Skip to main content

पुलिस लाइन में खुलेगा साउथ रेंज का साइबर क्राइम थाना, ई-मेल से भेज सकेंगे शिकायत

 

एसपी होंगे मुख्य सुपरविजन ऑफिसर, इंस्पेक्टर ऋषिकांत को थाना प्रभारी का जिम्मा

साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों में त्वरित जांच और अपराधियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण रेंज के जिलों का साइबर क्राइम थाना शहर की पुलिस लाइन में खोला जाएगा। इस थाना से रेवाड़ी के अलावा दक्षिण रेंज से जुड़े महेंद्रगढ़, पलवल, नूंह जिलों से संबंधित मामले भी दर्ज किए जाएंगे। नए थाना के लिए काम शुरू कर दिया है और इंस्पेक्टर ऋषिकांत को थाना प्रभारी लगाया है।

राज्य सरकार की तरफ से पिछले साल हर रेंज में साइबर रिस्पांस सेंटर खोलने की कवायद शुरू की थी। सरकार की तरफ से गुड़गांव व पंचकुला में साइबर क्राइम थाना शुरू हो चुके हैं और अब सभी रेंज स्तर पर इन्हें प्रारंभ किया जा रहा है। रेवाड़ी के लिए साउथ रेंज का थाना स्वीकृत किया गया है जो कि अगले सप्ताह से शहर की पुलिस लाइन में प्रारंभ किया जा रहा है।

हालांकि अभी इसके लिए उद्घाटन का कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं हुआ है लेकिन इसके लिए पहली कड़ी के तौर पर एसएचओ की नियुक्ति कर दी गई है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने एक आदेश जारी करके इंस्पेक्टर ऋषिकांत को एसएचओ लगा दिया है और उनकी तरफ से ही अब तमाम व्यवस्थाएं देखी जाएगी। फिलहाल थाना के लिए 18 पुलिस कर्मियों के पद स्वीकृत किए गए हैं और थाना के विधिवत शुरूआत होने के बाद इन पदों में और अधिक बढ़ोतरी की जाएगी।

जल्द जारी होगी ई-मेल आईडी रेंज स्तर के इन थानों में रेवाड़ी के साथ नारनौल, नूंह और पलवल जिले के भी मामलों की जांच की जाएगी। इसके लिए ठगी के शिकार हुए लोग चाहे तो सीधे ही मेल के जरिए संबंधित थाना में शिकायत भेज सकते हैं। साथ ही रेंज में आने वाले थानाें के भी साइबर फ्रॉड के गंभीर मामलों को जांच के लिए इन थानों में भेज सकेगी। फिलहाल थाना की मेल आईडी तैयार नहीं हुई है और इसके तैयार होने के बाद आमजन के लिए इसे जारी कर दिया जाएगा।

अत्याधुनिक साॅफ्टवेयर दिए जाएंगे, तकनीकी रूप से दक्ष पुलिस कर्मचारी मामले निपटाएंगे साइबर थाना में सरकार की तरफ से फ्रॉड से संबंधित मामलों की जांच के लिए अत्याधुनिक साॅफ्टवेयर दिए जाएंगे। साथ ही साइबर सेल भी इसी थाना में आ जाएगा जिसमें तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसकर्मी मामलों का निपटारा करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि साइबर थाना में इमेजिंग, डाटा रिकवरी, डंप उठाने, फोरेंसिक साइबर किट जैसे अत्याधुनिक उपकरण होंगे। इससे बैकिंग धोखाधड़ी, पेमेंट गेटवे सहित अन्य फ्रॉड से संबंधित मामलों की त्वरित जांच हो सकेगी। एसपी-डीएसपी होंगे सुपरविजन ऑफिसर : साइबर थाना पूरी रेंज का होगा लेकिन एडीजीपी विकास अरोड़ा ने इसके लिए एसपी अभिषेक जोरवाल का मुख्य सुपरविजन की जिम्मेदारी दी है। थाना के स्तर पर डीएसपी अमित भाटिया को भी सुपरविजन के तौर पर लगाया गया है। दोनों अधिकारियों को रेवाड़ी के साथ अन्य जिलों से संबंधित मामलों की जांच का अधिकार होगा।



Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...