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हरियाणा में हुड्डा की बड़ी जीत: अपने खेमे के उदयभान को बनवाया कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, चार कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त

 


पार्टी में मची खींचतान के बीच हरियाणा कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल गया है। हाईकमान ने पूर्व विधायक उदयभान को हरियाणा में पार्टी की कमान सौंपी है। वहीं चार नेताओं को कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किया है। उदयभान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा गुट हैं। हुड्डा गुट लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष अपने खेमे के नेता को बनाने की मांग कर रहा था। आखिरकार बुधवार को उनकी यह मांग पूरी हुई। पिछले सप्ताह ही कुमारी सैलजा ने सोनिया गांधी से मुलाकात कर प्रदेश अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दिया था। सोनिया गांधी ने सैलजा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है



इन्हें बनाया गया कार्यकारी अध्यक्ष
पार्टी ने श्रुति चौधरी, रामकिशन गुर्जर, जितेंद्र भारद्वाज व सुरेश गुप्ता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में जातीय समीकरण का ध्यान रखा। अनुसूचित जाति के अध्यक्ष को हटाकर उसी जाति के उदयभान को कमान सौंपी गई है। नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष उदयभान के पिता गया राम विधायक रह चुके हैं।

हुड्डा के सामने सैलजा की नहीं चली
भूपेंद्र हुड्डा के सामने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुमारी सैलजा की नहीं चली। वह प्रदेश में संगठन नहीं खड़ा कर सकीं। इससे पहले पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और हुड्डा खेमे के बीच विवाद जगजाहिर है। तंवर भी प्रदेश में अपना संगठन खड़ा नहीं कर सके थे। हालांकि बाद में उन्होंने कांग्रेस पार्टी को ही अलविदा कह दिया। तंवर के बाद पार्टी ने कुमारी सैलजा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। मगर हालात तब भी नहीं बदले। हुड्डा और सैलजा गुट के बीच खींचतान जारी रही। 

सोनिया गांधी से मिले दीपेंद्र हुड्डा
राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को नई दिल्ली में सोनिया गांधी मुलाकात की। करीब आधा घंटा यह मुलाकात चली। पार्टी संगठन के मुद्दे को लेकर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पलवल पहुंचे और होडल में पूर्व विधायक उदयभान के निवास स्थान पर मुलाकात की। हुड्डा खेमा बुधवार सुबह से ही बेहद सक्रिय था। इसके बाद से ही उदयभान के प्रदेश अध्यक्ष बनने के कयास लगाए जाने लगे थे। 

कुलदीप बिश्नोई को झटका
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा प्रदेश अध्यक्ष का पद अपने नजदीकी को दिलवाने में कामयाब रहे। पार्टी ने उनकी पंसद के नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी है। जबकि कुलदीप बिश्नोई खुद इस पद पर काबिज होना चाह रहे थे। मंगलवार को संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ प्रदेश प्रभारी विवेक बंसल और कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने अलग-अलग बैठक भी की थी। मगर बिश्नोई नहीं चल सकी। 

आलाकमान को समझाने में कामयाब रहा हुड्डा गुट
हुड्डा गुट ने पंजाब कांग्रेस में की गई मनमानी का उदाहरण पेश कर आलाकमान पर दबाव बनाया। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस बात पर अड़े थे कि पार्टी को हरियाणा में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह उन भरोसा जताना होगा। इस बात का उदाहरण भी उन्होंने आलाकमान के सामने पेश किया है। यह भी कहा है कि 2019 चुनाव में टिकट बंटवारे में पूरी तरह उनकी चली होती तो कांग्रेस सरकार बनाती। 



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