आखिर क्यों राजस्थान की सीमा से कदम वापस खींचने पड़े केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को, गोद बलाहा से राजस्थान जाने की बजाए क्यों वापस पहुंचे रामपुरा हाउस
जरा ठहरिये जनाब! गुरुग्राम और राजस्थान के रास्ते में रामपुरा हाउस भी है।
पहले यहां डिनर का आनंद लीजिए फिर आगे की यात्रा कीजिए।
आखिर क्यों राजस्थान की सीमा से कदम वापस खींचने पड़े केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को।
गोद बलाहा से राजस्थान जाने की बजाए क्यों वापस पहुंचे रामपुरा हाउस।
हरियाणा/ रेवाड़ी
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को जन आशीर्वाद यात्रा शुरू करते हुए रेवाड़ी में प्रवेश करने के बाद नारनौल के गोद बलाहा से सीधे राजस्थान की ओर रवाना होना था। उनका यह कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें गोद बलाहा से डिनर के लिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के रामपुरा स्थित निवास पर लौटना पड़ा। उन्होंने राव इंद्रजीत सिंह के साथ चुनिंदा नेताओं के बीच डिनर पर लंबी बातचीत की। इस डिनर और बातचीत के बड़े मायने निकलते हैं।
दरअसल, अहीरवाल में भाजपा के कुछ पुराने नेताओं को अभी तक अहीरवाल के दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह की पार्टी में उपस्थिति हजम नहीं हो पा रही है। जब भी भाजपा में राव के खिलाफ कोई माहौल नजर आता है, तो विरोधी खेमे की बांछें खिल उठती हैं। ऐसा ही कुछ राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद घटित हो रहा है। हालांकि भूपेंद्र यादव और राव इंद्रजीत सिंह के बीच न तो कभी राजनीतिक वर्चस्व की जंग देखने को मिली और न हीं दोनों के बीच कोई प्रतिस्पर्धा। इसके बावजूद राव विरोधी खेमे ने भूपेंद्र यादव के शपथ लेने के बाद ही इसे अहीरवाल में राव इंद्रजीत सिंह के विकल्प के रूप में पेश करना शुरू कर दिया था।
भूपेंद्र यादव की जन आशीर्वाद यात्रा फाइनल होने के बाद राव विरोधी खेमे ने पूरी सक्रियता के साथ उनके स्वागत की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इस खेमे में अधिकांश वह नेता हैं, जिनके हाथ में जनाधार के नाम पर कुछ नहीं है। भूपेंद्र यादव के स्वागत कार्यक्रमों से राव इंद्रजीत सिंह व उनके समर्थकों ने दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया था। इसके बाद राव विरोधी खेमा पूरे उत्साह के साथ मैदान में आ गया था। इस इस खेमे को यह भ्रम हो गया था कि पार्टी हाईकमान ने राव इंद्रजीत सिंह को पूरी तरह दरकिनार कर दिया है। उनका स्थान लेने के लिए भूपेंद्र यादव को तैयार किया गया है। पार्टी के इस रवैये ने राव समर्थकों को निराश करने का काम कर दिया था। इसके बाद राव इंद्रजीत सिंह ने पार्टी हाईकमान से बातचीत करते हुए सारी स्थिति से अवगत कराया। जमीनी हकीकत जान लेने के बाद पार्टी हाईकमान की ओर से यह तय किया गया कि भूपेंद्र यादव जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान राजस्थान जाने से पहले राव इंद्रजीत सिंह के साथ उनके निवास पर डिनर लेंगे। इस बात की सूचना मिलने के बाद राव विरोधी खेमे को जोर का झटका बहुत जोर से लगा है। राव और भूपेंद्र के बीच चली डिनर डिप्लोमेसी आने वाले समय में अहीरवाल और प्रदेश की राजनीति में बड़ा गुल खिलाने वाली साबित हो सकती है।


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