Skip to main content

हरियाणा में ACR में गड़बड़ी पर नपेंगे अधिकारी:शिक्षा विभाग के कर्मियों की रिपोर्ट पर विजिलेंस की नजर; जिम्मेदारी होगी तय

 

हरियाणा में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ऐनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ACR) में गड़बड़ी की शिकायत मिल रही हैं। जिसको लेकर विभाग की विजिलेंस विंग अलर्ट मोड पर आ गई है। चीफ विजिलेंस ऑफिस की ओर से सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों को इसको लेकर लेटर जारी किया गया है।

इसमें कहा गया है कि एसीआर और अन्य डाक्यूमेंट को रखने में लापरवाही बरतने पर अब जिले के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार राज्य के कुछ स्कूलों, कार्यालयों में अधीनस्थ कर्मचारियों के ACR और अन्य दस्तावेजों को उनके अधिकारियों के द्वारा ठीक से बनाए नहीं रखा जा रहा है।

कई कर्मचारियों की ACR फाइल मिली गायब

शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कई जिलों में कर्मचारियों की ACR फाइलें गुम होने की शिकायत भी मिली हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी की व्यक्तिगत फाइल को सुरक्षित रखना स्कूलों के डीडीओ और अन्य कार्यालयों के प्रमुख की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ऐसे जरूरी दस्तावेजों के गुम होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को परेशानी हो सकती है।

इन अधिकारियों की जवाबदेही तय

शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (DEEO) अब अपने अधीनस्थ कार्यालयों में किसी भी प्रकार का मामला लंबित पाए जाने पर जवाबदेह होंगे।

शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की सर्विस बुक, एसीआर और अन्य दस्तावेज स्कूलों के ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) ऑफिस और बीईओ, डीईईओ और डीईओ जैसे अन्य ऑफिसों में रखे जाते हैं। संबंधित अधिकारी इसके बारे में एंट्री करते हैं। वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि और उनके अधीनस्थ की सेवा पुस्तिका में अर्जित अवकाश की अधिकारी एंट्री करते हैं।

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत का प्लॉस्टर गिरा:घटना के समय 6 महिलाएं मौजूद थीं, सभी को दूसरी जगह शिफ्ट किया

  घटना वाले कक्ष की छत के हालात रेवाड़ी में स्थित सरकारी अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर गिरने के समय 6 महिलाएं मौके पर मौजूद थी। जिन्हें घटना के बाद अस्पताल के दूसरे कक्ष में शिफ्ट किया गया। घटना से अस्पताल में भर्ती मरीजों में दहशत का माहौल बन गया था। रेवाड़ी अस्पताल स्थित जच्चा बच्चा कक्ष में वीरवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे छत से प्लॉस्टर गिर गया। प्लॉस्टर एक महिला के पास में गिरा, जिससे जच्चा-बच्चा कक्ष में चीख-पुकार मच गई। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन को बताया। जिसके बाद मरीजों को वहां से फर्स्ट फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। डिलीवरी मरीज थी ज्यादा रेवाड़ी अस्पताल के में डिलीवरी के लिए आई गर्भवती महिलाओं की संख्या ज्यादा हो गई थी। जिसके कारण ग्राउंड फ्लोर पर भी डिलीवरी के बाद महिलाओं को यहां रखा गया था। हादसा हुआ तो मौजूद महिलाओं के परिजन बिफर गए। जिन्होंने कहा कि यहां पर महिलाएं सुरक्षित नहीं है। अस्पताल प्रशासन ने ऐसे कमरे में रखा है, जहां पर कभी भी हादसा हो सकता है।

हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट:CLU के बदले 30-50 करोड़ रुपए मांगने के आरोप; 12 साल पुराना है केस

  कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है।               कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट में चालान पेश किया गया है। हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने करीब 12 साल पुराने भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व हेल्थ मिनिस्टर राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ नारनौल कोर्ट में पीसी एक्ट के तहत चालान पेश किया है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इससे राव नरेंद्र की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने धर्मेंद्र कुहाड़ से पलवल में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू (CLU) कराने की एवज में 30 से 50 करोड़ रुपए की डिमांड की थी। धर्मेंद्र कुहाड़ ने इसका स्टिंग ऑपरेशन करके ऑडियो व वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली थी, जिसकी सीडी बनाकर उसने इनेलो के तत्कालीन विधायक रामपाल माजरा को दी। रामपाल माजरा ने साल 2014 में प्रदेश के लोकायुक्त के पास शिकायत नंबर 44 दर्ज कराई थी। इनेलो की ओर से स्टिंग ऑप...