Skip to main content

अब तक का रिकॉर्ड टूटा, शुक्रवार को पहली बार 272 कोरोना संक्रमित मिले

 


 (हरियाणा)रेवाड़ी : जिले में शुक्रवार को पहली बार 200 से अधिक कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिले में 272 कोरोना संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया। इतना ही नहीं 15 लोगों की विभिन्न अस्पतालों में मौत भी हुई है। हालात बद से बदतर हो चले हैं। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लगातार लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वह कोविड नियमों का पालन करें।

शुक्रवार को मिले संक्रमित में 38 विद्यार्थी भी शामिल हैं। हालांकि सरकारी रिकार्ड में अभी 4 ही संक्रमितों की मृत्यु दर्शाई गई है।

शाम तक जारी था शव आने का सिलसिला सुबह से शुरू हुआ कोरोना संक्रमितों की मौत का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। सरकारी रिकार्ड में जो चार कोरोना संक्रमित दर्शाए गए हैं, उनमें दो महिला, एक श्रमिक व एक सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक शामिल हैं। इनके अतिरिक्त एक 85 वर्षीय बुजुर्ग की मौत शहर के ही नागरिक अस्पताल में हुई। वहीं 54 वर्षीय व 55 वर्षीय दो लोगों की मौत शहर के निजी अस्पताल में हुई। इसके अतिरिक्त शहर के एक अन्य निजी अस्पताल में दिल्ली के डाबड़ी निवासी 50 वर्षीय महिला ने दम तोड़ दिया। शहर के दिल्ली रोड स्थित श्मशान स्थल में देर शाम तक 12 संक्रमितों का दाह संस्कार भी किया जा चुका था। 748 मामले सक्रिय जिले में कोविड संक्रमण के 748 मामले सक्रिय हैं। इनमें से 291 विभिन्न कोविड सेंटरों में उपचाराधीन हैं। इनमें से 457 नागरिक घर पर एकांतवास किए हुए हैं। जिले में 87 नागरिक स्वस्थ हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 99 नागरिकों की कोविड संक्रमण से मौत हो चुकी है जबकि हकीकत में यह संख्या 130 के करीब है। 24 घंटे के दौरान 1,892 की हुई सैंपलिग जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 1,892 नागरिकों की कोविड सैंपलिग हुई। इनमें से 339 की रिपोर्ट का इंतजार है। इसके साथ ही जिले में अब तक 2,05,839 नागरिकों की सैंपलिग हुई। इनमें से 1,92,062 की रिपोर्ट निगेटिव आई है, जबकि 13,438 की रिपोर्ट पाजिटिव है। वहीं 12,591 स्वस्थ भी हुई हैं।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...