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हरियाणा में अगस्त के पहले सप्ताह में खुलेंगे पहली से पांचवीं तक स्कूल

 


हरियाणा में कोराेना वायरस के संक्रमण के मामलों पर नियंत्रण के बाद अब पहली से लेकर पांचवीं तक के स्‍कूल भी खाेलने की तैयारी है। हरियाणा के फरीदाबाद और गुरुग्राम सहित सभी जिलों में ये स्‍कूल अगस्‍त महीने के पहले सप्‍ताह में खुलेंगे। अभी स्‍कूलों में छठी से लेकर 12वीं तक की कक्षाएं लग रही हैं।

हरियाणा के शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने दिए संकेत, राज्‍य में पांच साल पहले लागू होगी केंद्रीय शिक्षा नीति

हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कोरोना संक्रमण की स्थिति काबू में होने का दावा करते हुए अगस्त के पहले सप्ताह में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूल खोलने का संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 2030 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसे अपने राज्य में पांच साल पहले 2025 तक लागू करने का निर्णय लिया है।

इसके अलावा कालेजों में एनसीसी को इलेक्टिव सब्जेक्ट के रूप में लागू करने को लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। हरियाणा सरकार ने इसके क्रियान्वयन के लिए एक कमेटी बनाई है। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर बृहस्पतिवार को यहां सरकारी और सहायता-प्राप्त कालेजों के शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ से जुड़े विभिन्न संगठनों से बातचीत के बाद बाद मीडिया कर्मियों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

हरियाणा प्राइवेट कालेज (एडिड) नान टीचिंग कर्मचारी यूनियन, हरियाणा गवर्नमेंट एडिड कालेज प्रिंसिपल एसोसिएशन, कालेज टीचर एसोसिएशन, हरियाणा गवर्नमेंट कालेज टीचर एसोसिएशन, आल गवर्नमेंट कालेज मिनिस्ट्रयल स्टाफ एसोसिएशन और एक्सटेंशन लेक्चरर से जुड़ी एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री से मुलाकात की।

कंवरपाल गुर्जर ने बताया कि कई एसोसिएशन का एतराज कालेजों में आनलाइन पोर्टल के चलते दाखिलों में हो रही देरी को लेकर था। पिछले साल कोरोना के चलते कुछ देरी हो गई थी, लेकिन इस बार इस तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इस पोर्टल को जल्द ही परिवार पहचान पत्र से जोड़ा जाएगा ताकि विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियों समेत विभिन्न प्रकार की सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रेजुएशन के द्वितीय और तृतीय वर्ष में दाखिला प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।

सहायता-प्राप्त कालेजों द्वारा अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की विश्वविद्यालय की फीस से जुड़े मुद्दे पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार के नियमों का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, स्कीम में कुछ इस तरह का प्रविधान होगा कि यूनिवर्सिटी द्वारा कालेजों द्वारा अदा की गई फीस छात्रवृत्ति से काटकर कालेजों को दी जाए और बाकी पैसे बच्चे के खाते में जाएं। बैठक में उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आनंद मोहन शरण और महानिदेशक विजय सिंह दहिया समेत विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।



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