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हरियाणा लोकसभा चुनाव में पार्टियों का गणित:​​​​​​​कांग्रेस 4 और BJP 3 सीटों पर जीत पक्की मान रही; बाकी सीटों पर टफ फाइट

 


हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर BJP और कांग्रेस ने जीत-हार का गणित तैयार कर लिया है। औपचारिक तौर पर तो दोनों पार्टियां सभी 10 सीटों पर जीत का दावा ठोंक रही हैं। हालांकि, पार्टियों की इंटरनल रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। ये रिपोर्ट मतदान के बाद पार्टियों की समीक्षा बैठक में आई।



पहले BJP की बात करें तो उसे 3 सीटों पर जीत पक्की लग रही है। वहीं, कांग्रेस को 4 सीटों पर जीत का पक्का भरोसा है। बाकी सीटों पर दोनों पार्टियां टफ फाइट कबूल कर रही हैं।

BJP और कांग्रेस की जीत के दावों का आधार क्या, 2 पाइंट में जानिए...

1. बड़े चेहरों पर BJP को भरोसा
BJP ने करनाल, हिसार और गुरुग्राम सीट पर जीत तय मानी है। इसकी वजह यहां के उम्मीदवार हैं। करनाल से भाजपा ने CM कुर्सी से हटे मनोहर लाल खट्‌टर को उम्मीदवार बनाया है। खट्‌टर साढ़े 9 साल हरियाणा के CM रहे हैं।

हिसार से भाजपा को पूर्व डिप्टी PM चौधरी देवीलाल और पूर्व CM भजनलाल परिवार से उम्मीद है। भाजपा ने यहां से चौधरी देवीलाल के बेटे रणजीत चौटाला को टिकट दी है। वहीं, पूर्व CM भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई ने उनके लिए प्रचार किया।

गुरुग्राम में भाजपा ने 5 बार के सांसद राव इंद्रजीत सिंह को टिकट दी, जो कांग्रेस से भाजपा में आने के बाद भी लगातार 2 बार चुनाव जीते। हालांकि, कांग्रेस ने यहां से राज बब्बर को टिकट देकर समीकरण बिगाड़े, लेकिन भाजपा को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के चेहरे पर ही भरोसा है।

इसके अलावा भाजपा को अंबाला, भिवानी-महेंद्रगढ़, रोहतक, सोनीपत, सिरसा, फरीदाबाद और कुरूक्षेत्र में कांग्रेस से सीधी टक्कर होने की उम्मीद है। हालांकि, भाजपा का दावा है कि यहां जीत जरूर होगी, लेकिन मार्जिन कम रह सकता है।

कांग्रेस 4 उम्मीदवारों की जीत पक्की मान रही है।
कांग्रेस 4 उम्मीदवारों की जीत पक्की मान रही है।

2. कांग्रेस को दिग्गजों पर भरोसा
कांग्रेस की बात करें तो उन्हें 4 सीटों पर जीत पक्की लग रही है। इनमें भिवानी-महेंद्रगढ़, रोहतक, सोनीपत और सिरसा शामिल हैं। भिवानी-महेंद्रगढ़ में कांग्रेस को विधायक राव दान सिंह पर भरोसा है।वहीं, रोहतक में कांग्रेस पूर्व CM भूपेंद्र हुड्डा के बेटे दीपेंद्र हुड्‌डा की जीत का भरोसा है। पिछली बार वह भाजपा उम्मीदवार डॉ. अरविंद शर्मा से करीब 7 हजार वोटों से ही हारे थे।

सोनीपत में कांग्रेस को सतपाल ब्रह्मचारी पर भरोसा है। इसकी बड़ी वजह जींद जिले की 3 जींद, सफीदों और जुलाना विधानसभा सीटें हैं, जहां से कांग्रेस को एकतरफा लीड की उम्मीद है। सिरसा से कांग्रेस की दिग्गज कुमारी सैलजा की बदौलत जीत नजर आ रही है।

करनाल और गुरुग्राम सीट पर कांग्रेस की इंटरनल रिपोर्ट अच्छी नहीं है। करनाल से युवा नेता दिव्यांशु बुद्धिराजा और गुरुग्राम से राज बब्बर को टिकट दी गई है। यहां कांग्रेस खुद को पिछड़ा हुआ मान रही है।

वहीं, अंबाला, फरीदाबाद और हिसार सीट पर कांग्रेस BJP से कड़ी टक्कर मान रही है। अंबाला में बंतो कटारिया के खिलाफ वरूण मुलाना, फरीदाबाद से केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के खिलाफ महेंद्र प्रताप और हिसार से रणजीत चौटाला के खिलाफ जयप्रकाश जेपी को टिकट दी गई है।

BJP अकेले चुनाव लड़ रही, कांग्रेस ने AAP से गठजोड़ किया
हरियाणा में BJP अकेले लोकसभा चुनाव लड़ रही है। हालांकि, पहले उनका जननायक जनता पार्टी (JJP) से गठबंधन था, जो सीट शेयरिंग न होने पर टूट गया। वहीं, कांग्रेस इंडी गठबंधन के तहत AAP से मिलकर चुनाव लड़ रही है।

कांग्रेस ने AAP को कुरूक्षेत्र लोकसभा सीट दी है, जहां से सुशील गुप्ता उम्मीदवार हैं। इस सीट पर भाजपा ने उद्योगपति नवीन जिंदल को उम्मीदवार बनाया है। दोनों ही पार्टियां यहां टफ फाइट मानकर चल रही हैं।

सिलसिलेवार ढंग से पढ़ें BJP और कांग्रेस की इंटरनल रिपोर्ट का ब्यौरा...

हरियाणा की 6 लोकसभा सीटों पर भाजपा की टेंशन:2 पर हालत खराब, 4 में टफ फाइट

हरियाणा में लोकसभा चुनाव की वोटिंग के बाद अब राजनीतिक दलों ने समीक्षा शुरू कर दी है। 27 मई को पंचकूला में भाजपा की रिव्यू मीटिंग हुई, जिसमें इंटरनल रिपोर्ट पेश की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, 2 सीटें सिरसा और रोहतक की रिपोर्ट खराब मिली है।

वहीं, 4 सीटें सोनीपत, अंबाला, कुरुक्षेत्र और भिवानी-महेंद्रगढ़ पर टफ फाइट निकलकर सामने आई है। हालांकि, समीक्षकों ने यह भी कहा है कि जीत पार्टी उम्मीदवार की ही होगी, लेकिन जीत का मार्जिन कम हो जाएगा


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