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हरियाणा CMO में शिकायतों का अंबार:12 महीने में 70 हजार कंप्लेंट; विभागों को भेजी जा रही, पुलिस व तहसील के ज्यादा मामले


 फाइल फोटो  

हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सोशल मीडिया ग्रीवांस ट्रैकर (SMGT) पर शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। पिछले 12 महीनों में इसके जरिए 70 हजार शिकायतें की गईं। रोजाना 180 से 200 शिकायतों को सॉल्यूशन के लिए नोडल अधिकारियों को भेजा जा रहा है। इन शिकायतों में पुलिस और तहसील के ज्यादा मामले शामिल हैं।

नोडल अधिकारियों के साथ IT सलाहकार की मीटिंग
विभागों के नोडल अधिकारियों की मीटिंग में CM मनोहर लाल के IT सलाहकार ध्रुव मजूमदार ने बताया कि CM विंडो और एसएमजीटी का अब सफल प्रयोग रहा है। हरियाणा के लोगों की शिकायतों की बढ़ी संख्या यह दर्शाती है कि सफल कार्यान्वयन से जनता का सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है।

इसकी एक वजह यह भी है कि उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान हो रहा है और उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते।

इन हाउस मॉड्यूलर पर चर्चा
सीएम के आईटी सलाहकार ने मीटिंग में इन-हाउस मॉड्यूलर NIC द्वारा विकसित सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली के बारे में नोडल अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही नोडल अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि कम से कम अवधि में जनमानस की समस्याओं का निवारण हो सके।

CMO के ट्विटर हैंडल पर भी आ रही शिकायतें
मजूमदार ने बताया कि CM टेक-फ्रेंडली हैं, जो आईटी के साथ-साथ डिजिटल मीडिया की बारीकियों को भी भली-भांति समझते हैं। उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण के कारण ही जनता को केवल एक क्लिक पर शिकायतों का समाधान मिल रहा है।

इसी विश्वास और भरोसे के साथ ही नागरिक अपनी शिकायतों को मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल तथा मुख्यमंत्री के आधिकारिक फेसबुक पेज पर टैग कर रहे हैं। यह दर्शाता है कि प्रदेश के नागरिक ‌डिजिटल प्रणाली के प्रति जागरूक बन रहे हैं।

इन विभागों की आ रही ज्यादा शिकायतें
ध्रुव मजूमदार ने बताया कि वर्ष 2022 में लगभग 70,000 शिकायतों को एसएमजीटी से विभागों के संबंधित नोडल अधिकारियों को भेजा गया। ये अल्पकालिक शिकायतें मुख्य रूप से जलभराव, बिजली, कचरा, गड्ढे, पुलिस, तहसील से संबंधित मुद्दों आदि के बारे में थीं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन औसतन 180-200 शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिन्हें त्वरित कार्रवाई के लिए शिकायत की प्रकृति के आधार पर जिलों और विभागों को भेजा जाता है।

हर शिकायत का टिकट जारी होगा
एनआईसी द्वारा विकसित एसएमजीटी सॉफ्टवेयर की अनूठी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मजूमदार ने कहा कि अब हर नई शिकायत के लिए एक विशिष्ट आंतरिक टिकट जारी किया जाएगा जो शिकायत के समाधान तक नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा कि यदि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता है तो शिकायत फिर से विभाग के संबंधित अधिकारी को भेजी जाएगी। यह तंत्र चौबीसों घंटे लोगों की सहायता करता है।

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