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हरियाणा: आठ लाख बच्चों को मिलेंगे टैब, नहीं चलेंगी फिल्में, सिर्फ पढ़ाई होगी और रहेगा पूरा रिकॉर्ड

 


हरियाणा सरकार 8.10 लाख बच्चों को टैब देगी। सरकार का लक्ष्य है कि अक्तूबर महीने में टैब वितरण की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाए। बच्चे टैब को मनमर्जी से नहीं चला पाएंगे। इस पर सरकार का नियंत्रण रहेगा। टैब में यूट्यूब और फिल्मी प्लेटफॉर्म नहीं चलेंगे। सिर्फ पढ़ाई ही हो सकेगी। बच्चे क्या और कितनी देर तक देख रहे हैं, इसका पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास मौजूद रहेगा।  

हरियाणा सरकार से मिलने वाले टैबलेट पर स्कूली बच्चे सिर्फ पढ़ाई कर सकेंगे। इन टैबलेट पर यूटयूब समेत कोई ऐसा चैनल नहीं चलेगा जिस पर बच्चे फिल्में या अन्य कोई आपत्तिजनक सामग्री देख सकें। टैब एमडीएम यानी मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट प्रणाली से लैस होंगे। इंटरनेट की सुविधा भी इनमें रहेगी। बच्चों के कंटेंट देखने का पल-पल का रिकार्ड टैब में मौजूद रहेगा।

प्रदेश सरकार 14355 स्कूलों के 8.10 लाख बच्चों को टैब देगी। स्कूल शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि अक्तूबर में टैब वितरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मौलिक से लेकर उन वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की सूची जारी कर दी गई है, जिनके बच्चों को टैब दिए जाने हैं। लंबे समय से सरकार की यह घोषणा लंबित है। इसे सिरे चढ़ाने के लिए विभाग प्रयासरत है। 

कोरोना काल में बच्चों को हुई परेशानी
कोरोना काल के दौरान बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। अनेक बच्चों के पास स्मार्टफोन नहीं थे। कहीं इंटरनेट की दिक्कत भी रही। बिजली की समस्या के कारण टीवी चैनल के जरिये बच्चे पढ़ाई नहीं कर सके। अब सरकार ने भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए 8वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को टैबलेट देने की योजना बनाई है। अभी हर स्कूल के लिए एक ही टैबलेट आया है, जिसे स्कूल के प्रिंसिपल, मुख्याध्यापक उपयोग कर रहे हैं। इसके जरिये वे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नजर रखेंगे।

विभाग जो चाहेगा, वही कंटेंट देख सकेंगे बच्चे: कंवर पाल
शिक्षा मंत्री कंवर पाल का कहना है कि बच्चे मनमर्जी से टैबलेट को नहीं चला सकेंगे। विभाग जो चाहेगा वही सामग्री बच्चे इसमें देख सकेंगे। जो बच्चा जितने समय टैब चलाएगा और सामग्री देखेगा उसका पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास होगा। बच्चों को अत्याधुनिक व सुगम शिक्षा देने की तरफ यह सरकार की बड़ी पहल है



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