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हरियाणा की नगर निकायों में हड़ताल पर बड़ा फैसला:'नो वर्क, नो पे' सिद्धांत लागू; वेतन देने पर अधिकारी के खिलाफ होगी कार्रवाई



हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्‌टर अधिकारियों के साथ मीटिंग करते हुए।

हरियाणा सरकार ने नगर निकायों में चल रही हड़ताल को लेकर बड़ा फैसला किया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से जारी ऑर्डर में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में 'नो वर्क, नो पे' का सिद्धांत लागू कर दिया गया है, जिसमें ड्यूटी से अनुपस्थित या हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।

आदेश के अनुसार, राज्य के सभी निगमों के आयुक्तों, नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारियों और नगर पालिकाओं के सचिवों को 'नो वर्क, नो पे' के सिद्धांत को लागू करने के लिए कहा गया है।

अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
सरकार के संज्ञान में आया है कि ड्यूटी से अनुपस्थित या हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों को वेतन दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि 'नो वर्क, नो पे' के सिद्धांत का पालन किया जाए। आदेश में आगे कहा गया है कि अगर हड़ताल अवधि के दौरान वेतन का भुगतान किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

बदलनी पड़ेगी आंदोलन की जगह
गुरुग्राम में सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के मद्देनजर निगम ने अब शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए एक जगह चिह्नित की है, क्योंकि आंदोलन के कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

निगम की ओर से हड़ताली कर्मचारियों को सूचित किया गया है कि इस स्थान के अलावा विरोध प्रदर्शन के लिए एक अन्य स्थान निर्धारित किया गया है, किसी अन्य स्थान पर प्रदर्शन संभव नहीं होगा, क्योंकि एमसीजी के पुराने कार्यालय में विरोध प्रदर्शन से परेशानी होती है।

तेज करेंगे कर्मचारी आंदोलन
हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वे अपने आंदोलन को रोकने के लिए निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। वे अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन को और तेज करेंगे। हम लोगों तक पहुंचेंगे और तब तक आंदोलन तेज करेंगे जब तक कि सभी 3,480 लोगों को उनकी नौकरी वापस नहीं मिल जाती। 'नो वर्क, नो पे' के नोटिस और अन्य धमकियां काम नहीं करेंगी क्योंकि हम न्याय और अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।

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