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हरियाणा: 32 शहरों में हुईं हजारों गलत रजिस्ट्रियां, गुरुग्राम के बाद अन्य जिलों में भी नपेंगे अधिकारी


  • एनसीआर के जिलों में जमकर हुआ है रजिस्ट्रियों में फर्जीवाड़ा
  • गुरुग्राम में रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द करने की मिल रही थी सूचनाएं


हरियाणा के 32 शहरों में हजारों गलत रजिस्ट्रियां हुई हैं। गुरुग्राम से शुरू हुई कार्रवाई का असर अन्य जिलों में भी दिखने वाला है। अन्य जिलों में भी रजिस्ट्रियों में हुए फर्जीवाड़े में बड़े स्तर पर राजस्व विभाग के अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। एनसीआर के जिलों में सबसे अधिक गलत रजिस्ट्रियां हुई हैं। 


सरकार को गुरुग्राम जिले में गलत रजिस्ट्रियों के रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द करने की शिकायतें मिल रही थीं। सीएम मनोहर लाल ने पुख्ता जानकारी प्राप्त होने के बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू किया है। बीते सोमवार को सीएम उड़नदस्ते ने प्रदेश की अनेक तहसीलों में छापेमारी की थी। चूंकि, कोरोना बंद के बीच 22 अप्रैल के बाद जिला नगर योजनाकार और शहरी निकायों की एनओसी के बिना गलत रजिस्ट्रियां हुई हैं। 

2016 की नीति अनुसार प्राइम लोकेशन के बड़े प्लाटों का बंटवारा नहीं किया जा सकता, मगर भू माफिया ने इन बड़े प्लाटों को छोटे बनाकर बिना एनओसी के रजिस्ट्रियां करा लीं। यदि 1200 गज या इससे अधिक का प्लाट है तो उसकी रजिस्ट्री बिना एनओसी आसानी से हो सकती है लेकिन छोटे प्लाट व मकान धारकों के लिए यह सुविधा नहीं है। सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, झज्जर, रोहतक, हिसार, बहादुरगढ़, अंबाला व पंचकूला जिले में हुआ है।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नियमों में हेरफेर कर या उनकी अनदेखी कर जमीन की रजिस्ट्री करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि अब इस गड़बड़ी में शामिल रहे या सहयोग देने वाले टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और अर्बन लोकल बॉडीज के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी। 

भविष्य में इस विषय में कोई गड़बड़ी की गुंजाइश न छोड़ने के लिए भी अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्व पर प्रदेश के लोगों का अधिकार है और इसमें गड़बड़ करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ही सीएम से गुरुग्राम के 1 तहसीलदार, 5 नायब तहसीलदार व एक सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार पर कार्रवाई की सिफारिश की थी।

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