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जेवर एयरपोर्ट के पास बन रहा रेलवे का विशाल फ्रेट विलेज, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

 

     

दादरी रेलवे स्टेशन के पास बनने वाला यह फ्रेट विलेज एनआईसीडीसी बना रहा है.

जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास ही रेलवे (Railways) की तरफ से एक विशाल फ्रेट विलेज (Freight Village) भी बनने जा रहा है. रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) का यह विलेज एक मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा. यह न केवल इलाके में हजारों लोगों के लिए रोजगार के मौके बनाएगा बल्कि विदेश व्यापार और देश के अंदर आर्थिक विकास को भी इससे काफी तेजी आएगी.


नई दिल्ली. जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport)  के पास ही रेलवे (Railways) की तरफ से एक विशाल फ्रेट विलेज (Freight Village) भी बनने जा रहा है. रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (Dedicated Freight Corridor) का यह विलेज एक मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब होगा. यह न केवल इलाके में हजारों लोगों के लिए रोजगार के मौके बनाएगा बल्कि विदेश व्यापार और देश के अंदर आर्थिक विकास को भी इससे काफी तेजी आएगी.

एयरपोर्ट, एनएच, एक्सप्रेस वे और रेल लाइन से जुड़ा होगा फ्रेट विलेज
डीएफसीसी (DFCC) के एमडी आरके जैन ने न्यूज18इंडिया को बताया है कि यह मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क एयरपोर्ट, नेशनल हाइवे, एक्सप्रेस वे और रेल लाइन से जुड़ा होगा. यह डीएफसी के इस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर के जंक्शन पर होगा. यह महाराष्ट्र और गुजरात के पोर्ट से लेकर राजस्थान और हरियाणा के उद्योगों और पश्चिम बंगाल और झारखंड के कोयले और बाकी खनिज से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश भारत सरकार के गति-शक्ति योजना का यह एक अहम पड़ाव होगा. यानी देश के अंदर हर तरह की कॉमोडिटी को मंजल तक पहुंचाने के लिहाज से इसका बड़ा महत्व होगा. खासकर दिल्ली और इसके आसपास के शहरों के लिए यह लॉजिस्टिक पार्क एक वरदान साबित होने वाला है.

फ्रेट विलेज बनाने में लगेगा 540 करोड़ रुपये का खर्च
वहीं जेवर के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के करीब बनने से यह इंटरनेशलन कार्गो से आने वाला सामानों और व्यवसाय को बड़ी गति देने वाला है. भारत में लॉजिस्टिक कॉस्ट एक बड़ी समस्या रही है. इसकी वजह से यहां औसतन समानों की कीमत में 15-16 फीसदी का इजाफा हो जाता है. जबकि दुनियाभर में यह 8 फीसदी के आसपास होता है. इसी को कम करने और बेहतर ट्रांसपोर्टेशन के लिए पीएम ने गति-शक्ति योजना की शुरुआत की है. दादरी रेलवे स्टेशन के पास बनने वाला यह फ्रेट विलेज एनआईसीडीसी (NICDC) बना रहा है. इसे तैयार करने में करीब 540 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और करीब 800 एकड़ में फैला होगा.



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