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Rajya Sabha Election: हरियाणा से अजय माकन और कृष्ण पंवार जाएंगे राज्यसभा, सुरजेवाला की राजस्थान से एंट्री

 


चंडीगढ़। Rajya Sabha Election 2022: हरियाणा के तीन नेता राज्यसभा पहुंचेंगे। इनमें नेता हरियाणा से और एक नेता राजस्थान से राज्यसभा में जाएंगे। हरियाणा के परिवहन, आवास और जेल मंत्री रह चुके दलित नेता कृष्णलाल पंवार, पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन और कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला का राज्यसभा जाना तय है।

हरियाणा में उद्योग व बिजली मंत्री रह चुके सुरजेवाला राजस्थान से कांग्रेस के टिकट पर राज्यसभा जाएंगे, जबकि अजय माकन हरियाणा से राज्यसभा पहुंचेंगे। भाजपा ने कृष्णपाल पंवार को हरियाणा से ही राज्यसभा भेजने की तैयारी की है।

कांग्रेस की सूची में सैलजा का नाम नहीं, आनंद शर्मा का भी हरियाणा से नाम नहीं

कांग्रेस के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा का नाम शामिल नहीं है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से कुमारी सैलजा को हटवाने के बाद चौधरी उदयभान को हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने यह जिम्मेदारी दिलाई है।

संभावना जताई जा रही थी कि कांग्रेस हाईकमान सैलजा, आनंद शर्मा अथवा सुरजेवाला को हरियाणा से राज्यसभा में भेज सकता है, लेकिन सैलजा व शर्मा का नाम किसी राज्य की सूची में शामिल नहीं है, जबकि सुरजेवाला को राजस्थान से राज्यसभा भेजकर कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश में हुड्डा को खुलकर फ्रीहैंड खेलने का अवसर प्रदान किया है। हुड्डा ने 30 मई को अपने चंडीगढ़ आवास पर विधायकों की बैठक बुला रखी है

कृष्‍णलाल पंवार के रूप में भाजपा ने अनुसूचित  के नेता पर खेला दांव  

भाजपा के शीर्ष नेतृत्व द्वारा रविवार को जारी राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में कृष्णलाल पंवार का नाम शामिल है। कृष्णलाल पंवार पानीपत जिले की इसराना विधानसभा सीट से कई बार विधायक रहे, लेकिन 2019 का विधानसभा चुनाव हार गए थे। भाजपा में फिलहाल उनके पास अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व है। भाजपा ने दलित दुष्यंत कुमार गौतम का कार्यकाल पूरा होने पर उनके स्थान पर दलित चेहरे को ही राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया है।

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है। भाजपा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम और भाजपा समर्थित निर्दलीय सांसद सुभाष चंद्रा का कार्यकाल पूरा होने पर यह दो सीटें खाली हुई हैं। विधायकों के संख्या बल और जोड़तोड़ की राजनीति के हिसाब से कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा दोनों सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन भाजपा ने सिर्फ एक ही सीट पर कृष्णलाल पंवार को उम्मीदवार घोषित कर जोड़तोड़ की राजनीति को हवा नहीं देने का निर्णय लिया है।

कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा के बाद तय तय हो गया कि भाजपा व कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार बिना किसी राजनीतिक बाधा के राज्यसभा जाने वाले हैं। प्रदेश में राज्यसभा की कुल पांच सीटें हैं। फिलहाल कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, भाजपा सांसद रामचंद्र जांगडा और डीपी वत्स राज्यसभा में हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

पानीपत के मतलौडा में जन्मे 64 साल के कृष्णलाल पंवार का राजनीतिक करियर 1991 में परवान चढ़ा। पंवार ने अब तक छह चुनाव लड़े और चार बार विधायक बने। इसराना के अलावा वह करनाल जिले की असंध विधानसभा सीट से भी चुनाव जीत चुके हैं। 10वीं पास पंवार बायलर में डिप्लोमा होल्डर हैं।

उन्हें एक समय पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला का नजदीकी माना जाता था, लेकिन बाद में वह इनेलो का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गये थे। भाजपा में दलित चेहरे के रूप में पार्टी प्रवक्ता सुदेश कटारिया, कृष्ण कुमार बेदी और भगवान दास कबीरपंथी भी राज्यसभा सीट के दावेदारों में शामिल थे। वैश्य नेताओं में विपुल गोयल और कविता जैन, गैर जाट चेहरों में प्रो. रामबिलास शर्मा तथा जाट चेहरों में ओमप्रकाश धनखड़, कैप्टन अभिमन्यु और सुभाष बराला का नाम चल रहा था।



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