Skip to main content

Haryana:DFSC ऑफिस का कंप्यूटर ऑपरेटर रिश्वत लेते काबू:ACB ने की कार्रवाई; राइस मिल मालिक से पेमेंट रिलीज करने को मांगे 15 हजार



हरियाणा के जींद में एंटी करप्शन ब्यूरो यूनिट रोहतक ने बुधवार को DFSC कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने राइस मिल मालिक की पेमेंट रिलीज करने की एवज में रिश्वत की डिमांड की थी। जिसके बाद राइस मिल मालिक ने ACB से मामले की शिकायत की।

जाखल निवासी अमर जिंदल ने एंटी करप्शन ब्यूरो को दी शिकायत में बताया कि उसका नरवाना में राइस मिल है। साल 2022-23 की उसकी पेमेंट, ट्रांसपोर्ट खर्च की पेमेंट दो लाख 75 हजार रुपए बकाया थी। जिसमें से 5 लाख 85 हजार का भुगतान पहले कर दिया गया था। DFSC कार्यालय का कंप्यूटर ऑपरेटर असीन खान पेमेंट रिलीज करने की एवज में तीन प्रतिशत मांग रहा है।

FCI से ट्रांसफर होकर 20 दिन पहले DFSC कार्यालय पहुंची रकम
राशि FCI से ट्रांसफर होकर DFSC कार्यालय में 20 दिन पहले आ गई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत के आधार पर रेडिंग पार्टी का गठन किया। जिसकी कमान एसीबी के डीएसपी सुमित कुमार को सौंपी गई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर बिजली निगम रोहतक के एक्सियन गगन पांडे को शामिल किया गया। जबकि, शेडो गवाह बिजली निगम के एसडीओ नरेंद्र कुमार को बनाया गया।

रेडिंग टीम ने शिकायतकर्ता को पाउडर लगा दी रकम ​​​​​​​
रेडिंग टीम ने शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपए की राशि ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा हस्ताक्षरित करा पाउडर लगाकर दे दिए। योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कंप्यूटर ऑपरेटर से संपर्क साधा तो उसने लघु सचिवालय स्थित DFSC कार्यालय में बुला लिया। इशारा मिलते ही रेडिंग टीम ने असीन खान को काबू कर लिया। उसके कब्जे से रिश्वत राशि 15 हजार रुपए बरामद कर ली। हाथ धुलवाए जाने पर उनका रंग लाल हो गया।

एसीबी के डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि राशि रिलीज करने की एवज में रिश्वत लेते कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों काबू किया है। अन्य लोगों की संलिप्तता के बारे में आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है...? भरोसा किस पर किया जाए...? रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं 12 वाले सर्वेसर्वा बन गये, 19 लुप्त हो गये आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया

  रेवाड़ी शहर से जीते हुए निर्दलीय पार्षदों ने निसंदेह ही लोकतंत्र को शर्मशार कर दिया है।* *जनता के बीच वे सब जवाब देह हैं।* *भरोसा किस पर किया जाए?*  *रेवाड़ी के नागरिक अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं सवाल यह है भी है कि  लोकतंत्र क्या केवल भाषणों में सुनने और कागजों में ही पढ़ने तक ही सीमित है? क्या उसका कोई व्यवहारिक पहलू नहीं है? आज भी आप के लिए यह थोड़े ठण्डे मन से सोचने की दरकार है। विकास की दलील भी बिल्कुल बेतुकी तार्किक है। कम बजट में भी आप ईमानदारी से, बिना किसी भ्रष्टाचार के, जनता की असली समस्याओं को केन्द्रित कर, जनता की कमेटियां बना कर, जनता की निगरानी में कराते तो हरियाणा की नगर पालिका के इतिहास में एक बड़ी लकीर खींच सकते थे। आपका निजी फैसला न तो जनतंत्र की रक्षा कर पाया, न ही आपके - एक पार्षद होने के सम्मान की रक्षा कर पाया। *पूरे रेवाड़ी शहर की सरकार, इसका बजट, विकास कार्यों के निर्णय लेने का अधिकार सब कुछ तो आपकी मुट्ठी में आ गया था। ना जाने क्यूं आपने अपनी मुट्ठी इतनी सहज ढंग से उन्हीं की झोली में खोल दी जिनके खिलाफ आप चुन कर आए थे।* नगर परिषद का चेयर...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...