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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, गुरुग्राम व फरीदाबाद सहित राज्‍य में जमीन मालिकों से किराये पर गोदाम लेगी

 


हरियाणा सरकार ने अनाज भंडारण को लेकर बड़ा फैसला किया है। इससे अब हरियाणा में भंडारण के अभाव में अनाज न तो खुले में भीगेगा और न ही सड़ेगा। प्रदेश सरकार खुद के गोदाम बनाने के साथ-साथ अब आम लोगों के गोदाम भी किराये पर लेगी। लोगों के साथ अनाज के गोदाम के लिए कम से कम सात साल के किराये का एग्रीमेंट होगा। मालिक यदि चाहे तो अधिक अवधि के लिए भी अपना गोदाम किराये पर दे सकता है। प्रदेश की सभी अनाज मंडियों के आठ किलोमीटर के दायरे में यह प्राइवेट गोदाम अनाज भंडारण के लिए किराये पर लिए जा सकेंगे।

 कम से कम सात साल के किराये का अनुबंध करेगी वेयरहाउसिंग कारपोरेशन

हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की बैठक में प्राइवेट गोदाम किराये पर लेने पर सहमति बनी। प्रबंध निदेशक और वित्तीय अधिकारियों की मौजूदगी में हुई बैठक में वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की अनाज भंडारण क्षमता की समीक्षा की गई। बैठक के बाद चेयरमैन नयनपाल रावत ने बताया कि करीब 50 लाख टन क्षमता के गोदामों की जरूरत है, जिसमें से 21 लाख टन क्षमता के गोदाम मौजूद हैं। इस साल तक यह क्षमता 25 लाख टन तक पहुंच जाएगी। अगले साल तक वेयरहाउसिंग कारपोरेशन की अपनी स्वयं की 30 लाख टन तक अनाज भंडारण की क्षमता होगी। बाकी के लिए गोदाम किराये पर लिए जाएंगे।

मंडी के आठ किलोमीटर के दायरे में होगा गोदाम, न भीगेगा और न सड़ेगा अनाज

चेयरमैन के अनुसार उन्हीं प्राइवेट गोदामों को किराये पर लिया जाएगा, जिनके पास 33 मीटर का रोड होगा। प्राइवेट जमीन मालिरक अपनी जमीन पर गोदाम बना सकते हैं, जिनकी क्षमता दो से तीन लाख टन की होनी चाहिए। ऐसे तमाम गोदामों को वेयरहाउसिंग कारपोरेशन कम से कम सात साल के रेंट एग्रीमेंट पर लेगा। किराया तय करने के लिए टेंडर निकाले जाएंगे। कारपोरेशन की किराया गारंटी के आधार पर प्राइवेट जमीन मालिक बैंक से लोन भी ले सकते हैं।

वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के गोदामों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी के हवाले

नयनपाल रावत ने बताया कि बैठक में निगम के समस्त गोदामों के रखरखाव और सुरक्षा की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी को देने पर सहमति बनी है। इस एजेंसी का चयन करने के लिए मापदंड तय कर दिए गए हैं। गोदाम में अनाज चोरी, कम होने अथवा उसकी सुरक्षा में सेंध लगने पर होने वाले समस्त नुकसान की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी की होगी।

बैठक में वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के समस्त कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सेवा देने पर सहमति बनी। इसके लिए रावत ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से अनुमति हासिल की और निगम की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करा दी। उन्होंने बताया कि बैठक में 62 लाख रुपये के फायर सेफ्टी उपकरण खरीदने का भी निर्णय लिया गया है।



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