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Lok Sabha Elections 2024: हरियाणा में बीजेपी को बड़ा झटका, पूर्व मंत्री ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस में होंगे शामिल,पूर्व CM भूपेंद्र हुड्‌डा गुट के जरिए एंट्री, रामपुरा हाउस के धुर विरोधी



Haryana News: हरियाणा में चुनावी को लेकर जैसे-जैसे सरगर्मियां तेज होती जा रही है. वैसे-वैसे राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी ताकत दिखाने में जुटी हुई है. इस दौरान पार्टियों में नेताओं बद-बदल की शुरूआत हो गई है. लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने अब बीजेपी छोड़ने का फैसला किया है. साल 2019 के चुनाव से पहले उन्होंने बीजेपी ज्वाइन की थी, लेकिन अब पहले इनेलो और अब बीजेपी से भी उनका मोहभंग हो गया है. अब कल यानि बुधवार को वो कांग्रेस का दामन थामने वाले है.

हुड्डा गुट के जरिए होगी कांग्रेस में एंट्री
पूर्व मंत्री जगदीश यादव की पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हु़ड्‌डा के जरिए कांग्रेस में एंट्री होगी. जगदीश यादव गुरुग्राम से अपने समर्थकों के साथ पहले राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी पर पहुंचेंगे उसके बाद वे पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा और अन्य नेताओं की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन करेंगे. 

बदल सकते है कोसली विधानसभा के समीकरण
जगदीश यादव बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने से रेवाड़ी जिले की कोसली विधानसभा के राजनीतिक समीकरण बदल सकते है. कोसली विधानासभा सीट पर जगदीश यादव की मजबूत पकड़ मानी जाती है. जगदीश यादव बंसीलाल सरकार में पहली बार 1996 में मंत्री बने थे. इसके बाद वे इनेलो की कसती में सवार हो गए. इसके बाद वे इनेलो की टिकट पर कांग्रेस उम्मीदवार से चुनाव हार गए. इसके बाद 2014 वे बीजेपी उम्मीदवार से हार गए. 

वहीं 2019 में उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली, लेकिन उन्हें 2019 के चुनावों में टिकट नहीं मिल पाई. जिसके बाद भी वे बीजेपी में बने रहे. लेकिन अब काफी समय से उनकी पूर्व सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्‌डा से नजदीकियों की खबरें आ रही थी



रामपुरा हाउस के धुर विरोधी जगदीश
दक्षिण हरियाणा की राजनीति में रामपुरा हाउस का पूरा दखल रहा है, लेकिन पूर्व मंत्री जगदीश यादव एंटी रामपुरा हाउस की राजनीति करते आए हैं। पिछले चुनावों में जिन कांग्रेस और बीजेपी उम्मीदवारों से जगदीश यादव को हार का सामना करना पड़ा वो रामपुरा हाउस समर्थित ही रहे। 4 साल पहले जब पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने इनेलो छोड़ भाजपा जॉइन की थी तो उस समय केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत पहले से भाजपा में थे।

पूर्व मंत्री जगदीश यादव कोसली से टिकट की आस में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन यहां भाजपा ने अपने पुराने पदाधिकारी और राव इन्द्रजीत सिंह की पसंद से लक्ष्मण सिंह यादव को टिकट दिया, जिन्हें जीत भी मिली। टिकट नहीं मिलने के कारण जगदीश यादव चुनाव भी नहीं लड़ पाए और तभी से उनके अलग राह पकड़ने की झलक दिखने लग गई थी।

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