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Haryana:नूंह के गांवों में मस्जिदों से अपील:यात्रा के चलते सोमवार को घरों से बाहर न निकलें, गांवों में भी 4 लोग से अधिक इकट्‌ठा न हों, CM बोले- नूंह में कल यात्रा की परमिशन नहीं:VHP ने कहा- हमें जरूरत नहीं, यात्रा 11 बजे शुरू होगी; एक दिन पहले ही बाजार बंद



हरियाणा के नूंह में हिंदू संगठनों द्वारा 28 अगस्त को ब्रजमंडल शोभायात्रा निकाले जाने की घोषणा के बाद जिला प्रशासन अलर्ट है। वहीं, यात्रा को लेकर मुस्लिम समुदाय भी पूरी तरह से सतर्क है। इलाके में मुस्लिम समुदाय के मौजिज लोगों ने गांव में मस्जिदों से यह ऐलान कराया है कि कोई भी व्यक्ति 28 अगस्त को अपने घर से बाहर न जाए और अपने घर पर ही रहे। साथ ही गांव में भी चार लोगों से अधिक इकट्ठा न हों।

इस ऐलान के चलते ही इसका असर 27 अगस्त को ही हाईवे, बाजारों में दिखाई दिया। यहां अधिकांश मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 27 अगस्त को अपनी दुकान बंद रखी। जिन लोगों ने दुकान खोली, उन्होंने समय से पहले अपनी दुकान बंद कर अपने घर पहुंच गए। वहीं, दूसरी ओर हिंदू समुदाय के लोगों ने भी दुकानों को जल्द बंद कर दिया।

मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों ने समय से बंद की दुकानें।
मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों ने समय से बंद की दुकानें।

मुस्लिम समुदाय का कदम सूझबूझ भरा
सूत्रों का कहना है कि मुस्लिमों के अधिकांश गांव में इस बात को कहा गया है कि सभी इस यात्रा से पूरी तरह दूर रहें। कोई भी व्यक्ति बहुत जरूरी काम से ही घर से बाहर निकले। वहीं, इस यात्रा में कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए मुस्लिम समुदाय का यह कदम राहत व सूझबूझ भरा है।

जिला प्रशासन की यात्रा पर पैनी नजर
जिला प्रशासन द्वारा भी पूरे मामले पर अपनी नजर बनाई हुई है। पीस कमेटी की बैठक के सदस्यों ने भी दोनों समुदाय के लोगों से आह्वान किया है कि वह इस पूरे मामले में शांति बनाकर रखें और किसी प्रकार से कानून हाथ में न लें।

हरियाणा के CM मनोहर लाल ने कहा कि 28 अगस्त को नूंह में दोबारा ब्रजमंडल यात्रा निकालने की परमिशन नहीं दी गई है। नूंह में एक महीना पहले ही हिंसक घटना हुई है, उसको लेकर सावधानी रखने की जरूरत है। मंदिरों में पूजा-अर्चना करना सबका अधिकार है। उन्हें श्रद्धा के अनुसार छूट मिलनी चाहिए।

खट्टर ने ये भी कहा कि हमने लोगों से अपील भी की है कि वे नूंह की तरफ यात्रा करने से बचें और अपने नजदीकी मंदिरों में ही जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करें। सुरक्षा रखना सरकार का दायित्व है। लॉ एंड ऑर्डर बना रहे, यह सरकार की कोशिश है। इससे पहले नूंह प्रशासन भी यात्रा की परमिशन से इनकार कर चुका है। तनाव को देखते हुए यात्रा से एक दिन पहले, रविवार को ही नूंह में धारा 144 लगा दी गई। स्कूल-कॉलेज और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 28 अगस्त तक बंद हैं। पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है।

उधर यात्रा से एक दिन पहले रविवार को नूंह शहर के सारे बाजार बंद रहे। सड़कों पर भी लोग कम नजर आए। मुस्लिम समुदाय की ओर से जिले के गांवों में अपील की गई कि सोमवार, यात्रा वाले दिन समुदाय से जुड़े लोग अपने घरों में ही रहें।

CM के बयान पर VHP का पलटवार
नूंह में 31 जुलाई को अधूरी रह गई ब्रजमंडल यात्रा पूरी करने संबंधी सवाल पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा- 28 अगस्त को सुबह 11 बजे यात्रा की शुरुआत करेंगे। यात्रा की परमिशन लेने का सवाल ही नहीं उठता। 28 को सावन का आखिरी सोमवार है और हर श्रद्धालु का अधिकार है कि वह अपने इष्ट का जलाभिषेक करे।

उन्होंने कहा कि यह एक धर्मपरायण देश है, यहां किसी भी यात्रा के लिए परमिशन नहीं ली जाती। बंसल ने सवाल किया कि क्या कभी कुंभ के लिए परमिशन ली जाती है?

आलोक कुमार बोले- यात्रा को छोटा करेंगे मगर छोड़ेंगे नहीं

VHP नेता आलोक कुमार ने कहा है कि 31 जुलाई को यात्रा बीच में छूट गई थी। उसे सावन के सोमवार को पूरा करना जरूरी है। 28 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार है। हमें मालूम हैं कि नूंह में G-20 देशों की मीटिंग होने वाली है जिसमें 27 देशों के लोग आ रहे हैं। मेवात का इलाका संवेदनशील है इसलिए हम उस यात्रा को छोटा करेंगे, लेकिन छोड़ेंगे नहीं।

आलोक कुमार ने कहा कि 28 अगस्त को यात्रा पूरी की जाएगी और मैं खुद उसमें जाऊंगा। यह यात्रा पूर्वनिर्धारित प्रोग्राम के अनुसार नलहरेश्वर मंदिर से शुरू होगी और फिरोजपुर झिरका होते हुए सिंगार तक जाएगी। यात्रा में शामिल श्रद्धालु तीनों जगह जल चढ़ाएंगे।

राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति से जुड़े सवाल पर VHP नेता ने सवालिया लहजे में कहा- सरकार क्यों होती है? सरकार इसलिए नहीं होती कि लोगों के धार्मिक कामकाज रोक दे बल्कि सरकार इसलिए होती है कि लोग निश्चिंत होकर, सुरक्षित रहकर अपने धार्मिक आयोजन पूरे कर सकें।

नूंह में ड्रोन से नजर

सोमवार को ब्रजमंडल यात्रा निकालने के ऐलान को लेकर नूंह में पुलिस हाईअलर्ट पर है। पुलिस की ओर से संवेदनशील इलाकों की निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। नूंह जिला पुलिस के DSP (हेडक्वार्टर ) सुरेंद्र ने कहा कि हिंदू संगठनों की तैयारी को ध्यान में रखते हुए ड्रोन से इलाकों पर नजर रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिस के जवान मैन्युअली भी जांच कर रहे हैं।

DGP और CID चीफ के साथ CM की मीटिंग
इससे पहले, रविवार सुबह नूंह में फिर से ब्रजमंडल यात्रा के ऐलान के बाद CM मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में अपने आवास पर राज्य के DGP शत्रुजीत कपूर और CID चीफ एडीजीपी आलोक मित्तल के साथ 2 घंटे तक मीटिंग की। तीनों के बीच नूंह में मौजूदा हालात और यात्रा निकलने की सूरत में खुफिया इनपुट को लेकर चर्चा की गई।

31 जुलाई की हिंसा के दौरान पुलिस और CID के बीच तालमेल को लेकर सवाल खड़े हुए थे। CID के एक इंस्पेक्टर ने दावा किया था कि उन्होंने हिंसा की आशंका का इनपुट भेजा था। हालांकि, पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें कोई इनपुट नहीं मिला। इसके बाद गृहमंत्री अनिल विज ने गृह सचिव को इस मामले की जांच के भी आदेश दिए।

DGP शत्रुजीत कपूर ने 5 राज्यों के साथ मीटिंग कर सीमाओं पर अतिरिक्त चौकसी रखने की अपील की है। साथ ही हरियाणा पुलिस को सोशल मीडिया पर डेली मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।

गृहमंत्री बोले- हमारे इंतजाम पूरे
वहीं, हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने यात्रा निकालने के ऐलान पर कहा कि फिलहाल ऐसा कुछ नहीं है। अगर यात्रा निकलेगी तो हमारे इंतजाम पूरे हैं। वैसे तो हर वक्त वहां पुलिस तैनात है।

57 स्पेशल डयूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती
नूंह की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 57 स्पेशल ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। पुलिस अधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं, जिसमें फरीदाबाद के मंडलायुक्त के अलावा 31 जुलाई से ही नूंह में कैंप कर रही एडीजीपी ममता सिंह, नोडल ऑफिसर अजीत बालाजी जोशी, DC धीरेंद्र खड़गटा, SP नरेंद्र बिजारणिया सहित कई अधिकारी शामिल हो रहे।

कल बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज और बैंक
जिले की सीमाओं पर पुलिस के अलावा RAF और पैरामिलिट्री के जवान तैनात किए जा रहे हैं। शाम को पूरे जिले में फ्लैग मार्च निकालने की तैयारी है। स्कूल-कॉलेज तथा अन्य शिक्षण संस्थाएं 28 अगस्त को बंद रहेंगी।

इसके साथ ही बैंकों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। DC धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि 28 को निकाली जा रही संभावित जलाभिषेक यात्रा के दौरान सतर्कता के चलते यह निर्णय लिया गया है।


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