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क्या होती है रेव पार्टी, क्यों अमीर घरों के युवाओं के बीच बढ़ने लगा इसका चलन


बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.
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बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.

करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.
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करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.

बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.
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बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.

क्या होती है रेव पार्टी, क्यों अमीर घरों के युवाओं के बीच बढ़ने लगा इसका चलन

एल्विश यादव और कोबरा सांप के विष से नशे के चलते रेव पार्टी फिर खबरों में है. दिल्ली-एनसीआर में ऐसी रेव पार्टियों का चलन बढ़ रहा है. आमतौर पर बड़े और अमीर घरों के बच्चे इसमें मौजमस्ती के साथ नशा करने आते हैं. हालांकि ये पार्टियां अवैध होने के साथ पुलिस के निशाने पर भी होती हैं. अब तो लगता है कि इन पार्टियों में नशे के तरह तरह के तरीके अपनाए जाते हैं.

बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.
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बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.

करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.
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करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.

बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.
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बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.

देश के सभी बड़े शहरों में इस तरह की पार्टियों का चलन बढ़ गया है. यहां तक कि जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अब दिल्ली-मुंबई की तरह रेव पार्टियों के आयोजन बढ़ गए हैं. इन पार्टियों में दो खास तरह की ड्रग्स का चलन ज्यादा है. जिसको लेने के बाद युवा छह से आठ घंटे डांस कर सकते हैं. हालांकि ये ड्रग्स बहुत नुकसानदायक भी होती हैं.
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देश के सभी बड़े शहरों में इस तरह की पार्टियों का चलन बढ़ गया है. यहां तक कि जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अब दिल्ली-मुंबई की तरह रेव पार्टियों के आयोजन बढ़ गए हैं. इन पार्टियों में दो खास तरह की ड्रग्स का चलन ज्यादा है. जिसको लेने के बाद युवा छह से आठ घंटे डांस कर सकते हैं. हालांकि ये ड्रग्स बहुत नुकसानदायक भी होती हैं.

ये दोनों ड्रग्स गैरकानूनी है. इन्हें ना तो बेच सकते हैं और ना ही इनका सेवन कर सकते हैं, लेकिन रेव पार्टियों में ये आसानी से उपलब्ध रहती हैं. इन ड्रग्स का नाम है एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा आठ घंटे तक लगातार डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करती हैं. ये काफी महंगे भी होती हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसी महंगी ड्रग लेते हैं, जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गांजा लेते हैं.
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ये दोनों ड्रग्स गैरकानूनी है. इन्हें ना तो बेच सकते हैं और ना ही इनका सेवन कर सकते हैं, लेकिन रेव पार्टियों में ये आसानी से उपलब्ध रहती हैं. इन ड्रग्स का नाम है एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा आठ घंटे तक लगातार डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करती हैं. ये काफी महंगे भी होती हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसी महंगी ड्रग लेते हैं, जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गांजा लेते हैं.

रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्‍स का कॉकटेल होता है. ये बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं. वाट्सएप के जरिए सीक्रेट ग्रुप बनाकर इसमें लोगों को बुलाया जाता है. जिन्हें बुलाया जाता है वो सर्किल से बाहर के लोगों को भनक भी नहीं लगने देते. नोएडा में जो रेव पार्टी पकड़ी गई, उसमें एस्कोर्ट एजेंसी के माध्यम से लोगों का मन बहलाने के लिए भी कई लड़कियां बुलाई गईं थीं.
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रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्‍स का कॉकटेल होता है. ये बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं. वाट्सएप के जरिए सीक्रेट ग्रुप बनाकर इसमें लोगों को बुलाया जाता है. जिन्हें बुलाया जाता है वो सर्किल से बाहर के लोगों को भनक भी नहीं लगने देते. नोएडा में जो रेव पार्टी पकड़ी गई, उसमें एस्कोर्ट एजेंसी के माध्यम से लोगों का मन बहलाने के लिए भी कई लड़कियां बुलाई गईं थ


रेव पार्टी, क्यों अमीर घरों के युवाओं के बीच बढ़ने लगा इसका चलन

एल्विश यादव और कोबरा सांप के विष से नशे के चलते रेव पार्टी फिर खबरों में है. दिल्ली-एनसीआर में ऐसी रेव पार्टियों का चलन बढ़ रहा है. आमतौर पर बड़े और अमीर घरों के बच्चे इसमें मौजमस्ती के साथ नशा करने आते हैं. हालांकि ये पार्टियां अवैध होने के साथ पुलिस के निशाने पर भी होती हैं. अब तो लगता है कि इन पार्टियों में नशे के तरह तरह के तरीके अपनाए जाते हैं.

बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.
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बिग बॉस विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव के जरिए दिल्ली -एनसीआर में होने वाली रेव पार्टियां फिर चर्चा में आ गई हैं. इन रेव पार्टियों में जमकर नशा होता है और नशा करने के लिए सारे नियम कायदे तोड़ दिए जाते हैं. जिस कोबरा और अन्य सांपों के विष से नशा करने की बात पुलिस लगातार अपनी जांच में कह रही है, वो सभी सर्प वन्य संरक्षण एक्ट के तहत कानून के दायरे में आते हैं और इससे छेड़छाड़ करना गंभीर अपराध है. मुंबई से लेकर दिल्ली तक और गोवा में होने वाली ऐसी पार्टियां हमेशा चर्चा में आती रही हैं. हम आगे जानेंगे कि इन पार्टियों में क्या होता है और इनका चलन कैसे बढ़ रहा है.

करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.
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करीब एक-डेढ सा पहले बॉलीवुड अभिनेत्री श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को पुलिस ने बेंगलुरु के एक होटल में चल रही रेव पार्टी में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिया था. तब भी इससे संबंधित खबरों में बहुत जोर पकड़ा था. पुलिस के मुताबिक यहां रेव पार्टी चल रही थी. जब पुलिस ने इस तरह की रेव पार्टी करते युवाओं को पकड़ा तो पता चला कि ऐसी पार्टियां तो यहां लगातार चलती हैं. जिसमें पूरी रात डांस, ड्रग्स, नशे और एंटरटेनमेंट से गुलजार होती है.

बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.
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बताते हैं कि महानगरों के होटलों और बड़े शहरों से जुड़े इलाकों के फॉर्म हाउसों में आमतौर पर रेव पार्टियां हुआ करती हैं. जिसमें युवा लोगों की बड़े पैमाने पर शिरकत होती है. आमतौर पर ये बड़े और धनी घरों से ताल्लुक रखने वाले ही होते हैं. एक रात की इस पार्टी में लाखों रुपये बहा दिये जाते हैं. जो युवा यहां आते हैं, वो महंगी गाड़ियों से आते हैं.लड़कियों की मौजूदगी भी इनमें खूब होती है.

देश के सभी बड़े शहरों में इस तरह की पार्टियों का चलन बढ़ गया है. यहां तक कि जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अब दिल्ली-मुंबई की तरह रेव पार्टियों के आयोजन बढ़ गए हैं. इन पार्टियों में दो खास तरह की ड्रग्स का चलन ज्यादा है. जिसको लेने के बाद युवा छह से आठ घंटे डांस कर सकते हैं. हालांकि ये ड्रग्स बहुत नुकसानदायक भी होती हैं.
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देश के सभी बड़े शहरों में इस तरह की पार्टियों का चलन बढ़ गया है. यहां तक कि जयपुर, लखनऊ और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी अब दिल्ली-मुंबई की तरह रेव पार्टियों के आयोजन बढ़ गए हैं. इन पार्टियों में दो खास तरह की ड्रग्स का चलन ज्यादा है. जिसको लेने के बाद युवा छह से आठ घंटे डांस कर सकते हैं. हालांकि ये ड्रग्स बहुत नुकसानदायक भी होती हैं.

ये दोनों ड्रग्स गैरकानूनी है. इन्हें ना तो बेच सकते हैं और ना ही इनका सेवन कर सकते हैं, लेकिन रेव पार्टियों में ये आसानी से उपलब्ध रहती हैं. इन ड्रग्स का नाम है एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा आठ घंटे तक लगातार डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करती हैं. ये काफी महंगे भी होती हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसी महंगी ड्रग लेते हैं, जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गांजा लेते हैं.
510

ये दोनों ड्रग्स गैरकानूनी है. इन्हें ना तो बेच सकते हैं और ना ही इनका सेवन कर सकते हैं, लेकिन रेव पार्टियों में ये आसानी से उपलब्ध रहती हैं. इन ड्रग्स का नाम है एसिड और इक्सटैसी. इसे लेने के बाद युवा आठ घंटे तक लगातार डांस कर सकते हैं. ये ड्रग्स उनमें लगातार नाचने का जुनून पैदा करती हैं. ये काफी महंगे भी होती हैं. जिनके पास पैसे होते हैं वे एसिड व इक्सटेसी जैसी महंगी ड्रग लेते हैं, जिनके पास उतना पैसा नहीं होता वे हशीश या गांजा लेते हैं.

रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्‍स का कॉकटेल होता है. ये बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं. वाट्सएप के जरिए सीक्रेट ग्रुप बनाकर इसमें लोगों को बुलाया जाता है. जिन्हें बुलाया जाता है वो सर्किल से बाहर के लोगों को भनक भी नहीं लगने देते. नोएडा में जो रेव पार्टी पकड़ी गई, उसमें एस्कोर्ट एजेंसी के माध्यम से लोगों का मन बहलाने के लिए भी कई लड़कियां बुलाई गईं थीं.
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रेव पार्टी शराब, ड्रग्स, म्यूजिक, नाच गाना और सेक्‍स का कॉकटेल होता है. ये बड़े गुपचुप तरीके से आयोजित की जाती हैं. वाट्सएप के जरिए सीक्रेट ग्रुप बनाकर इसमें लोगों को बुलाया जाता है. जिन्हें बुलाया जाता है वो सर्किल से बाहर के लोगों को भनक भी नहीं लगने देते. नोएडा में जो रेव पार्टी पकड़ी गई, उसमें एस्कोर्ट एजेंसी के माध्यम से लोगों का मन बहलाने के लिए भी कई लड़कियां बुलाई गईं थीं.

आमतौर पर ये पार्टियां नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए सबसे मुफीद जगह होती हैं. कुछ समय पहले आईपीएल के दो खिलाड़ी भी इसमें पकड़े गए थे. ये पार्टियां गैरकानूनी होती हैं. मुंबई, पुणे, खंडाला, पुष्‍कर और दिल्‍ली के आसपास के इलाके इन पार्टियों के लिए सबसे मुफीद जगह हैं.
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आमतौर पर ये पार्टियां नशीले पदार्थ बेचने वालों के लिए सबसे मुफीद जगह होती हैं. कुछ समय पहले आईपीएल के दो खिलाड़ी भी इसमें पकड़े गए थे. ये पार्टियां गैरकानूनी होती हैं. मुंबई, पुणे, खंडाला, पुष्‍कर और दिल्‍ली के आसपास के इलाके इन पार्टियों के लिए सबसे मुफीद जगह हैं.


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