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आजाद और हुड्‌डा की मुलाकात पर सियासी उबाल:सैलजा ने लिखा कार्रवाई के लिए पत्र



हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा और कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके गुलाम नबी आजाद की मुलाकात को लेकर हरियाणा कांग्रेस में सियासी उबाल आ गया है। पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने हुड्‌डा के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल को लेटर लिखा है। साथ ही शोकॉज नोटिस जारी करने की मांग की है।

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल को लिखे पत्र में कहा कि गुलाम नबी आजाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर लगातार निशाना साध रहे हैं। हर दिन सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे व्यक्ति से भूपेंद्र सिंह हुड्डा क्यों मिले। इसके लिए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी होना चाहिए।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दिया था। 2 दिन पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा, पूर्व केन्द्रीय मंत्री आनंद शर्मा और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने नई दिल्ली में गुलाम नबी आजाद से मुलाकात की थी।

यह तीनों नेता G-23 ग्रुप से जुड़े हैं। करीब 2 घंटे तक चारों नेताओं के बीच बैठक हुई थी। हालांकि लंबी चली बैठक में हुई बातचीत बाहर नहीं निकल पाई, लेकिन गुलाम नबी के कांग्रेस से आजाद होने के बाद कांग्रेस के 3 दिग्गज नेताओं की उनसे मुलाकात ने कांग्रेस में खलबली मची दी।

हुड्‌डा की धुर विरोधी सैलजा

हरियाणा में चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा और कुमारी सैलजा आपस में धुर विरोधी हैं। 4 माह पहले हुड्‌डा ने कुमारी सैलजा को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पद से हटवा कर अपने चहेते चौधरी उदयभान को प्रदेशाध्यक्ष बनवा दिया था। इसके विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने खुली बगावत कर दी थी। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी अजय मकान के खिलाफ वोट डालने के साथ ही विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया था। कुलदीप आदमपुर से विधायक थे और 1 माह पहले ही उन्होंने भाजपा जॉइन की है।

हरियाणा में इसके अलावा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला और किरण चौधरी भी हुड्‌डा विरोधी गुट में हैं। 10 साल हरियाणा का मुख्यमंत्री रहते हुए भी भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा और कुमारी सैलजा की कभी नहीं बनी। कुमारी सैलजा को सोनिया गांधी का करीबी माना जाता है, लेकिन हुड्‌डा ने दबाव बनाकर सैलजा की प्रदेशाध्यक्ष से छुट्‌टी करा दी। बावजूद इसके सैलजा कभी खुलकर कुछ नहीं बोलीं, लेकिन अब गुलाम नबी आजाद से मुलाकात के बाद सैलजा हुड्‌डा पर हमलावर हो गई हैं।



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