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11 दिन बाद ही डीटीपी ने कराई प्रॉपर्टी डीलर सहित 18 पर एफआईआर दर्ज

  हरियाणा/ रेवाड़ी

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मीटिंग में कट्रोल एरिया में बड़े पैमाने पर बगैर एनओसी और सीएलयू के निर्माण पर जिला नगर योजनाकार विभाग पर लगाए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद महज 11 दिन में ही असर नजर आया है। कंट्रोल एरिया में बगैर एनओसी एवं सीएलयू के निर्माण नहीं होने का दावा करने वाले जिला नगर योजनाकार विभाग के नियमों की लंबे समय से धज्जियां उड़ाई जा रही थी लेकिन विभाग की कार्रवाई कहीं नजर नहीं आ रही थी।

मीटिंग में जब इस बात को लेकर जोर-शोर से मुद्दा उठा तो इसका असर बहुत ही जल्दी ही नजर आ गया। विभाग की तरफ से नियमों की अवहेलना करके किए गए निर्माण करने वाले प्रॉपर्टी डीलर सहित 18 लोगों के कंट्रोल एरिया में गलत तरीके से धारा 3,6 व 7 के अवहेलना करके निर्माण करने पर केस दर्ज कराया है। मामले में शहर के एक उद्योगपति पर भी केस दर्ज हुआ है।

नोटिस का केवल दो व्यक्तियों ने ही दिया जवाब, वह भी संतुष्टिपूर्ण नहीं

जिला नगर योजनाकार की तरफ से धारूहेड़ा थाना पुलिस को 13 अक्टूबर को भेजी गई शिकायत में बताया गया है धारूहेड़ा उपतहसील के विभिन्न खसरा नंबर कंट्रोल एरिया की श्रेणी में आते हैं। यहां पर किसी भी तरह के निर्माण और जमीन का टाइटल बदलने की स्थिति में सीएलयू के साथ एनओसी जरूरी है।

आरोप है कि इस प्रावधान के बावजूद भी मसानी गांव की राजस्व सीमा में बड़े पैमाने पर जमीन का टाइटल चेंज किए गए बगैर निर्माण हो गए। इसमें कई तो बड़े वेयर हाउस से लेकर फार्म हाउस, ढाबा तक शामिल है। इनका निर्माण हुए काफी समय हो चुका है लेकिन जिला नगर योजनाकार विभाग की तरफ से इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी।

हालांकि विभाग की तरफ से भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि इन तमाम नियम विरूद्ध किए निर्माण के खिलाफ अगस्त माह में नोटिस देने की भी कार्रवाई की गई जिस पर केवल दो की तरफ से ही जवाब दिया गया है। उनका भी जवाब भी संतुष्टिपूर्ण नहीं है। इस नोटिस के बाद विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

यह लगा था आरोप,...मौके पर निर्माण गिराने की बजाय महज एफआईआर

8 अक्टूबर को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई मीटिंग में रस गण के पूर्व सरपंच सुमन ने डीटीपी कार्यालय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। उन्होंने शिकायत में कहा था कि विभाग की तरफ से एनओसी नहीं दी जाती है। वहीं कंट्रोल एरिया होने के बावजूद भी रस गण और मसानी में बड़े पैमाने पर निर्माण हो चुका है जिसको लेकर कोई अनुमति तक नहीं ली गई है।

विभाग की तरफ से कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज कराई है लेकिन इसके बाद भी अवैध निर्माण गिराए नहीं है। हालांकि अधिकारियों ने आरोपों को बेबुनियाद बताया था। इन आरोपों के बाद अब विभाग की तरफ से धारूहेड़ा थाना में शिकायत देकर मामला दर्ज कराया है।

इनके खिलाफ दर्ज किया गया है केस

पुलिस ने डीटीपी की शिकायत पर विभिन्न खसरा नंबर में बगैर एनओसी और सीएलयू के निर्माण के आरोप में तीतरपुर निवासी भतरसिंह,रजनीश, तीतरपुर खलियावास निवासी विद्यासागर, ईश्वर सिंह, दलीप सिंह, देशराज, कर्णसिंह,मसानी निवासी रविंद्र, अनूप सिंह, रणबीर सिंह, मीरसिंह राधेश्याम, कमलेश देवी, रामकुमार, अशोक कुमार पर केस दर्ज किया है। इसके अलावा आकाश सोमाणी, फरीदाबाद के बल्लभ गढ़ की भूदत्त कॉलोनी निवासी राजेंद्र सिंह पर भी केस दर्ज हुआ है।



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