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फ्यूचर पर अंबानी का मालिकाना हक‌:रिलायंस रिटेल ने फ्यूचर ग्रुप के कारोबार को 24,713 करोड़ में खरीदा, लंबे समय से चल रही थी डील को लेकर बातचीत

 


  • रिलायंस रिटेल एंड फैशन लिमिटेड फ्यूचर इंटरप्राइजेज लिमिटेड 6.9 फीदसी इक्विटी के लिए 1200 करोड़ निवेश करेगा
  • इसकी जानकारी रिलायंस रिटेल की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने दी है
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सब्सिडियरी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड ने फ्यूचर ग्रुप के रिटेल एंड होलसेल बिजनेस के साथ लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग बिजनेस को खरीद लिया है। शनिवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 24,713 करोड रुपए में इस डील का ऐलान किया। हालांकि, इसमें जो भी कंपोजिट स्कीम होगी उसे एडजस्टमेंट किया जाएगा। इसकी जानकारी रिलायंस रिटेल की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने दी है। बता दें कि इस मेगा डील से कंपनी की रिटेल कारोबार में स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में अमेजन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को टक्कर देने के लिए रिलायंस रिटेल अपने पांव मजबूत कर रहा है।

    फ्यूचर ग्रुप की तमाम कंपनियों को मर्ज किया जाएगा

    उपरोक्त अधिग्रहण उस स्कीम के हिस्से के रूप में किया गया है जिसमें फ्यूचर ग्रुप की तमाम कंपनियों को मर्ज किया जाएगा। डील के मुताबिक रिटेल और होलसेल पूरी तरह से रिलायंस रिटेल और फैशन लाइफ़स्टाइल लिमिटेड को ट्रांसफर किया जाएगा। लॉजिस्टिक्स एंड वेयरहाउसिंग भी रिलायंस रिटेल वेंचर लिमिटेड को ट्रांसफर किया जाएगा। रिलायंस रिटेल एंड फैशन लिमिटेड फ्यूचर इंटरप्राइजेज लिमिटेड की 6.9 फीसदी इक्विटी खरीदने के लिए 1200 करोड़ रुपए का निवेश इस इक्विटी मर्जर के बाद करेगा।

    आधुनिक रिटेल के विकास में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

    रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि भारत में आधुनिक रिटेल के विकास में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हमे आशा है कि छोटे व्यापारियों, किराना स्टोर्स और बड़े उपभोक्ता ब्रांडों की सहभागिता के दम पर रिटेल सेक्टर में विकास की गति बनी रहेगी, हम देश भर में अपने उपभोक्ताओं को बेहतर मूल्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने रिटेल बिजनेस में 3 करोड़ किराना मालिकों और 12 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा था। फ्यूचर समूह के खुदरा व्यापार, थोक और सप्लाई चेन व्यवसाय के अधिग्रहण से रिलायंस अपनी स्थिती मजबूत कर रहा है।

    रिटेल सेक्टर में एकतरफा किंग बनकर उभरेंगे अंबानी

    इस सौदे से मुकेश अंबानी रिटेल सेक्टर में एकतरफा किंग बनकर उभरेंगे। क्योंकि उनकी रिटेल कंपनी पहले से ही इस सेक्टर में है। रिलायंस रिटेल स्टोर्स का दायरा 18,000 तक बढ़ सकता है। यह कंपनी के रेवेन्यू में 26,000 करोड़ रुपए जोड़ने में मदद करेगा। इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास भारतीय रिटेल बाजार की एक-तिहाई हिस्सेदारी आ जाएगी।

    टैगलाइन से मिली थी कारोबार को पहचान

    बिग बाजार का सबसे सस्ता, सबसे अच्छा टैगलाइन ने उसे नई पहचान दिलाई। इससे उनके फ्यूचर ग्रुप का टर्नओवर 9,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया और 2017 में भारत के 100 अमीरों की लिस्ट में बियानी भी शामिल हुए। हालांकि वक्त के साथ सबकुछ बदलता चला गया और 2019 की समाप्त तिमाही में फ्यूचर रिटेल के प्राफिट में 15 फीसदी की गिरावट आई थी, वहीं रेवेन्यू में 3 फीसदी की कमी देखी गई थी। कोरोना संकट से बियानी के कारोबार को और ज्यादा नुकसान हुआ।

    कैश की कमी से जूझ रही थी कंपनी

    इस सौदे पर बातचीत इस साल की शुरुआत में शुरू हुई थी। क्योंकि बियानी की होल्डिंग कंपनी लोन का पेमेंट करने में डिफॉल्ट कर गई थी। इससे पहले भारत के रिटेल सेक्टर के पोस्टर ब्वॉय के नाम से मशहूर बियानी ने कई अन्य संभावित निवेशकों के साथ भी चर्चाएं की हैं। अमेरिका स्थित रिटेल कंपनी अमेजन जैसी बड़ी कंपनियों ने भी फ्यूचर ग्रुप में दिलचस्पी दिखाई थी लेकिन आरआईएल के साथ एक डील ने बियानी के कर्ज के मुद्दों का पूरी तरह से समाधान कर दिया है। बता दें कि लगातार कर्ज में इजाफा के कारण रेटिंग एजेंसी ICRA ने मार्च में बियानी की कंपनी को निगेटिव रेटिंग दी थी। इस समय फ्यूचर ग्रुप कैश की कमी से जूझ रहा है। पिछले सप्ताह 50 करोड़ डॉलर की फॉरेन करेंसी बॉन्ड में 100 करोड़ का डिफॉल्ट किया था।

    1980 के दशक का है बियानी का यह कारोबार

    फ्यूचर रिटेल ग्रुप 1980 के दशक के आखिरी वर्षों से ही रिटेल बिजनेस में सक्रिय है। उस दौरान ही ग्रुप ने संगठित रिटेल बिजनेस खड़ा किया।1991 में ही इसके प्रमुख किशोर बियानी ने अपनी कंपनी का नाम पेंटालून फैशन लिमिटेड कर दिया। 2001 में कंपनी ने पूरे देश में बिग बाजार स्टोर खोले।

    साड़ियों के कारोबार से बिग बाजार तक का सफर

    साड़ियों का कारोबार करने वाले मारवाड़ी परिवार में जन्मे किशोर बियानी की 1987 में पैंटालून की शुरुआत की थी। इसे 2012 में अन्होंने आदित्य बिड़ला ग्रुप को कर्ज के चलते बेचा। इस ब्रैंड के जरिए मशहूर हुए बियानी ने कोलकाता से बिग बाजार की शुरुआत की थी। इसके बाद हैदराबाद और बेंगलुरु में इसका विस्तार किया गया था। धीरे-धीरे बिग बाजार ने देश के लगभग हर बड़े शहरों तक अपनी पहुंच बना ली।



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