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अच्छी खबर: वर्तमान स्कूलों से कार्यमुक्त नहीं होंगे सरप्लस एडहॉक जेबीटी, मौलिक शिक्षा निदेशक ने दिए निर्देश

 


मौलिक शिक्षा निदेशक ने पत्र जारी कर कहा है कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी किसी सरप्लस शिक्षक को तब तक कार्यमुक्त न करें जब तक निदेशालय उन्हें नए जिले या स्कूल आवंटित नहीं कर देता है।  


हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सरप्लस हुए एडहॉक जेबीटी व अतिथि शिक्षकों को अगले आदेश तक कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। अंतर जिला तबादला आदेश लागू होने पर 2500 से अधिक जेबीटी ने नए स्कूलों में ज्वाइन किया है। जिससे सैकड़ों एडहॉक जेबीटी व अतिथि शिक्षक सरप्लस हो गए हैं। इन्हें कार्यमुक्त करने को लेकर स्कूलों में बनी असमंजस की स्थिति पर स्कूल शिक्षा विभाग ने सोमवार देर शाम विराम लगा दिया। मौलिक शिक्षा निदेशक ने किसी भी सरप्लस शिक्षक को कार्यमुक्त न करने के आदेश जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व स्कूल मुखिया को दिए हैं।

विभाग ने अंतर जिला तबादलों को सिरे चढ़ाने के लिए एडहॉक जेबीटी व अतिथि शिक्षकों के पदों को खाली माना था। शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी आदेश में अनेक जेबीटी को ऐसे स्कूल भी आवंटित कर दिए गए, जिनमें पहले से ही उनके पद पर एडहॉक जेबीटी या अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे थे। नियमित जेबीटी के नए स्टेशन पर ज्वाइन करने से पूर्व कार्यरत शिक्षक सरप्लस हो गए। इस पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों व स्कूल मुखिया ने मौलिक शिक्षा निदेशक नितिन यादव से मार्गदर्शन करने को कहा था

निदेशक ने पत्र जारी कर कहा है कि जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी किसी सरप्लस शिक्षक को तब तक कार्यमुक्त न करें जब तक निदेशालय उन्हें नए जिले या स्कूल आवंटित नहीं कर देता है। इन शिक्षकों को अगले आदेश तक वर्तमान स्कूल में ही रहने दिया जाए।

एक अन्य आदेश में निदेशक ने सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों से उनके जिलों में सरप्लस अतिथि शिक्षकों की जानकारी मांगी है। मंगलवार शाम तक इसे निदेशालय को भेजने के लिए कहा गया था। अगर भेजी गई जानकारी के बाद कोई अतिथि शिक्षक सरप्लस मिलता है तो उसके लिए जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व आहरण एवं वितरण अधिकारी जिम्मेवार होंगे। निदेशक ने साफ कर दिया है कि तय समय अवधि के बाद सरप्लस मिलने वाले अतिथि शिक्षकों को समायोजित नहीं किया जाएगा।

हरियाणा प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के प्रेस प्रवक्ता विनोद रोहिल्ला ने मौलिक शिक्षा निदेशक से आग्रह किया है कि जल्द सभी सरप्लस शिक्षकों को नए स्कूल आवंटित किए जाएं। किसी शिक्षक को बिना स्कूल न रहने दें। एडहॉक जेबीटी पहले ही पक्का होने की राह ताक रहे हैं, उनके साथ पूरा न्याय हो। 



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