हरियाणा/रेवाड़ी। दिल्ली- अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का खाका अर्थात डीपीआर तैयार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर रेवाड़ी जिले से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर को लेकर नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मंगलवार को पर्यावरण और सामाजिक परामर्श विषय पर बैठक की। जिसमें आम जनता से सुझाव आमंत्रित किए गए
बैठक की अध्यक्षता एसडीएम रेवाड़ी रविंद्र यादव ने की। उनके साथ कॉरपोरेशन की एएसडीओ निकिता, पर्यावरण सलाहकार रिषभ सहगल और मयंक भूषण झा, एसआईए सर्वे के प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष पांडे, टीम लीडर डॉ. गगन पात्रा उपस्थित थे। बैठक में कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने पावर प्वांइट प्रजेंटेशन के माध्यम से हाई स्पीड रेल का खाका प्रस्तुत करते हुए जनप्रतिनिधियों से सुझाव लिया। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के पर्यावरण सलाहकार रिषभ सहगल ने बताया कि यह रेल कॉरिडोर दिल्ली अहमदाबाद के बीच प्रस्तावित है। इसकी लंबाई 886 किलोमीटर हैै। यह ट्रैक रेवाड़ी-जयपुर हाईवे के साथ-साथ अहमदाबाद जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत दिल्ली से अहमदाबाद तक कुल 15 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें रेवाड़ी जिले में भी एक स्टेशन बनाया जाएगा। दिल्ली-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई लगभग 886 किलोमीटर है। यह चार राज्यों दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात से होते हुए गुजरेगा। हरियाणा राज्य में इस परियोजना की कुल लंबाई 78.22 किलोमीटर होगी।
रेवाड़ी में 30 किमी में 28 गांवों से गुजरेगा कॉरिडोर
बैठक में बताया गया कि रेवाड़ी जिले में यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर लगभग 30 किलोमीटर दूरी में बनेगा, जो जिले के 28 गांवों से होता हुआ निकलेगा। हरियाणा प्रदेश में यह रेल कॉरिडोर दो जिलों गुरुग्राम व रेवाड़ी से होकर गुुजरेगा। यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर मेट्रो की तरह ऐलिवेटेड होगा। इस पर चलने वाली रेल की अधिकतम गति 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जबकि औसतन गति 250 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। इस हाई स्पीड रेल परियोजना को लेकर रेल कॉरपोरेशन द्वारा सर्वे व इंवेस्टिगेशन आदि का कार्य किया जा रहा है। जिसके बाद इसकी डीपीआर तैयार कर रेल मंत्रालय को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए काम किया जा रहा है, ताकि पर्यावरण और सामाजिक परामर्श के साथ परियोजना का खाका तैयार हो। इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली से अहमदाबाद तक का सफर मात्र 3 से 4 घंटे में तय किया जा सकेगा। एसडीएम रविंद्र यादव ने कहा कि हालांकि यह परियोजना शुरुआती चरण में है, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए जिला प्रशासन पूरा सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि विकास धीरे-धीरे होता है। इस परियोजना से जहां एक ओर उद्योगों को पहले की अपेक्षा गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर इससे यहां के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने रेल कॉरपोरेशन के पदाधिकारियों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिलाया। बैठक में कई गांवों के ग्रामीण भी उपस्थित थे।


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