प्रतीकात्मक फोटो सोशल मीडिया
हरियाणा के जींद में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने प्लाट ट्रांसफर करने की एवज में 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए सहकारिता विभाग के सब इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से रिश्वत के रुपए भी बरामद हो गए हैं। उनके हाथ धुलवाए गए तो वे नोटों पर लगे केमिकल के कारण लाल हो गए। उससे पूछताछ की जा रही है।
2 महीने तक कटवाए चक्कर
हिसार के नारनौंद निवासी ओमप्रकाश ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि उनके नेताजी कॉलोनी में सोसाइटी के 2 प्लाट हैं। उसने इनको ट्रांसफर करवाना है। इसके लिए उसने सहकारिता विभाग के सब इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार से मुलाकात की। प्रदीप कुमार करीब 2 माह तक उसके चक्कर कटवाता रहा। आखिर उसने 50 हजार रुपए की डिमांड की।
दो बार दे चुका रुपए
ओमप्रकाश ने बताया कि 2 बार वह 5 हजार और ढ़ाई हजार रुपए दे चुका था। उसकी डिमांड जारी रही तो उसने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत दी। ACB ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गवर्नमेंट कॉलेज से सहायक प्रोफेसर राजेश बूरा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर टीम में लिया।
लघु सचिवालय पार्किंग में रेड
एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर मनीष कुमार के नेतृत्व में रेडिंग पार्टी का गठन किया गया। टीम ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपए दे दिए। लघु सचिवालय के पीछे पार्किंग में जैसे ही ओमप्रकाश ने प्रदीप कुमार को रिश्वत राशि सौंपी, इशारा मिलते ही टीम ने प्रदीप कुमार को काबू कर लिया।
तलाशी लिए जाने पर उसके कब्जे से रिश्वत राशि बरामद हो गई। बाद में टीम ने प्रदीप के हाथ धुलवाए तो वह भी लाल हो गए। एंटी करप्शन ब्यूरो ने प्रदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




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