Skip to main content

आईटीआई में दाखिले के लिए एक जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू, आधार कार्ड व परिवार पहचान पत्र जरूरी, खुद की ई-मेल भी बनानी होगी

 


14 अगस्त तक चलेगी प्रक्रिया, फिलहाल मेरिट लिस्ट और काउंसलिंग कब से ये शेड्यूल नहीं


राज्य के पॉलीटेक्निक संस्थानों में ऑनलाइन माध्यम से दाखिले की प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में भी सत्र 2021-22 के दाखिले के लिए तकनीकी शिक्षा निदेशालय नई दिल्ली की ओर से शेड्यूल जारी किया गया है। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में पहली जुलाई से एडमिशन को लेकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

फिलहाल यह शेड्यूल नहीं है कि काउंसलिंग कब से और मेरिट लिस्ट कब निकलेगी। विद्यार्थी विभिन्न ट्रेड के लिए अभी 14 अगस्त अंतिम तिथि दी गई है। हालांकि इसमें शेड्यूल में परिवर्तन भी हो सकता है। क्योंकि अभी सीबीएसई का रिजल्ट नहीं निकला है।

जिले में संचालित आईटीआई

पटौदी रोड स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, फुटवियर एवं लेदर गुड्स मेकर रेवाड़ी, महिला आईटीआई, कुंड-मनेठी, कोसली, खरखड़ा, बेरली कलां, सहारनवास व टांकड़ी शामिल हैं। इनमें विभिन्न ट्रेड में 2700 के आसपास सीटें हैं। इनमें सबसे ज्यादा रुझान बच्चों में फिटर व इलेक्ट्रिशियन की तरफ होता है। फिलहाल पिछले वर्ष भी सीट और नए ट्रेड नहीं मिले थे। इस वर्ष भी संभावना कम है।

सितंबर में ऑनलाइन और अक्टूबर में नियमित कक्षाएं शुरू

शेड्यूल अनुसार दाखिले की प्रक्रिया 14 अगस्त तक चलेगी। इसमें काउंसलिंग और मेरिट लिस्ट के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है। फिलहाल 1 जुलाई से रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया है। वहीं अभी तक के शेड्यूल अनुसार 1 सितंबर से ऑनलाइन सत्र और 1 अक्टूबर से नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएगी।

अभी बंद चल रहे संस्थान

कोरोना संक्रमण भले ही कम हो गया, लेकिन अभी लॉकडाउन के कारण औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बंद है। फिलहाल 10वीं हरियाणा बोर्ड का ही रिजल्ट निकला है और अभी सीबीएसई का रिजल्ट बाकी है। इसलिए ही अभी शेड्यूल तो जारी हो गया, लेकिन अन्य प्रक्रियाओं को लेकर कोई निर्देश नहीं है।

ऑनलाइन होगी दाखिले की पूरी प्रक्रिया

कोसली आईटीआई के अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट इंचार्ज प्रदीप यादव ने बताया कि दाखिले की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रहेगी। क्योंकि अभी संस्थान बंद चल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को बाहर ही साइबर कैफे पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा। पहली जुलाई से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में सत्र 2021-22 में दाखिला लेने के इच्छुक आवेदन कर्ता उम्मीदवार के पास अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और इस बार परिवार पहचान पत्र भी अनिवार्य किया गया है।

इन कागजातों के बिना आईटीआई के विभिन्न कोर्स में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। इसलिए आईटीआई के विभिन्न कोर्स में जो विद्यार्थी दाखिला लेना चाहता है वे ये जरूरी कागजात समय पर तैयार करा लें, ताकि एडमिशन के समय कोई परेशानी नहीं हो सके।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...