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Unlock 1.0: जानिए स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थानों को लेकर क्या कहती है नई गाइडलाइन


Unlock 1.0: किसी भी शिक्षण संस्थान को खोलने के लिए राज्य सरकार को संस्थान से जुड़े लोगों और वहां पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से बातचीत करनी होगी.

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नई दिल्ली. गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने लॉकडाउन 5.0 (Lockdown 5.0) के लिए नई गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं. लॉकडाउन 5.0 को गृह मंत्रालय द्वारा अनलॉक 1.0 (Unlock 1.0) का नाम दिया गया है. नई गाइडलाइन्स के अनुसार देशभर के कंटेनमेंट जोनों में लॉकडाउन 30 जून तक बढ़ा दिया गया है. गाइडलाइंस के मुताबिक, लॉकडाउन 3 फेज में खुलेगा.
कब खुल सकते हैं स्कूल और कॉलेज
सरकार ने पहले फेज में 8 जून से धार्मिक स्थल, होटल, सैलून, रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत दे दी है. फेज 2 में कोचिंग सेंटर, कॉलेज, कोचिंग सेंटर खुल सकेंगे. इसके लिए गृह मंत्रालय ने कुछ गाइडलाइन जारी की है. आइए जानते हैं इसके बारे में...
- किसी भी शिक्षण संस्थान को खोलने के लिए राज्य सरकार को संस्थान से जुड़े लोगों और वहां पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता से बातचीत करनी होगी.
- माता-पिता और स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन सेंटर और कोचिंग इंस्टिट्यूट से बातचीत करने के बाद राज्य सरकार द्वारा एक डाटा तैयार किया जाएगा.
- इसको तैयार करने के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और इन संस्थानों को खोलने पर विचार किया जाएगा.
- ऐसा माना जा रहा है कि स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन सेंटर और कोचिंग इंस्टिट्यूट को खोलने का फैसला जुलाई में लिया जा सकता है.
स्वास्थ्य मंत्रालाय जारी करेगा स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर
शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की इजाजत मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर जारी करेगा.
- इसमें चेहरे पर मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग में बैठना, एक-दूसरे से हाथ न मिलना जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं. ऐसा माना जा रहा है कि स्कूलों को एक बेंच छोड़कर बच्चों को बैठने की इजाजत दी जाएगी.
- माना ये भी जा रहा है कि अनलॉक 1.0 (Unlock 1.0) के फेज 2 में स्कूलों में उन्हीं क्लास के बच्चों को बुलाने की अनुमति मिलेगी जो समझदार हैं.
- पहली से पांचवीं कक्षा तक की कक्षाएं शुरू करने के लिए अभी कोई विकल्प तैयार नहीं, सरकार इन कक्षाओं के छात्रों के लिए हालात सामान्य होने का इंतजार कर सकती है.
- नौवीं से 12वीं कक्षा की कक्षाएं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शुरू की जा सकती हैं.
- जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या ज्यादा हैं वहां पर सुबह-शाम शिफ्ट में कक्षाएं जारी की जा सकती हैं.

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