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हरियाणा में नए साल में नए बदलाव: पीपीपी से मिलेगा राशन, 60 वर्ष पूरा होने पर खुद लगेगी पेंशन, 22000 पदों पर भर्ती की तैयारी

 


15 जनवरी से हरियाणा में निजी नौकरियों में युवाओं को 75 फीसदी रोजगार का आरक्षण लागू हो जाएगा। सरकार ने 14 जनवरी तक कंपनियों को अपना डाटा सरकारी पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। तीस हजार तक की नौकरियों में यह आरक्षण लागू होगा। हालांकि, मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।

हरियाणा में 2022 में बड़े बदलाव होंगे। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) लोगों के जीवन में अनेक तब्दीलियां लाएगा। पहली जनवरी से डिपो में राशन पीपीपी के जरिये ही मिलेगा। जन्म-मृत्यु का डाटा अपने आप अपडेट होगा। इसके लिए जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रार कार्यालय में जाने की जरूरत नहीं है। 60 वर्ष की आयु पूरा होने पर खुद ब खुद पेंशन लग जाएगी। इस साल निकाय व पंचायती राज चुनावों की रणभेरी बजेगी।

हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग 22000 पदों पर नई भर्ती करेगा। लंबित 20 हजार भर्तियों को भी सिरे चढ़ाने की योजना है। डेंटल सर्जन भर्ती घोटाले के कारण अटकी एचपीएससी की भर्तियों पर भी इस साल फैसला आएगा। दो बड़ी भर्तियां रद्द होंगी या नहीं, आयोग इस पर निर्णय लेगा। रोडवेज के बेड़े में 809 साधारण बसें चरणबद्ध तरीके से शामिल होंगी। 

20 वॉल्वो बसें खरीदी जाएंगी। 400 साधारण बसों को तैयार करने का काम एचआरईसी गुरुग्राम में तेजी से चल रहा है। इस साल 611 सरकारी सेवाएं पीपीपी के जरिये ऑनलाइन मिलेंगी। अभी तक 456 सेवाओं को ही ऑनलाइन मुहैया करवाया जा रहा है।12 साल बाद मार्च में आठवीं की बोर्ड परीक्षा होगी। 

भिवानी बोर्ड प्रदेश में अन्य नौ बोर्ड के बच्चों की परीक्षाएं भी लेगा। इस पर विवाद चल रहा है। परीक्षाओं से पहले उसे सरकार निपटाएगी। जनवरी महीने में ही हाईकोर्ट में पंचायत एवं निकाय चुनाव को लेकर चल रहे मामले की सुनवाई है। सरकार को उम्मीद है कि इसी माह फैसला आ जाएगा। सरकार नए प्रावधान के तहत चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है, जबकि याचिकाकर्ता सम-विषम फार्मूले के तहत पंचायतों को आरक्षित करने का विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी और भी आपत्तियां हैं। प्रदेश में नए साल में अनेक बड़ी विकास परियोजनाएं सिरे चढ़ेंगी। सरकार का मुख्य फोकस ई-गवर्नेंस से गुड गवर्नेंस पर है।
 
गरीब बच्चों को दाखिला मिलने की उम्मीद
प्रदेश में नियम-134ए के दाखिला को लेकर निजी स्कूलों और सरकार के बीच टकराव जारी है। सरकार ने दूसरी बार दाखिला करने की तिथि बढ़ाई है। अब सात जनवरी तक गरीब बच्चे निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा के लिए दाखिला ले सकेंगे। सभी डीईओ को दाखिले सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। लगभग 30 हजार बच्चे अब भी दाखिला के इंतजार में हैं। निजी स्कूल संचालक इन्हें दाखिला न देने के लिए अड़े हुए हैं। वे पूर्व के वर्षों में निशुल्क पढ़ाए गए बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति के 700 करोड़ रुपये मिलने पर ही दाखिला देने की बात कह रहे हैं।

ये काम भी होंगे
  • सात जनवरी से अंत्योदय मेलों का दूसरा चरण
  • परिवार पहचान पत्र के तीसरे चरण का काम पूरा, चौथा चरण शुरू होगा।
  • 55 साल से ऊपर के लोगों के लिए स्वरोजगार योजनाओं में विशेष प्रविधान होंगे
  • उच्च शिक्षा में सामाजिक कार्यों के नंबर जुड़ना शुरू हो जाएंगे
  • 2022 में किसानों की आय दोगुना होने का दावा 


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