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छात्राओं को कॉलेज के लिए पिक एंड ड्राप की सुविधा देगी हरियाणा सरकार, चलाई जाएंगी 600 बसें

 


कॉलेजों में जाने वाली छात्राओं के लिए राज्य परिवहन की तरफ से स्पेशल बसें चलाने की योजना तैयार की है। योजना के तहत लड़कियों को उनके गांव से कॉलेज तक आनेजाने की निशुल्क बस सुविधा दी जाएगी। प्रदेश भर में ऐसी 600 बसों को संचालित किए जाने की योजना है। इसके लिए सरकार ने कॉलेजों के प्राचार्यों व परिवहन अधिकारियों को मिलकर रूट तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है।

महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कॉलेजों में जाने वाली छात्राओं के लिए राज्य परिवहन की तरफ से स्पेशल बसें चलाने की योजना तैयार की है। योजना के तहत लड़कियों को उनके गांव से कॉलेज तक आनेजाने की निशुल्क बस सुविधा दी जाएगी। रक्षाबंधन पर्व पर सरकार द्वारा दी जाने वाली इस सुविधा को लेकर छात्राओं और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिल सकेगी। प्रदेश भर में ऐसी 600 बसों को संचालित किए जाने की योजना है। यह जानकारी प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने दी।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा के लिए शुरू से ही गंभीर है। सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जहां लड़कियों की सुविधा के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की हैं। वहीं उनकी सुरक्षा के लिए समय-समय पर उचित कदम उठाकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया है। इसी कड़ी में प्रदेश सरकार ने कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए उनके गांव से कॉलेज तक जाने व छुट्टी होने पर वापस गांव तक आने के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की स्पेशल बसें चलाने का फैसला लिया है। 

इस सुविधा से जहां लड़कियों को घंटों वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं उनको बसों में पर्याप्त सीटों की उपलब्धता होगी, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा से छात्राओं को बस स्टैंड से कॉलेज तक व कॉलेज से बस स्टैंड तक राह में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिल सकेगी।

कॉलेज के गेट पर छोड़ेगी बस
छात्राओं को बस गांव के बस स्टॉप से लेकर कॉलेज गेट तक छोड़ेगी। इसी तरह कॉलेज से गांव तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम कदम होगा, जिससे छात्राओं के अलावा उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार इस सुविधा को बहुत शीघ्र लागू कर देगी।

लोहारू क्षेत्र की लड़कियों के लिए होगी 20 बसों की सुविधा
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि लोहारू हलके की लड़कियां चार कॉलेजों (बहल, सिवानी, लोहारू व ईशरवाल) में पढ़ने के लिए जाती हैं। इन सभी कॉलेजों के लिए पांच-पांच बसें संचालित की जाएंगी। सुविधा से लोहारू विधानसभा क्षेत्र के गांवों के अलावा आसपास के करीब 200 से ज्यादा गांवों की लड़कियों को सीधा फायदा होगा।

कॉलेजों के प्राचार्य बनवाएंगे रूट
लड़कियों के लिए मुफ्त बस सुविधा देने के लिए जो योजना है, उसमें सबसे अहम बात गांवों के रूट तय करने को लेकर होगी। इसके लिए सरकार ने कॉलेजों के प्राचार्यों व परिवहन अधिकारियों को मिलकर रूट तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। परिवहन अधिकारी कॉलेज प्राचार्य से विभिन्न गांवों से कॉलेज में पढ़ने के लिए आने वाली लड़कियों की संख्या की जानकारी लेंगे और उसी के आधार पर गांवों से कॉलेजों तक आनेजाने का रूट तैयार करेंगे।

इस सुविधा से जहां लड़कियों को घंटों वाहनों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वहीं उनको बसों में पर्याप्त सीटों की उपलब्धता होगी, जिससे किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि इस सुविधा से छात्राओं को बस स्टैंड से कॉलेज तक व कॉलेज से बस स्टैंड तक राह में होने वाली परेशानियों से भी निजात मिल सकेगी।

कॉलेज के गेट पर छोड़ेगी बस
छात्राओं को बस गांव के बस स्टॉप से लेकर कॉलेज गेट तक छोड़ेगी। इसी तरह कॉलेज से गांव तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम कदम होगा, जिससे छात्राओं के अलावा उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश सरकार इस सुविधा को बहुत शीघ्र लागू कर देगी।

लोहारू क्षेत्र की लड़कियों के लिए होगी 20 बसों की सुविधा
कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि लोहारू हलके की लड़कियां चार कॉलेजों (बहल, सिवानी, लोहारू व ईशरवाल) में पढ़ने के लिए जाती हैं। इन सभी कॉलेजों के लिए पांच-पांच बसें संचालित की जाएंगी। सुविधा से लोहारू विधानसभा क्षेत्र के गांवों के अलावा आसपास के करीब 200 से ज्यादा गांवों की लड़कियों को सीधा फायदा होगा।

कॉलेजों के प्राचार्य बनवाएंगे रूट
लड़कियों के लिए मुफ्त बस सुविधा देने के लिए जो योजना है, उसमें सबसे अहम बात गांवों के रूट तय करने को लेकर होगी। इसके लिए सरकार ने कॉलेजों के प्राचार्यों व परिवहन अधिकारियों को मिलकर रूट तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। परिवहन अधिकारी कॉलेज प्राचार्य से विभिन्न गांवों से कॉलेज में पढ़ने के लिए आने वाली लड़कियों की संख्या की जानकारी लेंगे और उसी के आधार पर गांवों से कॉलेजों तक आनेजाने का रूट तैयार करेंगे।



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