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YouTuber Case: BJP नेता की शिकायत पर एक्शन, 4 यूट्यूबर्स पर FIR, ऐसे कर रहे थे ब्लैकमेल

 

 प्रतीकात्मक तस्वीर फोटोसोशल मीडिया

हरियाणा के नूंह-मेवात में यूट्यूबर की भरमार है. सोशल मीडिया पर चैनल बना कर अब यूट्यूबर लोगों को ब्लैकमेल भी कर रहे हैं. ब्लैकमेल कर वीडियो डिलीट करने की एवज मे मोटी रकम मांगी जाती है. ताजा मामला नूंह के पुन्हाना थाना क्षेत्र अंतर्गत लुहिंगा कलां गांव का है. यहां पर पूर्व सरपंच भाजपा नेता सलीम की शिकायत पर पुलिस ने यूट्यूबर सहित करीब दो दर्जन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

दरअसल, लुहिंगा कला गांव के पूर्व सरपंच एवं भाजपा नेता सलीम ने शिकायत में बताया कि वह अपने भाई के साथ पंचायत की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने के लिए गए थे. उसी दौरान कुछ गांव के लोगों ने उनके साथ झगड़ा किया था. उस झगड़े की आपत्तिजनक वीडियो गांव के कुछ लोगों ने उपरोक्त यूट्यूबर के माध्यम से उनकी छवि खराब करने के लिए अपने चैनल पर अपलोड की थी. बाद में इसे डिलीट करने की एवज में 10000 रुपये मांगे गए.

उन्होंने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तकरीबन चार यूट्यूबर सहित कई अन्य ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दी है. पुन्हाना पुलिस ने इस मामले में तकरीबन 20 – 25 लोगों के खिलाफ नाम से मुकदमा दर्ज कर लिया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद यूट्यूबर चैनल सहित अन्य लोगों की मुश्किल है अब बढ़ गई है. डीएसपी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही उपरोक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.  उन्होंने बताया कि यूट्यूब चैनल रिपब्लिक मेवात, पल-पल मीडिया, उज्जवल मेवात इत्यादि सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

उन्होंने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तकरीबन चार यूट्यूबर सहित कई अन्य ग्रामीणों के खिलाफ शिकायत दी है. पुन्हाना पुलिस ने इस मामले में तकरीबन 20 – 25 लोगों के खिलाफ नाम से मुकदमा दर्ज कर लिया है. मुकदमा दर्ज होने के बाद यूट्यूबर चैनल सहित अन्य लोगों की मुश्किल है अब बढ़ गई है. डीएसपी अजय सिंह ने बताया कि जल्द ही उपरोक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा.  उन्होंने बताया कि यूट्यूब चैनल रिपब्लिक मेवात, पल-पल मीडिया, उज्जवल मेवात इत्यादि सहित करीब 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

गौरतलब है कि कुछ यूट्यूबर न्यूज़ चैनल की तर्ज पर माइक आईडी लेकर शहर में घूमते रहते हैं. इन्हें देख लोग पत्रकार समझ लेते हैं. इसी बात का यूट्यूबर भरपूर फायदा उठा रहे हैं. इतना ही नहीं, यूट्यूबर ने प्रेस का फर्जी आईडी कार्ड भी रखते हैं.


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