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23 सितंबर को शहीदी दिवस पर हो सकता है राव का जबर्दस्त शक्ति प्रदर्शन, भाजपा हाईकमान को नए सिरे से अहीरवाल में अपनी ताकत का ट्रेलर दिखा सकते हैं

 


भाजपा के टफ एग्जाम का सोफ्ट रिजल्ट तैयार करने में जुटे राव!

 विरोधियों पर काउंटर अटैक की व्यू रचना होने लगी तैयार 

*केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के डिनर के बाद राव की विश्वासपात्र मंत्रियों और नेताओं से मंत्रणा

 *23 सितंबर को शहीदी दिवस पर हो सकता है राव का जबर्दस्त शक्ति प्रदर्शन 

*गुरुग्राम के पाटोदा गांव से होगी इसकी शुरुआत

*भाजपा हाईकमान को नए सिरे से दिखा सकते हैं अपनी राजनीतिक ताकत का ट्रेलर

 (हरियाणा)

दक्षिणी हरियाणा में मजबूत जनाधार के बल पर गत विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनाने का अवसर उपलब्ध करा चुके राव इंद्रजीत सिंह पार्टी में लगातार हो रही उपेक्षा को अब लंबे समय तक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। राज्यसभा सांसद भूपेंद्र यादव को केंद्र में प्रभावशाली मंत्री बनाए जाने व राव विरोधी खेमे की ओर से भूपेंद्र यादव को अहीरवाल में राव के विकल्प के रूप में पेश किए जाने के बाद अहीरवाल के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आया है। राव विरोधी खेमे को पार्टी संगठन में काफी महत्व दिया जा रहा है, जबकि राव खेमा लगातार संगठन में उपेक्षा का शिकार बन रहा है। अभी तक राव इंद्रजीत सिंह ने इन सब बातों को लेकर पूरी तरह चुप्पी शादी हुई है, लेकिन उनके सब्र का पैमाना छलकने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को जन आशीर्वाद यात्रा शुरू करते ही लजीज भोजन का स्वाद चखाने के बाद राव ने अपनी अगली रणनीति पर एक्सरसाइज तेज कर दी है। इसका नमूना 23 सितंबर को शहीदी दिवस पर देखने को मिल सकता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भूपेंद्र यादव को दिए गए डिनर के समय संदीप जोशी व भाजपा के कुछ अन्य नेताओं की उपस्थिति के चलते राव इंद्रजीत सिंह और भूपेंद्र यादव के बीच कोई खास बातचीत नहीं हो पाई थी। इस डिनर को महज एक औपचारिकता माना जा सकता है। रात को डिनर के बात बाद बुधवार सुबह राव इंद्रजीत सिंह ने अहीरवाल के अपने खास समर्थक विधायकों, दो मंत्रियों व दूसरे प्रभावशाली नेताओं को अपने निवास पर बुलाकर उनके साथ गहन मंत्रणा की। इनमें बादशाहपुर से मनीष यादव व पटौदी से बिमला चौधरी भी शामिल रहे। इस मंत्रणा पर न तो राव और न ही उनके समर्थकों ने अपने पत्ते खोले हैं। सूत्र बताते हैं कि इस मंत्रणा के बीच आगामी 23 सितंबर को शहीदी दिवस समारोह को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। गुरुग्राम के पटोदा गांव में राव तुलाराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ राव इस दिन भाजपा हाईकमान को नए सिरे से अहीरवाल में अपनी ताकत का ट्रेलर दिखा सकते हैं। इसी दिन वह कार्यकर्ताओं की राय लेकर अपनी आगामी रणनीति पर विचार कर सकते हैं।

उम्र के लिहाज से राव इंद्रजीत सिंह आगामी लोकसभा चुनाव में अपने राजनीतिक जीवन की अंतिम पारी खेलने के लिए मैदान में उतरेंगे। इसके साथ ही उनके लिए अपनी राजनीतिक उत्तराधिकारी आरती राव को भी पहली बार चुनाव मैदान में उतारना जरूरी होगा। भाजपा हाईकमान पिता और पुत्री दोनों को एक साथ चुनाव मैदान में उतरने का मौका शायद ही प्रदान करें। गत विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी सीट से चुनाव लड़ाने के लिए राव इंद्रजीत सिंह ने पार्टी हाईकमान से आरती राव के लिए टिकट की मांग की थी, लेकिन हाईकमान की ओर से उनकी इस मांग को ठुकरा दिया गया था। इसके बावजूद राव इंद्रजीत सिंह ने अहीरवाल की अधिकांश सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों को जिताने के लिए पूरा जोर लगाया था। राव के प्रयासों ने अहीरवाल क्षेत्र में मजबूत पकड़ की बदौलत भाजपा को प्रदेश में दूसरी बार सरकार बनाने की स्थिति में ला दिया था। विधानसभा चुनाव के बाद कई मौकों पर पार्टी संगठन और सरकार में राव इंद्रजीत सिंह की खुलकर उपेक्षा की जाने लगी है। राव इंद्रजीत सिंह ने अभी तक इस मामले में अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, परंतु उनके खास समर्थक इस बात को लेकर काफी बेचैन नजर आ रहे हैं। शहीदी दिवस का दिन राव परिवार के लिए लंबे समय से राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार भी राव इंद्रजीत सिंह शहीदी दिवस पर अपने आक्रामक तेवरों के साथ विरोधियों को जवाब देने का प्रयास करेंगे। आने वाले कुछ दिनों में अहीरवाल की राजनीतिक हलचल तेज होने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं।



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