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2 लाख रिश्वत मांगने के आरोप में ईओ ,एमई सहित 3 पर केस , नगर परिषद में प्रोपर्टी आईडी का खेल उजागर एसडीओ पिता ने लिया हुआ था एमई बेटे के भ्रष्टाचार का टेंडर

 


प्रोपर्टी आईडी बना भ्रष्टाचार का एटीएम, अधिकारियों के पास पासवर्ड मौज करो

 हरियाणा. /रेवाड़ी

नगर परिषद रेवाड़ी भ्रष्टाचार 

की मंडी बन चुका है जहां हर 

छोटे बड़े काम की बोली लगती 

है। एक ऐसा ही मामला प्रोपर्टी 

आईडी का सामने आया है। 

जिसमें लगभग सारे अधिकारी, 

दलाल बोली लगाते नजर आ 

रहे हैं। हरियाणा स्टेट विजिलेंस 

ने एक आडियो के आधार पर 

नगर परिषद के एमई सोहन, 

उनके पिता जनस्वास्थ्य विभाग 

बावल में एसडीओ के पद पर 

कार्यरत नंदलाल के खिलाफ 

प्रोपर्टी आई बनवाने के नाम 

पर दो लाख रुपए रिश्वत 

मांगने का मामला दर्ज किया 

है। आरोपी गिरफ्त से बाहर है। 

इस आडियो की बातचीत पर 

भरोसा किया जाए तो नप में 

लगभग सारे अधिकारी प्रोपर्टी 

आईडी बनाने के नाम पर सुबह 

शाम लाखों रुपए का खेल कर 

अपनी प्रोपर्टी बना रहे हैं। इसमें 

कुछ नगर पार्षद भी शामिल 

है। विजिलेंस रिश्वतखोरों को 

रंगे हाथों पकड़ना चाहती थी 

लेकिन आडियो लीक होने से 

सारी योजना पर पानी फिर गया। 

इस पूरे मामले का खुलासा 

करने वाले विकास नगर 

निवासी जगदीश पुत्र तुलसीराम 

का कहना है उन्हें हरियाणा 

विजिलेंस प्रमुख शत्रुजीत कपूर 

पर पूरा भरोसा करते हैं कि वे 

इस पूरे मामले की निष्पक्षता से 

जांच कर प्रोपर्टी आईडी के नाम 

पर चल रहे इस खेल का पूरी 

तरह से पर्दाफाश कर देंगे। इतना 

जरूर है कि अगर विजिलेंस ने 

बिना राजनीति दबाव या प्रभाव 

में अपनी कार्रवाई को अंजाम 

तक पहुंचाया तो नप में शायद 

ही कोई अधिकारी उनकी चपेट

में आने से बच जाए।

इस पूरे मामले को 

समझिए

राज्य चौकसी ब्यूरो गुरुग्राम 

मंडल ने आडियो की रिकार्डिंग 

एवं शिकायतकर्ता से मिली 

शिकायत के आधार पर 29 

मार्च को यह मामला दर्ज किया 

है। आडियो 21 मार्च को तैयार 

की गई थी। शिकायतकर्ता

जगदीश के मुताबिक मेरे चाचा 

रविंद्र कुमार पुत्र सोलूराम ने 

अपने एक प्लाट की अपने बेटे 

राजेश के नाम टीपी करनी थी। 

जिसके लिए कमेटी से एनडीसी 

की जरूरत थी। उन्होंने अपने 

बेटे राजेश को 7 दिसंबर 2021 

को कमेटी में जाकर ऑनलाइन 

एनडीसी अप्लाई करने को 

कहा। यहीं से काम कराने का 

खेल शुरू होता है। चार पेज की 

शिकायत में जगदीश ने पूरे खेल 

का जो खुलासा किया हुआ है वह 

पूरी तरह आडियो से बातचीत 

के बाद सही सा

बित होता नजर 

आ रहा है। डीजीपी 

विजिलेंस 

शत्रुजीत सिंह कपूर के संज्ञान में 

मामला लाने के बाद 21 मार्च

को रेवाड़ी पहुंची विजिलेंस टीम 

के सामने जगदीश ने एसडीओ 

नंदलाल से प्रोपर्टी आईडी की 

एनओसी को लेकर बातचीत 

की। बातचीत से विजिलेंस 

समझ गई थी कि आईडी 

बनवाने के नाम पर खेल चल 

रहा है। उस समय एसडीओ 

बावल में था ओर जगदीश से 

रेवाड़ी अपने घर आने को कह

रहा था। टीम उसे उसी समय दो 

लाख रुपए की पेशकश पर रंगे 

हाथों पकड़ना चाहती थी लेकिन 

एसडीओ घर नहीं पहुंचा। अगले 

दिन सुबह एसडीओ का फोन 

आया। उस समय टीम गुरुग्राम में 

थी। ऐसे में टीम के दिशा निर्देश 

पर जगदीश ने एसडीओ के घर 

जाकर चालाकी से बातचीत की 

रिकार्डिंग कर ली। शाम को उसने 

यह आ

डियो विजिलेंस को भेजी 

उससे पहले ही एसडीओ को 

भनक लग गई और वह जगदीश 

के घर पहुंच गया। टीम की योजना 

पर पानी फिर गया। पुलिस के पास 

इतने पर्याप्त सबूत आ चुके थे 

इसलिए उसने उन्हीं के आधार पर 

नप मेंएमई सोहन एवं उसके पिता 

एसडीओ नंदलाल के खिलाफ 

मामला दर्ज कर लिया है। इस 

पूरे आडियो में नप ईओ का नाम 

भी बातचीत में सामने आ रहा है। 

हालांकि अभी स्पष्ट नहीं हो पाया 

कि ईओ इस पूरे मामले में किस 

भूमिका में है। यह आरोपियों की 

गिरफ्तारी व पूछताछ के बाद ही 

सामने आएगा। इतना जरूर है कि

इस पूरे मामले का खुलासा होने 

के बाद जगदीश पर इस मामले 

को दबाने के लिए कुछ प्रोपर्टी 

डीलरों एवं नेताओं के फोन आ 

रहे हैं। जगदीश ने कहा कि इस 

मामले को किसी तरह दबने नहीं 

देंगे जल्द ही डीजीपी शत्रुजीत 

कपूर के सामने पेश होकर उन 

सभी का चिट्ठा 

खोलेंगे जिन्होंने 

पर्दे के पीछे इस खेल को दबाने 

का प्रयास किया। अगर ऐसा 

नहीं होता तो उसकी आडियो 

लीक नहीं होती। इस मामले को 

आईपीएस बलवान सिंह राणा 

देख रहे हैं। अगर सरकार व 

अधिकारियों ने बिना किसी दबाव 

में इस पूरे मामले को अंजाम 

तक पहुंचाया तो नप के आधे 

से ज्यादा अधिकारी, कर्मचारी, 

दलाल भ्रष्टाचार की चपेट में 

आने तय है।

 


Comments

  1. Strictly & Quickly Dismiss/Terminat his /her from service after completely investigation &after proved offence
    They will be more corrupted who do not take a quick and strictly action in this regard after fully investigations

    ReplyDelete

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