभा चुनावों के समय भी चुनाव आयोग ने आईपीएस अधिकारी राजेश दुग्गल को हिसार और सिरसा निर्वाचन क्षेत्रों के बाहर तैनात करने का आदेश जारी किया था.

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