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रेवाड़ी में फर्जी तरीके से नाम कराई दुकान:हिस्सेदार की मौत के बाद परिवार को भनक तक नहीं लगी; पार्षद सहित कई पर FIR



 हरियाणा/रेवाड़ी शहर की टीपी स्कीम कालोनी के रहने वाले एक व्यक्ति ने कुछ लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर सब्जी मंडी स्थित दुकान की हिस्सेदारी हड़पने का आरोप लगाते हुए शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। शिकायत में एक नगर पार्षद व मार्केट कमेटी के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।

पुलिस को दी शिकायत में टीपी स्कीम कालोनी के रहने वाले राकेश कुमार ने कहा है कि उनके पिता किशनलाल व मोहनलाल धींगड़ा की नई सब्जी मंडी में बराबर की हिस्सेदारी में दुकान थी। 21 अगस्त 1980 में मार्केट कमेटी में दोनों के दुकान में बराबर हिस्सेदारी के नाम दर्ज है। पिता की मौत के बाद हिस्सेदारी का पता लगा

इस दुकान के बारे में उनके पिता किशनलाल ने परिवार को कभी भी कुछ नहीं बताया था। 16 जून 1988 को उनके पिता किशनलाल का देहांत हो गया था। अब उन्हें दुकान में उनके पिता की हिस्सेदारी का पता लगा। उन्होंने मार्केट कमेटी से दुकान में बारे में जानकारी हासिल की तो पता लगा कि उनके पिता का कोई भी वारिस नहीं है, ऐसा दिखा कर मोहनलाल धींगड़ा के परिवार ने पूरा हिस्सा अपने नाम करा लिया।

शिकायत में राकेश कुमार ने कहा है कि मई 2013 में मार्केट कमेटी में दिए गए दस्तावेजों में पहले उनके पिता किशनलाल का कोई वारिस नहीं होना दर्शाया गया है। 15 दिन बाद ही किशनलाल के वारिस उनकी पत्नी चंद्रकला, पुत्र राकेश कुमार, पुत्री अनीता व प्रेमलता के नाम से फर्जी इन्डेम्निटी बांड व ट्रांसफर करने के चार फर्जी हलफनामे भी जमा करा दिए गए।मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की मिलीभगत 

हलफनामा में दर्शाया गया है कि किशनलाल के वारिसों को दुकान की हिस्सेदारी ट्रांसफर करने में कोई एतराज नहीं है। शिकायत में आरोप है कि हलफनामा पर पार्षद दलीप माटा द्वारा सत्यापित करना भी दर्शाया गया है। उनकी उम्र भी हलफनामा में गलत दर्ज की हुई है। दुकान की हिस्सेदारी हड़पने के लिए मार्केट कमेटी के कर्मचारियों की मिलीभगत भी शामिल है।

फिलहाल शहर थाना पुलिस ने राकेश कुमार की शिकायत पर दिलबाग धींगड़ा, यश धींगड़ा, विजय धींगड़, राज धींगडा, कमलेश, सुदेश, पार्षद दलीप माटा, विमल अरोड़ा व मार्केट कमेटी के अज्ञात कर्मचारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।



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