फोटो सोशल मीडिया
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'मोदी सरनेम' मामले में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद उन्हें लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य करार दिया गया था। सदस्यता जाने के बाद उन्हें सरकारी बंगले भी खाली करने को कहा गया था, जिसकी आखिरी तारीख 22 अप्रैल थी। इसी आदेश को मानते हुए राहुल गांधी ने 22 अप्रैल शनिवार को 12, तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया। फिलहाल वो अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रह रहे हैं और नए आवास की तलाश में है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सांसद के तौर पर मिला अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया है। अयोग्य ठहराए जाने के बाद अपना सरकारी आवास खाली करने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि हिन्दुस्तान के लोगों ने मुझे 19 साल तक यह घर दिया, मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। यह सच बोलने की कीमत है। मैं सच बोलने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हूं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि मेरा भाई जो कुछ भी कह रहा है वह सच है। उन्होंने सरकार के बारे में सच बोला, जिसका वह खामियाजा भुगत रहे हैं। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में तुगलक लेन का अपना आधिकारिक बंगला सौंप दिया।
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 'मोदी सरनेम' मामले में दोषी करार देते हुए कोर्ट ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी। जिसके बाद उन्हें लोकसभा सांसद के रूप में अयोग्य करार दिया गया था। सदस्यता जाने के बाद उन्हें सरकारी बंगले भी खाली करने को कहा गया था, जिसकी आखिरी तारीख 22 अप्रैल थी। इसी आदेश को मानते हुए राहुल गांधी ने 22 अप्रैल शनिवार को 12, तुगलक लेन स्थित अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया। फिलहाल वो अपनी मां सोनिया गांधी के साथ रह रहे हैं और नए आवास की तलाश में है।
राहुल गांधी के इस कदम की कांग्रेस नेता शशि थरूर ने तारीफ की है। थरूर ने कहा कि राहुल का ये कदम अनुकरणीय है। राहुल गांधी के सरकारी बंगला खाली करने पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट किया, "राहुल गांधी ने लोकसभा के आदेश पर तुगलक लेन में स्थित अपने सरकारी बंगले को खाली कर चुके हैं। अदालत ने उन्हें अपील के लिए 30 दिन का समय दिया था। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उन्हें पुनः बहाल कर सकती है, लेकिन उनका बंगला छोड़ने का निर्णय, नियमों के प्रति उनके सम्मान को दर्शाता है।"
लोकसभा सचिवालय को लिखे अपने पत्र में बंगला खाली करने पर राहुल गांधी ने सहमति जताते हुए लिखा- "पिछले चार बार से लोकसभा के निर्वाचित सदस्य के तौर पर यहां बिताए अपने समय की सुखद यादों के लिए एहसानमंद हूं। अपने अधिकारों के प्रति पक्षपात के बिना मैं निश्चित रूप से आपके पत्र में दिए विवरण का पालन करूंगा।"
लोकसभा सचिवालय को लिखे अपने पत्र में बंगला खाली करने पर राहुल गांधी ने सहमति जताते हुए लिखा- "पिछले चार बार से लोकसभा के निर्वाचित सदस्य के तौर पर यहां बिताए अपने समय की सुखद यादों के लिए एहसानमंद हूं। अपने अधिकारों के प्रति पक्षपात के बिना मैं निश्चित रूप से आपके पत्र में दिए विवरण का पालन करूंगा।"

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