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अलीगढ़-पलवल के बीच बने 69 किमी लंबे हाईवे के आसपास नहीं खरीद सकेंगे जमीन, NHAI का है बड़ा प्‍लान



उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में बन रहे दुहाई इंटरनेशनल एयरपोर्ट की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही हाईवे का चौड़ीकरण करने जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से जोड़ने वाले प्रदेश के अलीगढ़-पलवल हाईवे का चौड़ीकरण और बाईपास का निर्माण किया जाएगा. इस दौरान रूट पर आने वाले गांवों में जमीन की खरीदी पर रोक लगा दी गई है. इससे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई गांव प्रभावित होंगे. बता दें,  अलीगढ़-पलवल हाईवे का निर्माण पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने करवाया था, जिसमें कुल लागत 552 करोड़ रुपये की आयी थी. करीब 67 किमी लंबे हाईवे के निर्माण में पीडब्ल्यूडी को 5 साल का समय लगा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल मार्च 2022 में पीडब्ल्यूडी ने हाईवे का निर्माण करने के बाद इसे एनएचएआई सौंप दिया था. बता दें, यह हाईवे तीन राज्यों को आपस में जोड़ता है, जिसका सीधा लाभ दिल्ली-एनसीआर को भी मिलता है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के रहवासियों को इसका फायदा मिलता है. वहीं अब इसके चौड़ीकरण और बाईपास के निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी है.

2500 करोड़ रुपये का आएगा खर्च
अलीगढ़-पलवल हाईवे के चौड़ीकरण और बाईपास के निर्माण में करीब 2500 करोड़ रुपये का बजट खर्च प्रस्तावित किया गया है. इस दौरान 58 गांवों की जमीन का अधिग्रहण एनएचएआई द्वारा किया जाना है. एनएचएआई ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को संपन्न होने तक इन गांवों की जमीन के क्रय-विक्रय से जुड़े किसी भी तरह के कार्य पर रोक लगा दी है. इस संबंध में एनएचएआई ने पत्र भेजा था, जिसके बाद प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी है.

पलवल-अलीगढ़ के ये गांव होंगे प्रभावित
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़-पलवल हाईवे के चौड़ीकरण और बाईपास के निर्माण के दौरान हरियाणा के पलवल जिले के करीब 58 गांव प्रभावित होंगे. वहीं उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के 30 गांव भी इसकी जद में आएंगे. इसकी प्रक्रिया भी शुरु हो गई है. गांव की जमीन अधिग्रहण किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस कार्य में तेजी लाई जाएगी.


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