Skip to main content

Haryana :रेवाड़ी नगर परिषद फाइनेंस कमेटी, चेयरपर्सन भाजपा की हाउस में पूरा बहुमत, लेकिन उसके बाद भी दो पार्षदों के नाम पर सहमति नहीं बनी, फिर भी इस कमेटी में कांग्रेस के एक पार्षद की अच्छे खासे मार्जन के साथ एंट्री हो गई....?

        


          हरियाणा के रेवाड़ी शहर स्थित नगर परिषद हाउस और बजट की मीटिंग इस बार  रेस्ट हाउस में हुई। बैठक में खास बात यह रही कि फाइनेंस और कॉन्ट्रैक्ट कमेटी के गठन में 2 पार्षदों की आम सहमति नहीं बनने पर चली आ रही जद्दोजहद वोटिंग के साथ खत्म हो गई। नगर परिषद में भाजपा के पास बहुमत है, लेकिन फिर भी इस कमेटी में कांग्रेस के एक पार्षद की अच्छे खासे मार्जन के साथ एंट्री हो गई।

फाइनेंस कमेटी को लेकर चर्चा की गई, लेकिन 31 में से 2 पार्षदों के नाम पर सहमति नहीं बनने पर वोटिंग कराई गई। कमेटी में शामिल होने के लिए 5 पार्षद मैदान में थे।

दरअसल, 1 करोड़ रुपए तक के प्रशासनिक कार्यों की स्वीकृति की पावर इसी कमेटी को मिलनी है। ऐसे में पिछले 15 दिनों से शहर के तमाम पार्षद धडेबंदी में लगे हुए थे।

कमेटी में शामिल होने के लिए पार्षद मनीष गुप्ता, प्रवीण चौधरी, लोकेश यादव, सरिता व मोनिका यादव पांच ने ताल ठोकी हुई थी। बुधवार को कमेटी में दो पार्षदों को शामिल करने के लिए वोटिंग कराई गई, जिसमें कांग्रेस समर्थित प्रवीण चौधरी को 18 व भाजपा पार्षद मनीष गुप्ता को 15 वोट मिले। इन दोनों को कमेटी में शामिल कर लिया गया है।

शायद ही कभी ऐसा हुआ होगा जब नगर परिषद हाउस की मीटिंग में मीडिया कर्मियों को दूर रखा गया हो, लेकिन आज की बैठक में मीडिया कर्मियों को एंट्री नहीं मिली। रेस्ट हाउस के हाल में बंद कमरे के भीतर मीटिंग हुई।

1 करोड़ रुपए तक की पावर

नगर परिषद की फाइनेंस कमेटी में प्रधान, उप प्रधान, हाउस द्वारा चुने हुए 2 पार्षद के साथ ही मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सदस्य होंगे। कमेटी के पास 1 करोड़ रुपए तक के कामों की प्रशासनिक स्वीकृति की पावर होगी।

  

Comments

Vyas Media Network

Vyas Media Network

Popular posts from this blog

पूर्व सीएम के PA ने रेवाड़ी CMO को बताया अनुभवहीन:CM सैनी से की शिकायत; बोले- स्वास्थ्य मंत्री अस्पताल पर ध्यान नहीं दे रहीं

     सीएम नायब सैनी काे ज्ञापन सौंपते हुए पूर्व CM के पीएम अभिमन्यू यादव हरियाणा के रेवाड़ी का सरकारी अस्पताल सुर्खियों में आ गया है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के PA अभिमन्यु यादव ने स्वास्थ्य मंत्री पर आरोप लगाया कि वो गृह जिले की सुविधाओं का ध्यान नहीं कर रही है। जिसके चलते यहां व्यवस्था बदहाल हो गई है। रेवाड़ी अस्पताल को लेकर अभिमन्यु यादव ने सीएम नायब सैनी को शिकायती पत्र में कहा कि रेवाड़ी का CMO अनुभवहीन है। सीएमओ को पॉलीक्लिनिक चलाने का ही अनुभव है। अनुभवहीन सीएमओ के कारण यहां की व्यवस्था बिगड़ रही है। जिससे पूरे अस्पताल के प्रबंधन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। अभिमन्यु यादव के पत्र के अहम प्वाइंट 1. रेडियोलॉजिस्ट की कमी: रेवाड़ी अस्पताल में नियुक्त रेडियोलॉजिस्ट को प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। जिससे यहां कोई नियमित रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। अल्ट्रासाउंड की तारीख 3 महीने बाद की दी जाती है। कभी-कभी केस की तारीख के कारण यह तारीख 3 महीने और आगे बढ़ जाती है। 2. त्वचा रोग विभाग पूर्णत निष्क्रिय: डर्मेटोलॉजी विभाग में कोई स्किन स्पेशलिस्ट नहीं कार्यरत है। जिससे मरीजों ...

रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी, BJP के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए, जहां राव का इशारा होता है, वहां समीकरण बदल जाते हैं

    रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव: राव साहब की नाराज़गी भाजपा को पड़ सकती है भारी! रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव को लेकर भाजपा इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही। पार्टी अच्छी तरह जानती है कि राव इंद्रजीत सिंह अगर नाराज़ हुए, तो पूरा खेल बिगड़ सकता है। दक्षिण हरियाणा की राजनीति में राव साहब अपनी रणनीति, संगठन क्षमता और पसंदीदा उम्मीदवार को जिताने की ताकत के लिए जाने जाते हैं। इसका सबसे ताज़ा उदाहरण मानेसर निगम चुनाव रहा, जहां भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन अपनी पसंद के प्रत्याशी सुंदरलाल को जीत नहीं दिला सकी। कारण साफ था—राव साहब ने अपनी समर्थक डॉ. इंद्रजीत यादव को निर्दलीय मैदान में उतार दिया और जीत भी दिलवा दी। वहीं, पिछले रेवाड़ी नगर परिषद चुनाव में भी राव साहब का दबदबा साफ नजर आया। उन्होंने अपनी समर्थक पूनम यादव को टिकट दिलवाकर मैदान में उतारा। संगठन के कुछ नेताओं ने अंदरखाने विरोध और बगावत की, लेकिन भीतरघात के बावजूद राव समर्थक पूनम यादव अध्यक्ष बनने में सफल रहीं। अब आगामी चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि राव साहब को साथ रखे या राजनीतिक नुकसान उठाए। क्य...

नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के फिर दबाव में आएगी भाजपा...?

      राव समर्थक या संगठन का होगा चेहरा   रेवाड़ी नगर परिषद चेयरपर्सन पद के चेहरे को लेकर भाजपा में लगातार मंथन का दौर जारी है। आम लोगों में चर्चा है कि क्या गत विधानसभा चुनाव की तरह नगर निकाय चुनाव में भी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह  को तरजीह मिलेगी या फिर पार्टी संगठन अपनी चला पाएगा। टिकट लेने की लाइन में एक तरफ तो वह चेहरे है जो वर्षों से पार्टी में रहकर संगठन को मजबूत कर रहे हैं। वहीं दूसरी और केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह के खास समर्थक है जो राव के आशीर्वाद से टिकट प्राप्त करना चाहते हैं। । गत विधानसभा चुनाव की बात करें तो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह को पार्टी ने फ्री हैंड दिया था। जिस तरह से पार्टी ने उन पर विश्वास जताया था उसका परिणाम भी सामने आया था। दक्षिणी हरियाणा की 11 विधानसभा सीटों में से  10 विधानसभा सीट जीत कर भाजपा की झोली में डाली थी। भाजपा जानती है कि केंद्रीय मंत्री  राव इंदरजीत सिंह का इस क्षेत्र में काफी प्रभाव है। पार्टी राव की नाराजगी मोल लेकर  अपने दम पर चुनाव में चेहरा उतारने का दम नहीं दिखा पा रही। चर्चा यह...