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रेवाड़ी के सिविल अस्पताल से अब कर सकेंगे पीजी केे डिप्लोमा

 


सिविल अस्पताल में नए साल में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा की शुरूआत होने जा रही है। इसके लिए यहां उपलब्ध सुविधाओं को जांचने के लिए जल्द ही केंद्रीय टीम भी दौरा कर सकती है। यहां सुविधाएं जांचने के बाद टीम की ओर से रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उसके बाद कोर्स शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए सिविल अस्पताल प्रबंधन की ओर से जरूरी तैयारियां की जा रही है।

जिले में ईएनटी व चेस्ट एंड टीबी में एक-एक विशेषज्ञ तैयार किए जाएंगे। ऐसा अलग-अलग रोगों के विशेषज्ञों को तैयार करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। इसको लेकर जरूरी औपचारिकताएं जैसे रजिस्ट्रेशन आदि पूरी कर ली गई है। राज्य के अन्य बड़े सिविल अस्पताल में भी इस तरह के कोर्स शुरू होंगे।

मेडिकल ऑफिसर बन सीखेंगे और देंगे सहयोग

डिप्लोमा ऑफ नेशनल बोर्ड के तहत पीजी कोर्स करने वाले न सिर्फ विभिन्न रोगों के बारे विशेषज्ञ की तरह जानेंगे, सीखेंगे, बल्कि बतौर मेडिकल ऑफिसर सेवाएं भी देंगे। इससे अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, जिससे मरीजों को सुचारू स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने में आसानी होगी।

जल्द शुरू हो सकता है कोर्स : एमएस

पीजी डिप्लोमा कोर्स से संबंधित अस्पताल में जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी करवाया जा चुका है। यहां ईएनटी में एक और चेस्ट एंड टीबी में एक सीट मिलेगी। इसमें एचसीएमएस के ही मेडिकल ऑफिसरों को डिप्लोमा करवाने की तैयारी है। इससे विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैयार होंगे। साथ ही अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी भी दूर हो जाएगी। रेवाड़ी में ईएनटी तथा छाती एवं टीबी रोग विशेषज्ञ पढ़ाएंगे। फिर एग्जाम सभी के कॉमन होंगे। इसमें जल्द ही केंद्रीय टीम भी दौरा करेगी। टीम यहां दोनों कोर्स में उपलब्ध सुविधाएं देखेंगी। - डॉ. सर्वजीत थापर, एमएस, सिविल अस्पताल, रेवाड़ी।

1. ब्लड बैंक को लाइसेंस मिलने की उम्मीद

जिला के सिविल अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में फिलहाल होल ब्लड की सुविधा उपलब्ध है। अभी प्लाज्मा डोनेट या डेंगू की प्लेटलेट्स के लिए भी ट्रस्ट के ब्लड बैंक में जाना पड़ता है। अब नए वर्ष में यहां पीआरबीसी(पैक्ड रेड ब्लड सेल्स) के लाइसेंस की स्वीकृत मिलने की उम्मीद है। यहां ब्लड बैंक में मशीनें भी मिल गई। अब लाइसेंस के लिए प्रक्रिया चल रही है।

2. बायोकेमिस्ट्री लैब भी सिविल में होगी स्थापित

जिले की सिविल अस्पताल में फिलहाल शूगर, ईसीजी, केएफटी, ब्लड जांच, यूरीनल और कुछ कल्चर टेस्ट किए जा रहे हैं। नए साल में बायोकेमिस्ट्री की बेहतर लैब स्थापित किए जाने की तैयारी है। इसमें बायोकेमिस्ट्री के एनालिसिस टेस्ट भी शुरू किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित तैयारी चल रही है। उम्मीद है जल्द ही यह शुरू हो जाएगी।



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