पुराने निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन संयंत्र स्थापित करने होंगे। सरकार ने कोविड के बढ़ते कहर को देखते हुए ऑक्सीजन का संकट गहराने पर यह निर्णय लिया है।
निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्रों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी। विज ने कहा कि हरियाणा सिविल सचिवालय चंडीगढ़ में स्थापित ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष विनिर्माण संयंत्रों से जिलों में ऑक्सीजन टैंकर की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। डीसी के ऑक्सीजन से जुड़े आकस्मिक अनुरोध को पूरा करना, संयंत्रों का मानचित्रण और वॉर रूम (व्हाट्सएप ग्रुप) पर संदेशों की निगरानी इत्यादि कार्य भी कक्ष से ही होंगे
राज्य ऑक्सीजन नियंत्रण कक्ष को कमरा संख्या 43-ए से संचालित किया जाएगा। इसका हेल्पलाइन नंबर 0172-2740833 है। उन्होंने कहा कि किसी भी गैर-चिकित्सा उद्देश्य के लिए तरल ऑक्सीजन के उपयोग की अनुमति नहीं है। तरल ऑक्सीजन का निर्माण करने वाली सभी इकाइयां अपने उत्पादन को बढ़ाएंगी। इसे अगले आदेश तक चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसंरचना विकास निगम के प्रबंध निदेशक अनुराग अग्रवाल को औद्योगिक संपदाओं और निदेशक एमएसएमई डॉ. विकास गुप्ता को शेष राज्य में लिक्विड ऑक्सीजन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स की मैपिंग, उत्पादन और चिकित्सा उपयोग की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है।
महिला आयोग में मामलों की सुनवाई स्थगित
आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष प्रीति भारद्वाज दलाल ने बताया कि जिन मामलों में तत्काल, त्वरित आपात सुनवाई की आवश्यकता है - उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, जूम, गूगल प्ले, और अन्य ऑनलाइन माध्यम से सुना जाएगा। इसको लेकर संबंधित पक्षों को सूचना दे दी जाएगी। अध्यक्ष ने जनता, पीड़ित व्यक्ति, शिकायतकर्ता, प्रतिवादी पक्ष सभी से अपील की है कि जब तक अत्यंत आवश्यक न हो आप महिला आयोग के दफ्तर या परिसर में आने से परहेज करें। शिकायतकर्ता महिला आयोग से ईमेल ayogmahila@gmail.com, mahilaayoghry@gmail.com, व्हाट्सएप नंबर आयोग सखी 9560080115 व वेबसाइट www.hscw.in के माध्यम से जुड़ सकते


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