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हुड्डा का सीएम मनोहर काे जवाब, कहा- कोराेना पर राजनीति नहीं, उठा रहा हूं हरियाणा के लोगों की बात

 


चंडीगढ़, जेएनएन। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल दपर पलटवार किया है और उनके तमाम आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया है। हुड्डा ने कहा कि वह कोराेना पर राजनीति नहीं कर रहा, बल्कि हरियाणा की जनता की बात पहुंचा रहे हैा। हुड्डा ने मुख्यमंत्री व जनता के नाम लिखे खुले पत्रों में कोरोना तथा किसान संगठनों के आंदोलन से निपटने में सरकार पर विफल रहने के आरोप लगाते हुए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। मनोहर लाल ने इस मांग को खारिज करते हुए आरोप जड़ा था कि इन दोनों मुद्दों पर हुड्डा राजनीति कर रहे हैं।

 कहा- किसान संगठनों के वकील बनकर लोगों का भरोसा जीतें सीएम

मनोहर लाल के आरोपों के बाद हुड्डा सोमवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि राजनीति उनके खून में है, लेकिन राष्ट्रप्रेम भी उनकी रगों में दौड़ता है। महामारी पर वह राजनीति नहीं करते, लेकिन छह माह से गैर राजनीतिक तरीके से आंदोलन कर रहे किसान संगठनों का वकील बनकर मुख्यमंत्री को उनकी समस्या का समाधान कराना चाहिए। इससे लोगों में उनका विश्वास बढ़ेगा।

हुड्डा ने कहा कि मैं पहले दिन से मांग कर रहा हूं कि कोरोना से निपटने के लिए टास्कफोर्स बनाई जाए। मुख्यमंत्री स्वयं उसको लीड करते, मगर इस सुझाव को नहीं माना गया। विपक्ष के नेता के नाते मेरा धर्म है कि मैं लोगों की हर बात को सरकार तक लाऊं। सरकार अच्छा काम करेगी तो उसकी तारीफ भी करेंगे।

हुड्डा ने कहा- मेरा कोई सवाल नहीं था, जनता के सवाल सरकार तक पहुंचाए

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने कहा कि कोरोना शहरों से गांवों में गया। गांव में कम केस हैं और शहरों में ज्यादा। मैंने हमेशा ग्रामीणों से अपील की है कि वह कोरोना से बचाव के लिए प्रोटोकाल को अपनाएं। धरनों पर बैठे लोग गैर राजनीतिक लोग हैं। वह चाहते हैं कि उनकी बात मानी जाए। दो कदम किसान चलें और दो कदम सरकार चले।

हुड्डा ने कहा, हम इस मसले के समाधान में सरकार का साथ देने को तैयार हैं, लेकिन सरकार को इसकी पहल करनी होगी। सरकार अपनी विफलताओं को कभी मेरे ऊपर डालती है तो कभी किसानों पर डाल देती है। बातचीत से हर समस्या का समाधान संभव है। हिसार का मसला बातचीत से ही हल हुआ है।

हुड्डा ने मुख्यमंत्री द्वारा अनाथ बच्चों के लिए की गई घोषणाओं की सराहना की, लेकिन साथ ही यह मांग भी की कि कोरोना की वजह से राज्य में जो आठ हजार लोग मरे हैं, उनके परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये प्रदान किए जाएं। उन्‍होंने कहा कि कोरोना की लहर धीमी पड़ गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमने कोरोना पर विजय पा ली है। अच्छा है कि तीसरी लहर न आए, लेकिन हमें इससे बचने की तैयारी करनी होगी। हम सबको मिलकर लड़ना होगा अन्यथा कोई नहीं बचेगा।

उन्‍हाेंने कहा कि हम सरकार को हर तरह का सहयोग देने को तैयार हैं, मगर कोई ले तो सही। सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाए या न बुलाए, यह उसकी मर्जी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह मेरे पत्र का जवाब नहीं देंगे। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा, क्योंकि उनके पास मेरे और जनता के सवालों के जवाब ही नहीं हैं। रही अगली सरकार की बात तो यह किसी होगी, यह जनता अभी से तय कर चुकी है।

कहा- सरकार को बताना चाहिए तीसरी लहर की क्या तैयारी

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आंकड़ों के आधार पर कहा कि राज्य में डाक्टरों की भारी कमी है। ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं हैं। आज हमारे पास 2404 सब सेंटर बनने चाहिएं, 314 पीएचसी और 135 सीएचसी होनी चाहिएं। इस इन्फ्रांस्ट्रक्चर को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। लोग सरकार से सवाल कर रहे हैं कि तीसरी लहर से निपटने के लिए क्या तैयारी की जा रही है।

हुड्डा ने कहा, मैंने यही बात अपने पत्र में सरकार से पूछी जो उन्हें अच्छी नहीं लगी। मेरे जितने भी सवाल थे, वह सब जनता के सवाल थे। भाजपा के सांसद खुद सरकार की कमियों पर सवाल उठा रहे हैं। यदि सरकार हकीकत स्वीकार करेगी तो उसका जनता में भरोसा बढ़ेगा।



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