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Haryana Assembly Election: कर्ज से जूझ रहे हरियाणा में मुफ्त की रेवड़ियां देने में कांग्रेस-भाजपा के बीच जोर आजमाइश चल रही है, मुफ्त रेवड़ियों का अक्सर विरोध जताने वाली भाजपा ने इस वादे के साथ हरियाणा में अपनी परंपरा बदल कर रख दी हैट्रिक के लिए मुफ्त वादों के समंदर में उतरी BJP

 



कर्ज से जूझ रहे हरियाणा में मुफ्त की रेवड़ियां देने में कांग्रेस-भाजपा के बीच जोर आजमाइश चल रही है। कांग्रेस की तर्ज पर भाजपा ने भी हर महिला के खाते में प्रति माह 2100 रुपये भेजने का वादा किया है। मुफ्त रेवड़ियों का अक्सर विरोध जताने वाली भाजपा ने इस वादे के साथ हरियाणा में अपनी परंपरा बदल कर रख दी है। 


भाजपा अक्सर खासकर हरियाणा में मुफ्त रेवड़ियों के बांटने के खिलाफ रही है। हरियाणा में पहली बार है जब भाजपा ने मुफ्त में पैसे भेजने का एलान किया है। भाजपा के 20 सूत्रीय संकल्प पत्र में सबसे ज्यादा योजनाएं युवाओं, महिला और ओबीसी वर्ग से संबंधित हैं। रोचक यह है कि भाजपा-कांग्रेस की पांच घोषणाएं एक जैसी हैं।

भाजपा-कांग्रेस के पांच वादे एक जैसे

1. महिलाओं के खाते में पैसे भेजना : भाजपा व कांग्रेस के घोषणा पत्र में महिलाएं केंद्र में हैं। कांग्रेस ने सरकार आने पर महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये देने की घोषणा की है। वहीं, भाजपा ने हर महिला को 2100 रुपये देने का वादा किया है।
मायने : पिछले कुछ चुनाव में भाजपा-कांग्रेस ने महिलाओं के दम पर ही सरकारें बनाई हैं। कांग्रेस ने कर्नाटक, तेलगांना और हिमाचल के चुनाव में महिलाओं के खाते में पैसे भेजने की गारंटी दी और पार्टी ने तीनों ही प्रदेश में अपनी सरकार बनाई। वहीं, भाजपा ने पिछले साल छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के चुनाव में महिलाओं को हर महीने रुपये देने का एलान किया और नतीजतन भाजपा ने दोनों ही प्रदेश में सरकार बनाई। इस योजना से राज्य सरकार के खजाने में करीब 16,800 करोड़ का भार पड़ेगा।

2. दो लाख सरकारी नौकरियां : कांग्रेस और भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में दो लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। भाजपा ने वादा दोहराते हुए कहा-तीसरी बार उसकी सरकार आने पर बिना पर्ची-खर्ची के नौकरी देंगे।
मायने : हरियाणा में बेरोजगारी और सरकारी नौकरियां देने का मुद्दा हावी रहा। हरियाणा के युवाओं में सरकारी नौकरियों का काफी क्रेज है। हरियाणा में 18 से 39 साल के करीब 94 लाख युवा हैं। जिस तरफ भी युवा गए, उस दल की बल्ले-बल्ले हो जाएगी।

3. 500 रुपये में सिलिंडर : भाजपा-कांग्रेस ने 500 रुपये में गैस सिलिंडर देने की घोषणा की है। भाजपा ने दो महीने पहले इस योजना की शुरुआत की थी, मगर यह योजना सिर्फ बीपीएल कार्ड धारक को मिल रही थी। अब भाजपा ने सभी महिलाओं को 500 रुपये में सिलिंडर देने का वादा किया।
मायने : दोनों ही दलों के केंद्र में इस बार महिलाएं हैं। राज्य में महिला वोटरों की संख्या 95 लाख से ज्यादा है। महिलाओं को यदि योजनाएं भा गईं तो एक तरफा वोट पड़ना तय है।
4. एमएसपी : भाजपा-कांग्रेस के घोषणा पत्र में फसलों पर एमएसपी देने का जिक्र है। कांग्रेस ने एमएसपी को कानूनी गारंटी देने का वादा किया है। वहीं, भाजपा ने राज्य की 24 फसलों को एमएसपी के दामों पर खरीदने का वादा किया गया है।
मायने : लगभग सभी विधानसभा क्षेत्रों में किसानों की आबादी 30 से 70 फीसदी तक है। किसानों की बात किए बिना कोई भी दल सत्ता हासिल नहीं कर सकता है।इसलिए भाजपा ने चुनाव से पहले ही 24 फसलों को एमएसपी पर खरीदने का एलान कर दिया था। वहीं, कांग्रेस गारंटी देना चाहती है फसल कोई भी खरीदे, किसान को एमएसपी मिलेगी।

5. आवास : दोनों ही दलों ने आवास बनाने की घोषणा की है। भाजपा ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 लाख आवास और कांग्रेस ने 100 गज जमीन के साथ-साथ घर बनाने के लिए साढ़े तीन लाख देने की घोषणा की।
मायने : यह आवास बीपीएल कार्ड धारकों के लिए हैं। राज्य में करीब 46 लाख परिवार बीपीएल कार्ड धारक हैं। यह बहुत बड़ा वोट बैंक है और साइलेंट रहता है। पिछले दो बार इसी वोट बैंक ने भाजपा की सरकार बनाई है। अब कांग्रेस ने भी इस पर फोकस किया है।

इन घोषणाओं में कांग्रेस ने बाजी मारी

कांग्रेस ने छह हजार रुपये पेंशन देने का वादा किया है। जबकि भाजपा ने डीए की तर्ज पर पेंशन बढ़ाने की बात कही है। वहीं, कांग्रेस ने ओबीसी की क्रीमिलेयर की सीमा और जातिगत सर्वे कराने की बात कह पिछड़ों और एससी वोटरों को साधने की कोशिश की है। सैनी सरकार ने पिछले दिनों ओबीसी क्रीमिलेयर की सीमा आठ लाख की थी। कांग्रेस ने 300 यूनिट फ्री बिजली देने और हरियाणा को नशा मुक्त बनाने और पुरानी पेंशन बहाल का भी वादा किया है। भाजपा ने इन क्षेत्रों में कोई घोषणा नहीं की है। वहीं, कांग्रेस ने हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने की भी घोषणा की है। जबकि भाजपा ने दस लाख रुपये का मुफ्त इलाज करने की बात कही हैं। हालांकि इन योजनाओं के घोषणाओं से सरकार के खजाने पर काफी बोझ पड़ेगा। सिर्फ पेंशन दो गुनी करने पर ही सरकार के खजाने में सालाना करीब 21 हजार करोड़ का बोझ पड़ेगा। वहीं, 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करने पर सब्सिडी बिल करीब 3200 करोड़ बढ़ जाएगा।

इन घोषणाओं में भाजपा ने बाजी मारी

भाजपा ने सरकार आने पर ग्रामीण क्षेत्रों में कॉलेज जाने वाली लड़कियों को स्कूटी देने का वादा किया है। वहीं, भाजपा ने अलग-अलग जातियों के लिए कल्याण बोर्ड बनाने का भी वादा किया है। भाजपा ने देश के किसी भी सरकारी मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले हरियाणा के ओबीसी के छात्रों को संपूर्ण छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है। उधर भाजपा ने हर अग्निवीर को सरकारी नौकरी की गारंटी दी है।

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