Skip to main content

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस MLA से भिड़े धनखड़:नोटिस भेज आरोपों के सबूत मांगे; वत्स ने कहा था- काम में रोड़ा बने बैठे

 


हरियाणा कांग्रेस के विधायक कुलदीप वत्स को भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओपी धनखड़ के खिलाफ बयानबाजी करना महंगा पड़ गया है। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनखड़ ने वत्स को अपने वकील के जरिए लीगल नोटिस भेजा है। धनखड़ ने लीगल नोटिस के माध्यम से 15 दिन के अंदर कांग्रेस विधायक से झूठे और तथ्यहीन आरोपों के सबूत मांगे हैं।

सबूत न होने पर कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स को बादली हलके के लोगों और धनखड़ से बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा है। लीगल नोटिस के अनुसार, झूठे और तथ्यहीन आरोपों के सबूत न होने पर और माफी न मांगने पर कांग्रेस विधायक कानूनी प्रक्रिया का सामना को करना होगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाए
बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा के राष्ट्रीय सचिव धनखड़ पर आरोप लगाए थे कि वह हलके के विकास में बाधा डाल रहे हैं। धनखड़ के वकील के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस विधायक ने मीडिया को उक्त आरोपों के कोई सबूत नहीं दिए। इससे बादली हलके की जनता में भी आक्रोश है।

झज्जर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फोटोग्राफ दिखाते कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स।
झज्जर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फोटोग्राफ दिखाते कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स।

2 दिन पहले की थी प्रेस कॉन्फ्रेंस
झज्जर PWD रेस्ट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विधायक कुलदीप ने 2 दिन पहले कहा था कि बादली विधानसभा क्षेत्र के कई ऐसे गांव हैं, जिनमें पास हुए विकास कार्यों को रुकवाने का काम पूर्व मंत्री और उनके चहेते लोग कर रहे हैं।

बादली क्षेत्र की जनता ने 2014 में ओमप्रकाश धनखड़ को जिताकर विधानसभा में भेजा था, और वह 2014 से लेकर 2019 तक मंत्री रहे हैं। वह बार-बार कहते हैं कि 1600 करोड़ रुपए के विकास कार्य उन्होंने बादली क्षेत्र में कराए हैं।

1600 करोड़ रुपए का पूछा था हिसाब
वत्स ने कहा कि वह धनखड़ से पूछना चाहते हैं कि वह 1600 करोड़ रुपए कहां गए? बादली क्षेत्र में तो विकास कार्य नहीं हुए। विकास कार्य न होने पर ही 2019 के चुनाव में बादली विधानसभा क्षेत्र की जनता ने ओमप्रकाश धनखड़ को चुनाव में हराया। इसके बाद वह बादली के विकास कार्यों में रोड़ा बनकर बैठे हैं। बादली क्षेत्र के लोगों के लाखों रुपए के चालान काटकर उन्हें परेशान किया जा रहा है।

फाइल का भी किया था जिक्र
कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को ED और इनकम टैक्स छापेमारी का घमंड है। हमारे पास फाइल है। तथ्यों के साथ उन्हें फाइल दी जाएगी। हम पूछेंगे कि CBI, ED क्या केवल विपक्ष के नेताओं के लिए है।

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...