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हरियाणा में गुटखा और पान मसाले पर लगा एक साल का बैन, आदेश जारी

 


चंडीगढ़ । गुटखा या विभिन्न प्रकार की तंबाकू का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही ज्यादा हानिकारक होता है. दरअसल इनकी थैली के ऊपर साफ तौर पर लिखा हुआ रहता है, कि इसका सेवन करने से कैंसर होता है. लेकिन फिर भी लोग इनका सेवन करने से बाज नहीं आते. कई युवा तंबाकू का सेवन फैशन के तौर पर भी करते हैं. उनको तंबाकू का सेवन करना अच्छा लगता है. ऐसे में वो अपने आप को हीरो देखने लगते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि हरियाणा की खट्टर सरकार ने गुटखा पान मसाला के ऊपर बैन लगा दिया है, यानी हरियाणा में अब गुटका नहीं मिलेगा

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2011 के विनियम 2.3.4 के अनुसार किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तम्बाकू व निकोटीन (गुटखा और पान मसाला) के उपयोग पर विभाग द्वारा 7 अक्टूबर 2020 से एक वर्ष के लिए प्रतिबंधित किया गया है. अब वापिस से आयुक्त खाद्य सुरक्षा हरियाणा ने इस कार्यकाल के आदेश क्रमांक 3/14-3फ़ूड-2020/7201 दिनांक 27 अक्टूबर 2021 से आगे 1 वर्ष के लिए हरियाणा राज्य में किसी खाद्य उत्पाद में संघटकों के रूप में तम्बाकू व गुटखा, पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण पर बैन लगाने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है.

गुटखा, पान- मसाला, तंबाकु आदि को किसी भी नाम से पुकारा जाए, लेकिन ये ग्राहकों के स्वास्थ्य के ऊपर जबरदस्त प्रभाव डालते हैं. यानी लोगो के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और हो सकता है आने वाली भावी पीढ़ियों के लिए यह एक गंभीर खतरा बन जाए. यानी आने वाली भावी पीढ़ियों की जैविक संरचना में परिवर्तन करके उनके ऊपर प्रतिकूल प्रभाव भी डाल सकते हैं.

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 ( 2006 का केन्द्रीय अधिनियम 34 ) की धारा 30 की उपधारा ( 2 ) के खंड ( क ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, अधोहस्ताक्षरी आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग हरियाणा पंचकुला, हरियाणा राज्य में 7 अक्टूबर 2021 की तिथि से एक वर्ष की अवधि के लिए तम्बाकू के विनिर्माण, भंडारण, वितरण या बिक्री का जन स्वास्थ्य के हित में प्रतिबंधित करता हूँ जो उक्त व्यवसन मे किसी के साथ या तो सुगन्धित, सुवासित या मिश्रित की गई हो और चाहे गुटका, पान मसाला, सुगंधित, सुवासित तम्बाकू या खर्रा के नाम से या रूप हो या अन्यथा किसी भी नाम से पुकारा जाए चाहे यह पैकेज मे हो या बिना पैकेज के हो तथा एक उत्पाद के रूप में बेची गई हो अथवा पैकेज में अलग उत्पादों के रूप मे बेची या वितरित इस प्रकार से की जाए ताकि सेवन करने के लिए उपभोक्ता द्वारा सुविधापुर्वक मिलाया जा सके.

गौरतलब है कि हरियाणा में गुटखा, तम्बाकू पर प्रतिबंध लगा दिया है. गुटखा स्वास्थ्य लिए बहुत ही ज्यादा घातक होता है. इससे कैंसर होने का खतरा होता है और हमारी भावी पीढ़ी के लिए बहुत ज्यादा घातक भी हो सकता है.



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